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Bilaspur News: एम्स बिलासपुर में गूंजी सुरों की महफिल, संगीत ने दूर किया तनाव
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sat, 11 Apr 2026 11:57 PM IST
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एम्स बिलासपुर में आयोजित संगीतमय संध्या का शुभारंभ करते एम्स के कार्यकारी निदेशक। स्रोत: एम्स प
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माइंड्स सेल की पहल, कसम : द थेरेपी बैंड की प्रस्तुतियों पर झूमे छात्र, डॉक्टर
कार्यकारी निदेशक बोले, शारीरिक सेहत जितनी ही जरूरी है मानसिक मजबूती
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान बिलासपुर के माइंड्स सेल की ओर से छात्रों और कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए एक अनूठी पहल की गई। संस्थान के ऑडिटोरियम में कसम : द थेरेपी नाम से एक विशेष संगीतमय संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें संगीत के माध्यम से तनाव प्रबंधन और सकारात्मकता का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि उपस्थित कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) दलजीत सिंह ने कहा कि आज के दौर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच मानसिक संतुलन बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है। कहा कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों की सलाह लेने में कभी हिचकिचाना नहीं चाहिए। प्रसिद्ध बैंड कसम : द थेरेपी के कलाकारों ने अपनी सुरीली और जोश से भरी प्रस्तुतियों से ऑडिटोरियम में मौजूद डॉक्टरों, संकाय सदस्यों और छात्रों को झूमने पर मजबूर कर दिया। संगीत की इन प्रस्तुतियों का उद्देश्य मनोरंजन के साथ उपस्थित लोगों को मानसिक शांति और भावनात्मक सुकून प्रदान करना था। कार्यक्रम ने प्रभावी ढंग से यह संदेश दिया कि संगीत उपचार का एक सशक्त माध्यम है। संस्थान के माइंड्स (मानसिक स्वास्थ्य पहल) सेल ने स्पष्ट किया कि इस तरह के आयोजनों का मकसद संस्थान में एक संवेदनशील और सहायक वातावरण तैयार करना है। वक्ताओं ने सामूहिक रूप से संदेश दिया कि मानसिक संघर्ष की यात्रा में कोई भी व्यक्ति अकेला नहीं है, संस्थान हर कदम पर उनके साथ है। इस अवसर पर डीन अकादमिक डॉ. रुपाली परलेवार और डीन परीक्षा डॉ. निधि पुरी सहित भारी संख्या में छात्र व कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में कलाकारों को सम्मानित किया गया और आयोजकों ने सभी का आभार जताया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि उपस्थित कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) दलजीत सिंह ने कहा कि आज के दौर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच मानसिक संतुलन बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है। कहा कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों की सलाह लेने में कभी हिचकिचाना नहीं चाहिए। प्रसिद्ध बैंड कसम : द थेरेपी के कलाकारों ने अपनी सुरीली और जोश से भरी प्रस्तुतियों से ऑडिटोरियम में मौजूद डॉक्टरों, संकाय सदस्यों और छात्रों को झूमने पर मजबूर कर दिया। संगीत की इन प्रस्तुतियों का उद्देश्य मनोरंजन के साथ उपस्थित लोगों को मानसिक शांति और भावनात्मक सुकून प्रदान करना था। कार्यक्रम ने प्रभावी ढंग से यह संदेश दिया कि संगीत उपचार का एक सशक्त माध्यम है। संस्थान के माइंड्स (मानसिक स्वास्थ्य पहल) सेल ने स्पष्ट किया कि इस तरह के आयोजनों का मकसद संस्थान में एक संवेदनशील और सहायक वातावरण तैयार करना है। वक्ताओं ने सामूहिक रूप से संदेश दिया कि मानसिक संघर्ष की यात्रा में कोई भी व्यक्ति अकेला नहीं है, संस्थान हर कदम पर उनके साथ है। इस अवसर पर डीन अकादमिक डॉ. रुपाली परलेवार और डीन परीक्षा डॉ. निधि पुरी सहित भारी संख्या में छात्र व कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में कलाकारों को सम्मानित किया गया और आयोजकों ने सभी का आभार जताया।
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