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Ashtami navami 2026 date: कब है अष्टमी नवमी? 26 और 27 किस तिथि पर कन्या पूजन शुभ; जानें सबकुछ अभी
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Wed, 25 Mar 2026 01:16 PM IST
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सार
Ram Navami 2026 Kab Hai: राम नवमी हिंदुओं का पवित्र त्योहार है, जिसे भगवान राम के जन्मोत्सव के रूप में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। वहीं, भक्तों का जो कन्या पूजन को लेकर संशय है उसके बारे में जानते हैं।
राम नवमी 2026
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
रामनवमी हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है, जिसे भगवान श्री राम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। यह चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को आता है। वहीं, इस वर्ष राम नवमी का पर्व और नवरात्र की अष्टमी 26 मार्च यानी कल मनाई जाएगी। आठवें चैत्र नवरात्र पर कन्या पूजन की विशेष परंपरा है। वहीं इस वर्ष राम नवमी का पर्व भी इसी दिन मनाया जा रहा है। इसको लेकर भक्तों में संशय बना हुआ है कि कन्या पूजन कब होगा और राम नवमी कब मनाई जाएगी।
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इस पर गंज बाजार के राधा कृष्ण मंदिर के पंडित उमेश नौटियाल से विशेष बातचीत की गई। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अष्टमी तिथि 25 मार्च को दोपहर 1:51 बजे शुरू हो रही है और तिथि 26 मार्च को सुबह 11:49 बजे समाप्त हो रही है। इसके बाद नवमी तिथि शुरू हो जाएगी। इस दौरान कन्या पूजन के लिए सुबह 6:18 से 7:50 बजे और सुबह 10:55 से दोपहर 11:49 बजे तक अमृत मुहूर्त रहेगा। इसके बाद नवमी तिथि यानी राम नवमी शुरू हो जाएगी।
कल नवमी तिथि 26 मार्च कल सुबह 11:49 बजे से शुरू होगी और 27 मार्च को सुबह 10:06 बजे समाप्त होगी। वहीं श्रीराम जन्म का शुभ मुहूर्त दोपहर 12:02 बजे से 12:51 बजे तक होगा। इसी के साथ शहर में रामनवमी की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस पर्व पर शहर राम मंदिर को भव्यता से सजाया गया है।
रामनवमी कैसे मनाई जाती है?
व्रत: बहुत से लोग इस दिन निराहार या फलाहार व्रत रखते हैं।
पूजा विधि: सुबह स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें।
घर या मंदिर में राम जी, सीता जी, लक्ष्मण जी, भरत जी, शत्रुघ्न जी और हनुमान जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
फूल, फल, मिठाई, चावल, रोली, चंदन चढ़ाएं।
राम रक्षा स्तोत्र, श्री राम चालीसा, रामायण पाठ या राम नाम जप करें।
दोपहर के मध्याह्न मुहूर्त में विशेष आरती करें (यह राम जन्म का समय माना जाता है)।
व्रत: बहुत से लोग इस दिन निराहार या फलाहार व्रत रखते हैं।
पूजा विधि: सुबह स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें।
घर या मंदिर में राम जी, सीता जी, लक्ष्मण जी, भरत जी, शत्रुघ्न जी और हनुमान जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
फूल, फल, मिठाई, चावल, रोली, चंदन चढ़ाएं।
राम रक्षा स्तोत्र, श्री राम चालीसा, रामायण पाठ या राम नाम जप करें।
दोपहर के मध्याह्न मुहूर्त में विशेष आरती करें (यह राम जन्म का समय माना जाता है)।