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Yamuna Nagar News: कथावाचक ने गुरुबाणी से संगत को किया निहाल
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 30 Mar 2026 01:17 AM IST
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गुरुद्वारे में समागम के दौरान उपस्थित संगत। आयोजक
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। छोटी लाइन गुरु अर्जुन नगर स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में खालसा साजना दिवस को समर्पित तीन दिवसीय गुरमत कथा विचार समागम करवाया जा रहा है। इसका शुभारंभ श्रद्धा, उत्साह व धार्मिक उमंग से किया गया। समागम के पहले ही दिन गुरुद्वारा परिसर और आसपास का क्षेत्र पूरी तरह आध्यात्मिक माहौल में रंगा दिखा। क्षेत्र के साथ दूर-दराज से भी श्रद्धालु पहुंचे। गुरु दरबार में मत्था टेककर गुरु महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में हजूरी रागी जत्थों के पाठी मोहन सिंह व आकाशदीप सिंह ने कीर्तन किया। कीर्तन की धुनों ने वातावरण गुरबाणी के रंग में रंग दिया। इसके बाद प्रसिद्ध कथावाचक जसबीर सिंह (चाकर) ने अपनी प्रभावशाली, भावपूर्ण व ज्ञानवर्धक कथा से संगत को गुरमत विचारों से जोड़ते हुए आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान किया।
जसबीर सिंह चाकर ने बाणी और बाणे के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरु की बाणी मनुष्य के जीवन की सच्ची मार्गदर्शक है, जबकि गुरु का बाणा सिख की पहचान और उसकी आस्था का प्रतीक है। यदि मनुष्य इन दोनों को जीवन में अपनाता है, तो वह न केवल सांसारिक जीवन में सफल होता है, बल्कि आध्यात्मिक उन्नति भी प्राप्त करता है।
उन्होंने कहा कि यदि मनुष्य गुरबाणी को अपने जीवन में उतार ले, तो वह हर प्रकार के भ्रम, बुराइयों व भटकाव से बच सक है। उन्होंने संगत को नाम सिमरन करने, सेवा में भाग लेने और गुरु घर से जुड़े रहने की प्रेरणा देते हुए कहा कि यही सच्चे जीवन का आधार है।
उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को अपने धर्म, इतिहास और सिखी मर्यादा के साथ जुड़ना चाहिए, ताकि वे अपनी पहचान को कायम रखते हुए समाज में सकारात्मक भूमिका निभा सकें।
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जगाधरी। छोटी लाइन गुरु अर्जुन नगर स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में खालसा साजना दिवस को समर्पित तीन दिवसीय गुरमत कथा विचार समागम करवाया जा रहा है। इसका शुभारंभ श्रद्धा, उत्साह व धार्मिक उमंग से किया गया। समागम के पहले ही दिन गुरुद्वारा परिसर और आसपास का क्षेत्र पूरी तरह आध्यात्मिक माहौल में रंगा दिखा। क्षेत्र के साथ दूर-दराज से भी श्रद्धालु पहुंचे। गुरु दरबार में मत्था टेककर गुरु महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में हजूरी रागी जत्थों के पाठी मोहन सिंह व आकाशदीप सिंह ने कीर्तन किया। कीर्तन की धुनों ने वातावरण गुरबाणी के रंग में रंग दिया। इसके बाद प्रसिद्ध कथावाचक जसबीर सिंह (चाकर) ने अपनी प्रभावशाली, भावपूर्ण व ज्ञानवर्धक कथा से संगत को गुरमत विचारों से जोड़ते हुए आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान किया।
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जसबीर सिंह चाकर ने बाणी और बाणे के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरु की बाणी मनुष्य के जीवन की सच्ची मार्गदर्शक है, जबकि गुरु का बाणा सिख की पहचान और उसकी आस्था का प्रतीक है। यदि मनुष्य इन दोनों को जीवन में अपनाता है, तो वह न केवल सांसारिक जीवन में सफल होता है, बल्कि आध्यात्मिक उन्नति भी प्राप्त करता है।
उन्होंने कहा कि यदि मनुष्य गुरबाणी को अपने जीवन में उतार ले, तो वह हर प्रकार के भ्रम, बुराइयों व भटकाव से बच सक है। उन्होंने संगत को नाम सिमरन करने, सेवा में भाग लेने और गुरु घर से जुड़े रहने की प्रेरणा देते हुए कहा कि यही सच्चे जीवन का आधार है।
उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को अपने धर्म, इतिहास और सिखी मर्यादा के साथ जुड़ना चाहिए, ताकि वे अपनी पहचान को कायम रखते हुए समाज में सकारात्मक भूमिका निभा सकें।