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Yamuna Nagar News: हथिनीकुंड बैराज पर बढ़ा यमुना का जलस्तर

Sat, 11 Jul 2026 01:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Sat, 11 Jul 2026 01:13 AM IST
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Yamuna water level rises at Hathnikund Barrage
हथिनीकुंड बैराज पर जलस्तर बढ़ने से यमुना नदी में जाता पानी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। हथिनीकुंड बैराज पर शुक्रवार की सुबह यमुना नदी का जलस्तर 50,649 क्यूसेक दर्ज किया गया। यह इस साल का सर्वाधिक जल बहाव है। बढ़े हुए जलस्तर के चलते सिंचाई विभाग ने बैराज से यमुना नदी में 38,379 क्यूसेक, पश्चिमी यमुना नहर में 12,010 क्यूसेक तथा उत्तर प्रदेश की पूर्वी यमुना नहर में 260 क्यूसेक पानी छोड़ा।
बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए बैराज के 18 में से 10 गेट खोल दिए गए। हालांकि शाम के समय बैराज पर पानी का जलस्तर घटता चला गया। शाम पांच बजे हथिनीकुंड बैराज पर कुल पानी 43,135 क्यूसेक दर्ज किया गया। जिसमें से यमुना नदी में 30,865 क्यूसेक, पश्चिमी यमुना नहर में 12,010 क्यूसेक व पूर्वी यमुना नहर में 260 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
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यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी से नदी किनारे बसे ग्रामीणों की चिंता भी बढ़ने लगी है। अधिकारियों के अनुसार हथिनीकुंड बैराज पर डेढ़ लाख क्यूसेक पानी पहुंचने पर मिनी फ्लड की स्थिति मानी जाती है। ढाई लाख क्यूसेक से अधिक पानी आने पर बाढ़ की स्थिति घोषित की जाती है।
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सर्दियों में न्यूनतम स्तर पर पहुंचा था पानी
जनवरी और फरवरी में यमुना का जलस्तर सामान्यतः तीन से चार हजार क्यूसेक के बीच रहता है। इस वर्ष जनवरी में हिमालय क्षेत्रों में बर्फ कम पिघलने के कारण हथिनीकुंड बैराज पर जलस्तर घटकर केवल 1,836 क्यूसेक रह गया था। मार्च में तापमान बढ़ने के साथ बर्फ पिघलने की रफ्तार तेज हुई और जलस्तर बढ़कर 4,574 क्यूसेक तक पहुंच गया। अप्रैल के दौरान भी जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

हालात पर नजर : प्रवीण गुप्ता
सिंचाई विभाग के एसई प्रवीण गुप्ता का कहना है कि यदि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश तेज होती है तो बैराज पर पानी की आवक और बढ़ सकती है। विभाग लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहा है और हालात पर नजर बनाए हुए है। सिंचाई विभाग ने कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर 24 घंटे निगरानी के निर्देश दिए हैं। संभावित बाढ़ से निपटने के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
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