बाबा बालक नाथ मंदिर: 33 कैमरों की नजर में रहेगा चढ़ावा; गणना कक्ष में 360 डिग्री निगरानी, ड्रेस कोड भी तय
बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट की सालाना आय चढ़ावे और अन्य स्रोतों से करीब बीते वर्ष 38 करोड़ की आमदनी हुई है। यह आमदनी नकदी चढ़ावा, राशन, बकरा नीलामी और दुकानों से चढ़ने वाली आय है जबकि इसमें सोना चांदी शामिल नहीं है।
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बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में चढ़ावे की सुरक्षा और गणना व्यवस्था अब 33 नए सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होगी। गणना कक्ष में पांच कैमरे होंगे, जबकि बीचोबींच 360 डिग्री कैमरा स्थापित किया गया है, जो कक्ष में होने वाली हर गतिविधि रिकॉर्ड करेगा। गणना कक्ष का कोई भी हिस्सा कैमरे की निगरानी से बाहर नहीं रहेगा। गणना के दौरान कर्मचारियों की गतिविधियों से लेकर नकदी के रखे जाने और नोटों के बंडल तैयार करने तक की प्रक्रिया रिकॉर्ड होगी। चढ़ावा कक्ष से लेकर स्टोर गैलरी, स्टोर रूम, गेस्ट रूम और गणना कक्ष के बाहर तक कैमरों का जाल बिछाया गया है। इतना ही नहीं, गणना में शामिल कर्मचारियों के लिए बिना जेब की विशेष वर्दी भी तैयार करवाई जा रही है। सफेद पायजामा और पीले कुर्ते वाली 35 वर्दियां एक सप्ताह के भीतर तैयार होने की उम्मीद है।
वर्दी में चढ़ावे की गणना होगी
इसके बाद इसी वर्दी में चढ़ावे की गणना होगी। चढ़ावा स्थल के मिनी स्टोर से लेकर मुख्य स्टोर तक की 20 मीटर की दूरी में यह 33 कैमरे निगरानी तंत्र को मजबूत करेंगे। मंदिर ट्रस्ट ने चढ़ावे की गणना से लेकर भेंट सामग्री के रखरखाव और स्टोर व्यवस्था तक निगरानी को मजबूत करने का फैसला लिया है। नई व्यवस्था के तहत चढ़ावा कक्ष से स्टोर तक आने-जाने वाली गतिविधियों पर सीसीटीवी से नजर रखी जाएगी। स्टोर गैलरी, स्टोर रूम और गेस्ट रूम के साथ काउंटिंग हॉल के बाहर भी कैमरे लगाए गए हैं। इससे किसी भी गतिविधि की जरूरत पड़ने पर फुटेज के माध्यम से जांच की जा सकेगी।
हर शुक्रवार और सोमवार को होती है गणना
मंदिर में दान पेटियां मंदिर अधिकारी की निगरानी में ट्रस्ट चेयरमैन की ओर से गठित समिति की मौजूदगी में प्रत्येक शुक्रवार और सोमवार को खोली जाती हैं। समिति सीसीटीवी निगरानी में नकदी को गणना कक्ष तक पहुंचाती है। गणना के बाद नोटों के बंडल तैयार किए जाते हैं। अब गणना पूरी होते ही बैंक कर्मचारी नकदी लेकर उसी समय बैंक जाएंगे। पहले नकदी अगले दिन बैंक भेजी जाती थी। गणना में तैनात कर्मचारियों के लिए 35 वर्दियां तैयार करवाई जा रही हैं। एक सप्ताह के भीतर वर्दियां तैयार होने के बाद नई व्यवस्था के तहत इसी वर्दी में चढ़ावे की गणना शुरू होगी। बिना जेब की वर्दी रखने का उद्देश्य गणना के दौरान कर्मचारियों के पास किसी भी तरह की सामग्री रखने की गुंजाइश को खत्म करना है।
38 करोड़ रुपये सालाना आय
बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट की सालाना आय चढ़ावे और अन्य स्रोतों से करीब बीते वर्ष 38 करोड़ की आमदनी हुई है। यह आमदनी नकदी चढ़ावा, राशन, बकरा नीलामी और दुकानों से चढ़ने वाली आय है जबकि इसमें सोना चांदी शामिल नहीं है। वर्ष 2024 में मंदिर ट्रस्ट को 35 करोड़ की आमदनी हुई थी।
बाबा बालक नाथ मंदिर में निगरानी तंत्र को और अधिक मजबूत बनाया गया है। यहां पर नए कैमरे लगाए गए हैं। गणना के बिना जेब की वर्दी तय कर ली गई है। जल्द ही इस वर्दी में कर्मी गणना करेंगे।- गंधर्वा राठौड़, डीसी हमीरपुर एवं आयुक्त बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट