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Bilaspur News: सुख आश्रय योजना के दो लाभार्थियों को बांटे प्रमाण पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sun, 14 Jun 2026 11:47 PM IST
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योजना के तहत अभी तक जिले के 154 बच्चों को मिला लाभ
मंत्री बोले, समग्र विकास, उत्थान व कल्याण के लिए सरकार कार्यरत
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत दो नए पात्र लाभार्थियों को पात्रता प्रमाण पत्र वितरित किए।
इन लाभार्थियों में घुमारवीं के गांव छत के हाफिज और हासिफ शामिल हैं। इन दोनों लाभार्थियों को अब प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत चलाए जा रहे विभिन्न घटकों का लाभ मिलेगा। राजेश धर्माणी ने कहा कि जिले में मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 154 पात्र बच्चों को लाभान्वित करते हुए लगभग 1.69 करोड़ रुपये की धनराशि व्यय की गई है। इस योजना के तहत सामाजिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 154 लाभार्थियों को 82.91 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। इसके अलावा 15 लाभार्थियों को विवाह अनुदान के रूप में 30 लाख रुपये और 16 लाभार्थियों को गृह निर्माण सहायता के लिए 29 लाख रुपये उपलब्ध कराए गए हैं।
निराश्रित बच्चों को उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए 12 पात्र लाभार्थियों को 7.41 लाख रुपये जबकि व्यावसायिक शिक्षा के लिए पांच लाभार्थियों को लगभग 88 हजार रुपये प्रदान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन बच्चों एवं युवाओं को आत्मनिर्भर और रोजगारोन्मुख बनाने के उद्देश्य से कोचिंग सहायता के लिए एक लाभार्थी को 1.18 लाख रुपये, सूक्ष्म उद्यम (स्टार्टअप) स्थापित करने के लिए छह लाभार्थियों को 7.40 लाख रुपये की आर्थिक मदद प्रदान की गई है। इसके साथ ही आफ्टर केयर घटक के तहत चार पात्रों को 2.32 लाख रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की गई, जिससे वह स्वतंत्र जीवन की ओर अग्रसर हो सकें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत बच्चों के सर्वांगीण विकास और सामाजिक सहभागिता को भी विशेष महत्व देते हुए पात्र 37 लाभार्थियों को 1.54 लाख रुपये त्योहार ग्रांट के तौर पर उपलब्ध करवाए हैं। वस्त्र भत्ता के रूप में 34 लाभार्थियों को 1.70 लाख रुपये, पोषण सहायता के लिए 34 लाभार्थियों को 1.81 लाख रुपये और विविध आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए 34 लाभार्थियों को 1.19 लाख रुपये प्रदान किए गए हैं। इसके अलावा 22 लाभार्थियों को एक्सपोजर विजिट कार्यक्रम के माध्यम से लगभग एक लाख रुपये की राशि व्यय की गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में यह योजना प्रदेश सरकार की उस संवेदनशील सोच का प्रतीक है, जिसके माध्यम से समाज के उस वर्ग को सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा प्रदान करते पात्र बच्चों एवं युवाओं का सम्मानजनक, सुरक्षित एवं आत्मनिर्भर जीवन सुनिश्चित बनाना है। राज्य सरकार के इस अहम निर्णय से प्रदेश के लगभग छह हजार निराश्रित बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट का दर्जा प्रदान करते हुए प्रदेश सरकार माता-पिता की भूमिका निभाते हुए उनके समग्र विकास, उत्थान व कल्याण के लिए निरंतर कार्यरत है।
मंत्री बोले, समग्र विकास, उत्थान व कल्याण के लिए सरकार कार्यरत
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत दो नए पात्र लाभार्थियों को पात्रता प्रमाण पत्र वितरित किए।
इन लाभार्थियों में घुमारवीं के गांव छत के हाफिज और हासिफ शामिल हैं। इन दोनों लाभार्थियों को अब प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत चलाए जा रहे विभिन्न घटकों का लाभ मिलेगा। राजेश धर्माणी ने कहा कि जिले में मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 154 पात्र बच्चों को लाभान्वित करते हुए लगभग 1.69 करोड़ रुपये की धनराशि व्यय की गई है। इस योजना के तहत सामाजिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 154 लाभार्थियों को 82.91 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। इसके अलावा 15 लाभार्थियों को विवाह अनुदान के रूप में 30 लाख रुपये और 16 लाभार्थियों को गृह निर्माण सहायता के लिए 29 लाख रुपये उपलब्ध कराए गए हैं।
निराश्रित बच्चों को उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए 12 पात्र लाभार्थियों को 7.41 लाख रुपये जबकि व्यावसायिक शिक्षा के लिए पांच लाभार्थियों को लगभग 88 हजार रुपये प्रदान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन बच्चों एवं युवाओं को आत्मनिर्भर और रोजगारोन्मुख बनाने के उद्देश्य से कोचिंग सहायता के लिए एक लाभार्थी को 1.18 लाख रुपये, सूक्ष्म उद्यम (स्टार्टअप) स्थापित करने के लिए छह लाभार्थियों को 7.40 लाख रुपये की आर्थिक मदद प्रदान की गई है। इसके साथ ही आफ्टर केयर घटक के तहत चार पात्रों को 2.32 लाख रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की गई, जिससे वह स्वतंत्र जीवन की ओर अग्रसर हो सकें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत बच्चों के सर्वांगीण विकास और सामाजिक सहभागिता को भी विशेष महत्व देते हुए पात्र 37 लाभार्थियों को 1.54 लाख रुपये त्योहार ग्रांट के तौर पर उपलब्ध करवाए हैं। वस्त्र भत्ता के रूप में 34 लाभार्थियों को 1.70 लाख रुपये, पोषण सहायता के लिए 34 लाभार्थियों को 1.81 लाख रुपये और विविध आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए 34 लाभार्थियों को 1.19 लाख रुपये प्रदान किए गए हैं। इसके अलावा 22 लाभार्थियों को एक्सपोजर विजिट कार्यक्रम के माध्यम से लगभग एक लाख रुपये की राशि व्यय की गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में यह योजना प्रदेश सरकार की उस संवेदनशील सोच का प्रतीक है, जिसके माध्यम से समाज के उस वर्ग को सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा प्रदान करते पात्र बच्चों एवं युवाओं का सम्मानजनक, सुरक्षित एवं आत्मनिर्भर जीवन सुनिश्चित बनाना है। राज्य सरकार के इस अहम निर्णय से प्रदेश के लगभग छह हजार निराश्रित बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट का दर्जा प्रदान करते हुए प्रदेश सरकार माता-पिता की भूमिका निभाते हुए उनके समग्र विकास, उत्थान व कल्याण के लिए निरंतर कार्यरत है।
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