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Bilaspur News: एम्स बिलासपुर में आधुनिक शवगृह बनाने के लिए केंद्रीय मंजूरी
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sat, 11 Apr 2026 11:54 PM IST
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एक्सक्लूसिव
निर्माण कार्य पूरा होने के बाद 24 घंटे होगी पोस्टमार्टम सुविधा जल्द
सीपीडब्ल्यूडी के माध्यम से होगा निर्माण, टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान बिलासपुर में अत्याधुनिक शवगृह निर्माण के लिए केंद्रीय मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है। इस स्वीकृति के बाद अब मॉर्चरी का निर्माण कार्य केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के माध्यम से किया जाएगा। संस्थान की ओर से इसके लिए टेंडर प्रक्रिया को जल्द शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, मंजूरी मिलने के साथ ही अब परियोजना को अमलीजामा पहनाने की दिशा में तेजी लाई गई है। टेंडर आवंटन के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा, जिससे संस्थान में लंबे समय से महसूस की जा रही आधुनिक मॉर्चरी की कमी पूरी हो सकेगी। वर्तमान में एम्स बिलासपुर में पोस्टमार्टम की सुविधा केवल दिन के समय (डे-केयर) तक सीमित है। इस वजह से कई मामलों में देरी होती है और परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। नई मॉर्चरी बिल्डिंग बनने के बाद यहां 24 घंटे पोस्टमार्टम की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। प्रस्तावित मॉर्चरी को आधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा। इसमें हाई इन्फेक्शन से संक्रमित शवों के पोस्टमार्टम के लिए अलग से विशेष व्यवस्था की जाएगी, ताकि संक्रमण के जोखिम को कम किया जा सके। इसके अलावा वॉकिंग कूलर (वातानुकूलित कक्ष) की सुविधा भी विकसित की जाएगी, जिससे शवों को सुरक्षित रखने की बेहतर व्यवस्था हो सके। नई मॉर्चरी में शोधार्थियों के लिए बॉडी रिसर्च की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी, जिससे मेडिकल शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, पोस्टमार्टम के दौरान निकलने वाले जैविक और रासायनिक कचरे के सुरक्षित और वैज्ञानिक निपटान के लिए अत्याधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे, जिससे पर्यावरण और स्वास्थ्य मानकों का भी ध्यान रखा जा सके। यह मॉर्चरी प्रदेश की अपनी तरह की पहली अत्याधुनिक सुविधा होगी, जो न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करेगी बल्कि आपात और संवेदनशील मामलों में भी त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। इसके निर्माण से एम्स बिलासपुर में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर और अधिक उन्नत होने की उम्मीद है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान बिलासपुर में अत्याधुनिक शवगृह निर्माण के लिए केंद्रीय मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है। इस स्वीकृति के बाद अब मॉर्चरी का निर्माण कार्य केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के माध्यम से किया जाएगा। संस्थान की ओर से इसके लिए टेंडर प्रक्रिया को जल्द शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, मंजूरी मिलने के साथ ही अब परियोजना को अमलीजामा पहनाने की दिशा में तेजी लाई गई है। टेंडर आवंटन के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा, जिससे संस्थान में लंबे समय से महसूस की जा रही आधुनिक मॉर्चरी की कमी पूरी हो सकेगी। वर्तमान में एम्स बिलासपुर में पोस्टमार्टम की सुविधा केवल दिन के समय (डे-केयर) तक सीमित है। इस वजह से कई मामलों में देरी होती है और परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। नई मॉर्चरी बिल्डिंग बनने के बाद यहां 24 घंटे पोस्टमार्टम की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। प्रस्तावित मॉर्चरी को आधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा। इसमें हाई इन्फेक्शन से संक्रमित शवों के पोस्टमार्टम के लिए अलग से विशेष व्यवस्था की जाएगी, ताकि संक्रमण के जोखिम को कम किया जा सके। इसके अलावा वॉकिंग कूलर (वातानुकूलित कक्ष) की सुविधा भी विकसित की जाएगी, जिससे शवों को सुरक्षित रखने की बेहतर व्यवस्था हो सके। नई मॉर्चरी में शोधार्थियों के लिए बॉडी रिसर्च की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी, जिससे मेडिकल शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, पोस्टमार्टम के दौरान निकलने वाले जैविक और रासायनिक कचरे के सुरक्षित और वैज्ञानिक निपटान के लिए अत्याधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे, जिससे पर्यावरण और स्वास्थ्य मानकों का भी ध्यान रखा जा सके। यह मॉर्चरी प्रदेश की अपनी तरह की पहली अत्याधुनिक सुविधा होगी, जो न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करेगी बल्कि आपात और संवेदनशील मामलों में भी त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। इसके निर्माण से एम्स बिलासपुर में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर और अधिक उन्नत होने की उम्मीद है।
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