{"_id":"6a2eac8712c54d2cd501957c","slug":"601-candidates-in-the-district-took-the-exam-to-become-teachers-bilaspur-news-c-92-1-bls1002-161769-2026-06-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: जिले में 601 अभ्यर्थियों ने दी अध्यापक बनने की परीक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: जिले में 601 अभ्यर्थियों ने दी अध्यापक बनने की परीक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sun, 14 Jun 2026 11:56 PM IST
विज्ञापन
बिलासपुर में जेबीटी परीक्षा देने के बाद बाहर आते अभ्यर्थी। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
परीक्षा चार केंद्रों में हुई, 31 अभ्यर्थी रहे अनुपस्थित
सीसीटीवी की निगरानी में आयोजित हुई परीक्षा
प्रशासनिक अधिकारियों ने केंद्रों का किया निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से रविवार को अध्यापक पात्रता परीक्षा (टेट) का आयोजन किया गया। जिले में करीब 601 अभ्यर्थियों ने यह परीक्षा दी। परीक्षा के लिए 632 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था।
परीक्षा में 31 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा सीसीटीवी की निगरानी में हुई। प्रशासनिक अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। परीक्षा के लिए चार केंद्र बनाए गए थे। सुबह के सत्र में 512 और शाम के सत्र में 89 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। रविवार को जेबीटी और टीजीटी संस्कृत टेट की परीक्षा हुई। परीक्षा सुबह और शाम के दो सत्रों में आयोजित हुई। सुबह के सत्र में जेबीटी टेट की परीक्षा हुई। पहला सत्र सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक चला। परीक्षा केंद्रों पर सुबह 9 बजे ही अभ्यर्थियों ने पहुंचना शुरू कर दिया था। अभ्यर्थियों को 9:30 बजे प्रवेश दिया गया।
दूसरे सत्र में टीजीटी संस्कृत टेट की परीक्षा हुई। दूसरा सत्र दोपहर 2 बजे से शाम 4:30 बजे तक आयोजित किया गया। अभ्यर्थियों ने दोपहर 1 बजे से ही परीक्षा केंद्रों पर पहुंचना शुरू कर दिया था। अभ्यर्थियों को 1:30 बजे प्रवेश दिया गया। प्रवेश देने के बाद अभ्यर्थियों के आधार कार्ड और प्रवेश पत्र की जांच की गई। अभ्यर्थियों के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बाहर रखवाए गए। परीक्षा के शांतिपूर्ण एवं सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए एसडीएम सदर डॉ. राजदीप सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधात्मक आदेश जारी किए। सभी परीक्षा केंद्रों के आसपास किसी भी प्रकार के सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक आयोजन, जुलूस, रैली, नारेबाजी और हड़ताल पर पूर्ण प्रतिबंध रहा। इसके साथ ही इस अवधि के दौरान लाउडस्पीकर के उपयोग, निर्माण कार्य, टेंट अथवा मंच की स्थापना या हटाने की गतिविधियों पर भी रोक रही। परीक्षा केंद्रों के आसपास किसी भी प्रकार के हथियार, लाठी, गोला-बारूद अथवा अन्य घातक वस्तुएं लेकर चलना भी पूर्णतः प्रतिबंधित रहा। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कंदरौर में सुबह के सत्र में 150 में से करीब 145, झंडूता स्कूल में सुबह के सत्र में 60 में से 54, पीएम श्री मुख्यमंत्री आदर्श राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बिलासपुर में सुबह के सत्र में 177 में से 169, दोपहर के सत्र में 23 में से 21 और शहीद विजय पाल मेमोरियल पीएम श्री मुख्यमंत्री आदर्श राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घुमारवीं में सुबह के सत्र में 150 में से 144, दोपहर के सत्र में 72 में से 68 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी।
विज्ञापन
सीसीटीवी की निगरानी में आयोजित हुई परीक्षा
प्रशासनिक अधिकारियों ने केंद्रों का किया निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से रविवार को अध्यापक पात्रता परीक्षा (टेट) का आयोजन किया गया। जिले में करीब 601 अभ्यर्थियों ने यह परीक्षा दी। परीक्षा के लिए 632 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था।
परीक्षा में 31 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा सीसीटीवी की निगरानी में हुई। प्रशासनिक अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। परीक्षा के लिए चार केंद्र बनाए गए थे। सुबह के सत्र में 512 और शाम के सत्र में 89 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। रविवार को जेबीटी और टीजीटी संस्कृत टेट की परीक्षा हुई। परीक्षा सुबह और शाम के दो सत्रों में आयोजित हुई। सुबह के सत्र में जेबीटी टेट की परीक्षा हुई। पहला सत्र सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक चला। परीक्षा केंद्रों पर सुबह 9 बजे ही अभ्यर्थियों ने पहुंचना शुरू कर दिया था। अभ्यर्थियों को 9:30 बजे प्रवेश दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
दूसरे सत्र में टीजीटी संस्कृत टेट की परीक्षा हुई। दूसरा सत्र दोपहर 2 बजे से शाम 4:30 बजे तक आयोजित किया गया। अभ्यर्थियों ने दोपहर 1 बजे से ही परीक्षा केंद्रों पर पहुंचना शुरू कर दिया था। अभ्यर्थियों को 1:30 बजे प्रवेश दिया गया। प्रवेश देने के बाद अभ्यर्थियों के आधार कार्ड और प्रवेश पत्र की जांच की गई। अभ्यर्थियों के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बाहर रखवाए गए। परीक्षा के शांतिपूर्ण एवं सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए एसडीएम सदर डॉ. राजदीप सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधात्मक आदेश जारी किए। सभी परीक्षा केंद्रों के आसपास किसी भी प्रकार के सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक आयोजन, जुलूस, रैली, नारेबाजी और हड़ताल पर पूर्ण प्रतिबंध रहा। इसके साथ ही इस अवधि के दौरान लाउडस्पीकर के उपयोग, निर्माण कार्य, टेंट अथवा मंच की स्थापना या हटाने की गतिविधियों पर भी रोक रही। परीक्षा केंद्रों के आसपास किसी भी प्रकार के हथियार, लाठी, गोला-बारूद अथवा अन्य घातक वस्तुएं लेकर चलना भी पूर्णतः प्रतिबंधित रहा। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कंदरौर में सुबह के सत्र में 150 में से करीब 145, झंडूता स्कूल में सुबह के सत्र में 60 में से 54, पीएम श्री मुख्यमंत्री आदर्श राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बिलासपुर में सुबह के सत्र में 177 में से 169, दोपहर के सत्र में 23 में से 21 और शहीद विजय पाल मेमोरियल पीएम श्री मुख्यमंत्री आदर्श राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घुमारवीं में सुबह के सत्र में 150 में से 144, दोपहर के सत्र में 72 में से 68 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी।