{"_id":"69752907ae376d9071024378","slug":"the-mustard-crop-lying-in-the-fields-was-damaged-by-rain-and-strong-winds-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1023-150409-2026-01-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: बारिश और तेज हवा से खेतों में बिछी सरसों की फसल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: बारिश और तेज हवा से खेतों में बिछी सरसों की फसल
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 25 Jan 2026 01:48 AM IST
विज्ञापन
छछरौली क्षेत्र में तेज हवा से खेतों में बिछी सरसों की फसल। संवाद
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में शुक्रवार रात करीब साढ़े 10 बजे और शनिवार तड़के तीन बजे एक बार फिर हुई बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि बारिश कुछ ही देर में थम गई, लेकिन एक दिन पहले हुई तेज बारिश और आंधी का असर जिलेभर में साफ नजर आया। कई स्थानों पर गेहूं और सरसों की फसल खेतों में बिछ गई, जिससे किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
सबसे ज्यादा नुकसान सरसों की फसल को हुआ है। इन दिनों सरसों की फसल पूरी तरह से पीले फूलों से लहलहा रही थी। वहीं फसल में बालियां आने के बाद इनमें दाना बनने लगा था। अच्छी पैदावार की उम्मीद लगाए किसान अब मायूस नजर आ रहे हैं। तेज हवा और बारिश के कारण सरसों की फसल बड़े पैमाने पर खेतों में गिर गई है। इससे न केवल उत्पादन घटने की आशंका है, बल्कि गुणवत्ता पर भी असर पड़ेगा।
हालांकि गेहूं की फसल को फिलहाल ज्यादा नुकसान नहीं माना जा रहा है। गेहूं की फसल अभी छोटी है और किसानों का कहना है कि मौसम साफ होने पर यह दोबारा खड़ी हो जाएगी। इसके बावजूद लगातार बदलते मौसम ने गेहूं उत्पादकों की भी चिंता बढ़ा दी है।
बारिश और तेज हवा का असर सिर्फ फसलों तक ही सीमित नहीं रहा। जिले के कई इलाकों में खेतों में लगे पॉपुलर के पेड़ जड़ से उखड़ गए, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। इसके अलावा कई जगह गन्ने की फसल भी बिछ गई है, जिससे कटाई और उत्पादन दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने बताया कि गेहूं की फसल को अभी ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन सरसों की फसल को भारी क्षति पहुंची है। उन्होंने कहा कि कई खेतों में सरसों पूरी तरह से बिछ चुकी है और किसानों को नुकसान का डर सता रहा है।
मौसम विभाग ने 27 और 28 जनवरी को एक बार फिर बारिश की संभावना जताई है। यदि इस दौरान ओलावृष्टि या तेज हवा चली तो फसलों को और अधिक नुकसान हो सकता है। ऐसे में किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए मौसम के मिजाज पर नजर बनाए हुए हैं और सरकार से नुकसान का आकलन कर मुआवजे की मांग की उम्मीद कर रहे हैं।
बारिश से किसी ब्लॉक में फसलों को कोई नुकसान हुआ है या नहीं इस बारे में खंड कृषि अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद ही पता चल पाएगा कि कितना नुकसान हुआ है। - डॉ. आदित्य डबास, उपनिदेशक, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग।
Trending Videos
यमुनानगर। जिले में शुक्रवार रात करीब साढ़े 10 बजे और शनिवार तड़के तीन बजे एक बार फिर हुई बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि बारिश कुछ ही देर में थम गई, लेकिन एक दिन पहले हुई तेज बारिश और आंधी का असर जिलेभर में साफ नजर आया। कई स्थानों पर गेहूं और सरसों की फसल खेतों में बिछ गई, जिससे किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
सबसे ज्यादा नुकसान सरसों की फसल को हुआ है। इन दिनों सरसों की फसल पूरी तरह से पीले फूलों से लहलहा रही थी। वहीं फसल में बालियां आने के बाद इनमें दाना बनने लगा था। अच्छी पैदावार की उम्मीद लगाए किसान अब मायूस नजर आ रहे हैं। तेज हवा और बारिश के कारण सरसों की फसल बड़े पैमाने पर खेतों में गिर गई है। इससे न केवल उत्पादन घटने की आशंका है, बल्कि गुणवत्ता पर भी असर पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
हालांकि गेहूं की फसल को फिलहाल ज्यादा नुकसान नहीं माना जा रहा है। गेहूं की फसल अभी छोटी है और किसानों का कहना है कि मौसम साफ होने पर यह दोबारा खड़ी हो जाएगी। इसके बावजूद लगातार बदलते मौसम ने गेहूं उत्पादकों की भी चिंता बढ़ा दी है।
बारिश और तेज हवा का असर सिर्फ फसलों तक ही सीमित नहीं रहा। जिले के कई इलाकों में खेतों में लगे पॉपुलर के पेड़ जड़ से उखड़ गए, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। इसके अलावा कई जगह गन्ने की फसल भी बिछ गई है, जिससे कटाई और उत्पादन दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने बताया कि गेहूं की फसल को अभी ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन सरसों की फसल को भारी क्षति पहुंची है। उन्होंने कहा कि कई खेतों में सरसों पूरी तरह से बिछ चुकी है और किसानों को नुकसान का डर सता रहा है।
मौसम विभाग ने 27 और 28 जनवरी को एक बार फिर बारिश की संभावना जताई है। यदि इस दौरान ओलावृष्टि या तेज हवा चली तो फसलों को और अधिक नुकसान हो सकता है। ऐसे में किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए मौसम के मिजाज पर नजर बनाए हुए हैं और सरकार से नुकसान का आकलन कर मुआवजे की मांग की उम्मीद कर रहे हैं।
बारिश से किसी ब्लॉक में फसलों को कोई नुकसान हुआ है या नहीं इस बारे में खंड कृषि अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद ही पता चल पाएगा कि कितना नुकसान हुआ है। - डॉ. आदित्य डबास, उपनिदेशक, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग।