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Yamuna Nagar News: चोरी के मामले में तीन आरोपी दोषमुक्त
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 10 Jun 2026 12:53 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। चोरी के मामले में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) इंदू बाला की अदालत ने तीन आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त करार दिया है। अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे सिद्ध करने में असफल रहा। शिकायतकर्ता भीचोरी हुए सामान की खरीद संबंधी पर्याप्त दस्तावेज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर सका।
अभियोजन के अनुसार ज्योति नगर, जगाधरी निवासी नितिन ने अर्जुन नगर चौकी पुलिस को शिकायत देकर बताया था कि तेजली रोड स्थित कर्ण रिजोर्ट के सामने उसकी श्रीगणेश इंटरप्राइज नाम से सेनिटरी सामान की दुकान है। शिकायत में कहा गया था कि 27 दिसंबर 2018 की रात वह दुकान बंद कर घर चला गया था।
अगले दिन सुबह पड़ोसी दुकानदार के फोन पर मौके पर पहुंचा तो दुकान का शटर खुला मिला। जांच करने पर दुकान से ब्रास की टूंटियां, सेनिटरी का अन्य कीमती सामान तथा गल्ले में रखी नकदी चोरी मिली। चोरी गए सामान और नकदी की कुल कीमत लगभग 7.05 लाख रुपये बताई गई थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने करीब चार माह बाद दड़वा निवासी शर्मिल व शर्मिन तथा पांवटा साहिब निवासी कर्ण को गिरफ्तार किया था।
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पुलिस का दावा था कि आरोपियों की निशानदेही पर फतेहपुर पुल के पास नहर किनारे और पांवटा साहिब क्षेत्र से चोरी का सामान बरामद किया गया। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अभियोजन की कहानी पर कई सवाल उठाए। आरोपियों की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता रिशी सहगल ने न्यायालय के समक्ष तर्क रखा कि शिकायतकर्ता चोरी हुए सामान के खरीद संबंधी बिल और अन्य दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
ऐसे में यह प्रमाणित नहीं हो सका कि कथित बरामद सामान वास्तव में उसी की दुकान का था। अदालत ने रिकॉर्ड पर उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और दोनों पक्षों की अंतिम दलीलों पर विचार करने के बाद पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के विरुद्ध आरोपों को विधि अनुसार सिद्ध करने में सफल नहीं हुआ। परिणामस्वरूप मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी इंदू बाला की अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में तीनों आरोपियों को आरोपों से बरी कर दिया।
यमुनानगर। चोरी के मामले में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) इंदू बाला की अदालत ने तीन आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त करार दिया है। अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे सिद्ध करने में असफल रहा। शिकायतकर्ता भीचोरी हुए सामान की खरीद संबंधी पर्याप्त दस्तावेज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर सका।
अभियोजन के अनुसार ज्योति नगर, जगाधरी निवासी नितिन ने अर्जुन नगर चौकी पुलिस को शिकायत देकर बताया था कि तेजली रोड स्थित कर्ण रिजोर्ट के सामने उसकी श्रीगणेश इंटरप्राइज नाम से सेनिटरी सामान की दुकान है। शिकायत में कहा गया था कि 27 दिसंबर 2018 की रात वह दुकान बंद कर घर चला गया था।
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अगले दिन सुबह पड़ोसी दुकानदार के फोन पर मौके पर पहुंचा तो दुकान का शटर खुला मिला। जांच करने पर दुकान से ब्रास की टूंटियां, सेनिटरी का अन्य कीमती सामान तथा गल्ले में रखी नकदी चोरी मिली। चोरी गए सामान और नकदी की कुल कीमत लगभग 7.05 लाख रुपये बताई गई थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने करीब चार माह बाद दड़वा निवासी शर्मिल व शर्मिन तथा पांवटा साहिब निवासी कर्ण को गिरफ्तार किया था।
पुलिस का दावा था कि आरोपियों की निशानदेही पर फतेहपुर पुल के पास नहर किनारे और पांवटा साहिब क्षेत्र से चोरी का सामान बरामद किया गया। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अभियोजन की कहानी पर कई सवाल उठाए। आरोपियों की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता रिशी सहगल ने न्यायालय के समक्ष तर्क रखा कि शिकायतकर्ता चोरी हुए सामान के खरीद संबंधी बिल और अन्य दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
ऐसे में यह प्रमाणित नहीं हो सका कि कथित बरामद सामान वास्तव में उसी की दुकान का था। अदालत ने रिकॉर्ड पर उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और दोनों पक्षों की अंतिम दलीलों पर विचार करने के बाद पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के विरुद्ध आरोपों को विधि अनुसार सिद्ध करने में सफल नहीं हुआ। परिणामस्वरूप मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी इंदू बाला की अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में तीनों आरोपियों को आरोपों से बरी कर दिया।