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Bilaspur News: भाखड़ा विस्थापितों को 39 प्रतिशत मुआवजा देने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sat, 11 Apr 2026 11:48 PM IST
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जिला ग्रामीण भाखड़ा विस्थापित सुधार समिति की आनंदघाट में आयोजित बैठक के दौरान मौजूद पदाधिका
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मांगे पूरी न होने पर सरकार को दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
आनंदघाट में बैठक के दौरान फूटा आक्रोश, जताई नाराजगी
दो माह में समाधान न हुआ तो तेज होगा आंदोलन, उपायुक्त से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल
संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता(बिलासपुर)। झंडूता क्षेत्र के आनंदघाट स्थित श्री सर्वेश्वर महादेव मंदिर में जिला ग्रामीण भाखड़ा विस्थापित सुधार समिति की बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष देश राज शर्मा ने की। बैठक में भाखड़ा परियोजना से प्रभावित विस्थापितों की समस्याओं और लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रदेश सरकार और प्रशासन के प्रति गहरा रोष प्रकट किया गया।
देश राज शर्मा ने कहा कि देश के अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स से प्रभावित लोगों को 39 प्रतिशत तक क्षतिपूर्ति मुआवजा दिया जा रहा है, लेकिन भाखड़ा विस्थापितों को आज तक इस तरह का लाभ नहीं मिला है। उन्होंने सरकार से मांग की कि समान नीति लागू करते हुए भाखड़ा विस्थापितों को भी 39 प्रतिशत मुआवजा दिया जाए। कहा कि दशकों बीत जाने के बावजूद विस्थापितों को उनका वैधानिक हक नहीं मिल पाया है, जो सरकार की उपेक्षापूर्ण नीति को दर्शाता है। कहा कि भाखड़ा विस्थापितों के साथ लगातार सौतेला व्यवहार किया जा रहा है, जिसे अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समिति के सदस्यों ने कहा कि जिन परिवारों ने अपनी उपजाऊ जमीनें और घर छोड़कर देश के विकास में योगदान दिया, आज वही परिवार अपने अधिकारों के लिए भटकने को मजबूर हैं। यह स्थिति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। बैठक में विस्थापित परिवारों को स्वीकृत प्लॉटों का शीघ्र आवंटन करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। सदस्यों ने कहा कि कई पात्र परिवार वर्षों से प्लॉट आवंटन की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि विस्थापितों को अपने हकों के लिए भीख मांगने जैसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
इस दौरान 23 फरवरी को जिला मुख्यालय में किए गए धरना-प्रदर्शन और सरकार को सौंपे गए मांग पत्र पर अब तक कोई कार्रवाई न होने पर भी कड़ा आक्रोश जताया गया। समिति के सदस्यों ने इसे प्रशासन की गंभीर अनदेखी करार देते हुए कहा कि यदि समय रहते मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि एक प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही उपायुक्त बिलासपुर से मुलाकात कर अपनी मांगों को दोहराएगा। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि इसके बावजूद भी कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है, तो आगामी दो महीनों के बाद समिति उग्र आंदोलन शुरू करने पर मजबूर होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन की होगी। बैठक में समिति के उपाध्यक्ष बलदेव ठाकुर सहित राज कुमार, राम चौधरी, श्री राम चौहान, कुंजू राम, मस्त राम, चिरंजी लाल शर्मा, कृष्ण सिंह, रीना देवी, चंपा देवी, सरोज कुमारी समेत अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
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आनंदघाट में बैठक के दौरान फूटा आक्रोश, जताई नाराजगी
दो माह में समाधान न हुआ तो तेज होगा आंदोलन, उपायुक्त से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल
संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता(बिलासपुर)। झंडूता क्षेत्र के आनंदघाट स्थित श्री सर्वेश्वर महादेव मंदिर में जिला ग्रामीण भाखड़ा विस्थापित सुधार समिति की बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष देश राज शर्मा ने की। बैठक में भाखड़ा परियोजना से प्रभावित विस्थापितों की समस्याओं और लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रदेश सरकार और प्रशासन के प्रति गहरा रोष प्रकट किया गया।
देश राज शर्मा ने कहा कि देश के अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स से प्रभावित लोगों को 39 प्रतिशत तक क्षतिपूर्ति मुआवजा दिया जा रहा है, लेकिन भाखड़ा विस्थापितों को आज तक इस तरह का लाभ नहीं मिला है। उन्होंने सरकार से मांग की कि समान नीति लागू करते हुए भाखड़ा विस्थापितों को भी 39 प्रतिशत मुआवजा दिया जाए। कहा कि दशकों बीत जाने के बावजूद विस्थापितों को उनका वैधानिक हक नहीं मिल पाया है, जो सरकार की उपेक्षापूर्ण नीति को दर्शाता है। कहा कि भाखड़ा विस्थापितों के साथ लगातार सौतेला व्यवहार किया जा रहा है, जिसे अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समिति के सदस्यों ने कहा कि जिन परिवारों ने अपनी उपजाऊ जमीनें और घर छोड़कर देश के विकास में योगदान दिया, आज वही परिवार अपने अधिकारों के लिए भटकने को मजबूर हैं। यह स्थिति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। बैठक में विस्थापित परिवारों को स्वीकृत प्लॉटों का शीघ्र आवंटन करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। सदस्यों ने कहा कि कई पात्र परिवार वर्षों से प्लॉट आवंटन की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि विस्थापितों को अपने हकों के लिए भीख मांगने जैसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
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इस दौरान 23 फरवरी को जिला मुख्यालय में किए गए धरना-प्रदर्शन और सरकार को सौंपे गए मांग पत्र पर अब तक कोई कार्रवाई न होने पर भी कड़ा आक्रोश जताया गया। समिति के सदस्यों ने इसे प्रशासन की गंभीर अनदेखी करार देते हुए कहा कि यदि समय रहते मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि एक प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही उपायुक्त बिलासपुर से मुलाकात कर अपनी मांगों को दोहराएगा। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि इसके बावजूद भी कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है, तो आगामी दो महीनों के बाद समिति उग्र आंदोलन शुरू करने पर मजबूर होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन की होगी। बैठक में समिति के उपाध्यक्ष बलदेव ठाकुर सहित राज कुमार, राम चौधरी, श्री राम चौहान, कुंजू राम, मस्त राम, चिरंजी लाल शर्मा, कृष्ण सिंह, रीना देवी, चंपा देवी, सरोज कुमारी समेत अन्य सदस्य उपस्थित रहे।