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Himachal : हिमाचल में एनीमिया के मामलों में गिरावट, सोलन में 75 फीसदी कमी; एम्स दिल्ली की रिपोर्ट में खुलासा

आदित्य सोफत, संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन Published by: अंकेश डोगरा Updated Wed, 30 Jul 2025 05:00 AM IST
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सार

एम्स दिल्ली की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि हिमाचल प्रदेश में एनीमिया मामलों में कमी आई है। रिपोर्ट के अनुसार देशभर की आबादी में हर तीन में एक व्यक्ति एनीमिया से पीड़ित हैं। पढ़ें पूरी खबर...

anemia cases reduction in Himachal 75% reduction in Solan Revealed in AIIMS Delhi report
एनीमिया - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार

हिमाचल प्रदेश में पहली बार एनीमिया मामलों को कम करने में स्वास्थ्य विभाग को सफलता मिली है। प्रदेश में एनीमिया मामलों में गिरावट आनी शुरू हो गई है। प्रदेश के अन्य जिला में भी 25 से 60 फीसदी तक की कमी हुई है। सोलन में सबसे अधिक 75 फीसदी तक एनीमिया मामले कम हो गए हैं। इसका खुलासा एम्स दिल्ली की रिपोर्ट में हुआ। खास बात ये है कि मामले कम होने के बाद टीम ने सोलन में आकर भी जानकारी ली और मॉनिटरिंग की। विभाग ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत सोलन में एनीमिया मामलों को कम करने के प्लान को लागू किया।

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विभाग की टीम ने घरद्वार पर एनीमिया मामलों का पता लगाने के टेस्ट किए। पॉजिटिव आने वाले मामलों को उपचार व केयर कर मामलों में कमी आई है। एक वर्ष तक प्लान की मॉनिटरिंग हुई व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के पोर्टल पर रोजाना अपडेट किया। अपडेट करने के बाद हाल ही में एम्स दिल्ली की टीम ने सोलन में आकर जानकारी ली। इससे पता चला कि टेस्ट के बाद केयर और जागरूकता एनीमिया की बड़ी दवाई बन गई है। अब देशभर में इसी प्रकार का प्लान तैयार कर लागू करवाया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार देशभर की आबादी में हर तीन में एक व्यक्ति एनीमिया से पीड़ित हैं। अगर योजना को लागू कर दिया तो मामलों में गिरावट आ जाएगी।

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ऐसे हुई मॉनिटरिंग
सोलन में स्वास्थ्य विभाग ने रैंडम मॉनिटरिंग की है। स्वास्थ्य विभाग ने सोलन को प्लान दिया था कि वे तेजी से सूचना, शिक्षा और संपर्क (आईईसी) कर एनीमिया मामलों का पता लगाए। इसमें हर माह 50-55 मामलों का पता लगाया। इन मामलों का तो उपचार किया ही गया। साथ ही स्कूलों में प्रत्येक बच्चों आयरन की दवाओं का वितरण किया गया। वर्ष में दो बाद डिवाॅर्म किया और एनीमिया के प्रति पखवाड़े मनाया गया। इससे ये पता लगा कि अगर सही से जागरूकता की जाए तो मामलों को आसानी से कम किया जा सकता है।

क्या है एनीमिया
एनीमिया ऐसी स्थिति है, जिसमें रक्त में स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं की कमी हो जाती है। ये कोशिकाएं शरीर के बाकी हिस्सों में ऑक्सीजन ले जाने के लिए महत्वपूर्ण हैं। जब पर्याप्त लाल रक्त कोशिकाएं नहीं होती हैं, तो शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है, जिससे थकान, कमजोरी और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण हो सकते हैं। एनीमिया कुछ प्रकार के एनीमिया आनुवंशिक होते हैं।

एनीमिया के लक्षण
थकान और कमजोरी, सांस लेने में तकलीफ, चक्कर आना, सिरदर्द, ठंडे हाथ और पैर, त्वचा का पीला पड़ना, अनियमित हृदय गति

प्रदेश के जिला सोलन में एनीमिया मामलों में कमी आई है। पहला जिला है जहां ऐसा हुआ है। एम्स दिल्ली की रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ है। टीम ने सोलन में आकर भी मॉनिटरिंग की। आसानी से विभाग ने एनीमिया मामलों को कम किया है। स्कूलों में आयरन की गोलियां बांटी गई है। लोगों को जागरूक करने के बाद टेस्ट भी किए गए हैं। प्रत्येक वर्ष अब इसी प्रकार से एनीमिया मामलों मेंं गिरावट लाई जाएगी। -डॉ. अजय पाठक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सोलन
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