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Bilaspur News: जमीन पंचायत के नाम करवाने के बाद भी नहीं शुरू हुआ भवन निर्माण
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उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते ओयल पंचायत के प्रतिनिधि। स्रोत: पंचायत
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ओयल पंचायत के ग्रामीणों में रोष, उपायुक्त से मिला प्रतिनिधिमंडल
कहा- छोटे कमरे में पंचायत का काम चलाना हुआ मुश्किल
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। ग्राम पंचायत ओयल में पंचायत कार्यालय भवन के निर्माण को लेकर विवाद गहरा गया है। पंचायत भवन के लिए वर्ष 2024 में शिक्षा विभाग से पंचायती राज विभाग के नाम करवाई गई 10 बिस्वा भूमि पर अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से पंचायत प्रतिनिधियों में रोष है। सोमवार को प्रधान चंपा देवी की अगुआई में पंचायत प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप की मांग की। प्रधान ने उपायुक्त को बताया कि पंचायत ने काफी प्रयासों के बाद वर्ष 2024 में पंचायत घर के निर्माण के लिए शिक्षा विभाग से 10 बिस्वा भूमि पंचायती राज विभाग के नाम करवाई थी। इस भूमि का मौका स्थानीय एसडीएम, एडीसी और संबंधित विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की मौजूदगी में किया जा चुका है। उस दौरान भवन निर्माण कार्य जल्द शुरू करवाने के निर्देश भी दिए गए थे। इसके बावजूद अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। पंचायत प्रतिनिधियों के अनुसार 13 अगस्त को खंड विकास अधिकारी सदर बिलासपुर के माध्यम से पंचायत को पत्र मिला। इसमें तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए उक्त भूमि पर पंचायत भवन का निर्माण नहीं करवाने की बात कही गई है। साथ ही एक सप्ताह के भीतर दूसरी जगह तलाशने के निर्देश दिए गए हैं। इस पत्र के बाद पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों में नाराजगी है।
दूसरी जगह भी नहीं मिली उपयुक्त जमीन
प्रधान चंपा देवी ने बताया कि पंचायत पदाधिकारियों और स्थानीय पटवारी ने पंचायत क्षेत्र में दूसरी जगह तलाशने का प्रयास किया, लेकिन पंचायत भवन के निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि नहीं मिल सकी। ऐसे में पंचायत की मांग है कि पहले से उपलब्ध करवाई गई भूमि पर ही भवन निर्माण शुरू करवाया जाए। प्रतिनिधियों ने बताया कि वर्तमान में पंचायत का काम एक छोटे से कमरे में चल रहा है। यहां बैठकों के आयोजन के साथ ग्राम सभा करवाना भी मुश्किल हो जाता है। नई पंचायत के गठन के बाद पंचायत भवन की आवश्यकता और बढ़ गई है। भवन नहीं होने के कारण पंचायत का कामकाज प्रभावित हो रहा है और ग्रामीणों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
निर्माण की पहली किस्त हो चुकी जारी
पंचायत प्रतिनिधियों ने उपायुक्त को बताया कि पंचायत भवन के निर्माण कार्य के लिए अधिशासी अभियंता, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, मंडी को पहली किस्त भी जारी की जा चुकी है। ऐसे में पंचायत ने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर पहले से उपलब्ध भूमि पर ही जल्द निर्माण कार्य शुरू करवाने की मांग की है। प्रधान चंपा देवी ने कहा कि पंचायत को उम्मीद है कि प्रशासन ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए इसी भूमि पर पंचायत कार्यालय भवन का निर्माण शुरू करवाएगा, ताकि पंचायत का काम सुचारू रूप से चल सके।
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कहा- छोटे कमरे में पंचायत का काम चलाना हुआ मुश्किल
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। ग्राम पंचायत ओयल में पंचायत कार्यालय भवन के निर्माण को लेकर विवाद गहरा गया है। पंचायत भवन के लिए वर्ष 2024 में शिक्षा विभाग से पंचायती राज विभाग के नाम करवाई गई 10 बिस्वा भूमि पर अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से पंचायत प्रतिनिधियों में रोष है। सोमवार को प्रधान चंपा देवी की अगुआई में पंचायत प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप की मांग की। प्रधान ने उपायुक्त को बताया कि पंचायत ने काफी प्रयासों के बाद वर्ष 2024 में पंचायत घर के निर्माण के लिए शिक्षा विभाग से 10 बिस्वा भूमि पंचायती राज विभाग के नाम करवाई थी। इस भूमि का मौका स्थानीय एसडीएम, एडीसी और संबंधित विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की मौजूदगी में किया जा चुका है। उस दौरान भवन निर्माण कार्य जल्द शुरू करवाने के निर्देश भी दिए गए थे। इसके बावजूद अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। पंचायत प्रतिनिधियों के अनुसार 13 अगस्त को खंड विकास अधिकारी सदर बिलासपुर के माध्यम से पंचायत को पत्र मिला। इसमें तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए उक्त भूमि पर पंचायत भवन का निर्माण नहीं करवाने की बात कही गई है। साथ ही एक सप्ताह के भीतर दूसरी जगह तलाशने के निर्देश दिए गए हैं। इस पत्र के बाद पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों में नाराजगी है।
दूसरी जगह भी नहीं मिली उपयुक्त जमीन
प्रधान चंपा देवी ने बताया कि पंचायत पदाधिकारियों और स्थानीय पटवारी ने पंचायत क्षेत्र में दूसरी जगह तलाशने का प्रयास किया, लेकिन पंचायत भवन के निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि नहीं मिल सकी। ऐसे में पंचायत की मांग है कि पहले से उपलब्ध करवाई गई भूमि पर ही भवन निर्माण शुरू करवाया जाए। प्रतिनिधियों ने बताया कि वर्तमान में पंचायत का काम एक छोटे से कमरे में चल रहा है। यहां बैठकों के आयोजन के साथ ग्राम सभा करवाना भी मुश्किल हो जाता है। नई पंचायत के गठन के बाद पंचायत भवन की आवश्यकता और बढ़ गई है। भवन नहीं होने के कारण पंचायत का कामकाज प्रभावित हो रहा है और ग्रामीणों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
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निर्माण की पहली किस्त हो चुकी जारी
पंचायत प्रतिनिधियों ने उपायुक्त को बताया कि पंचायत भवन के निर्माण कार्य के लिए अधिशासी अभियंता, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, मंडी को पहली किस्त भी जारी की जा चुकी है। ऐसे में पंचायत ने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर पहले से उपलब्ध भूमि पर ही जल्द निर्माण कार्य शुरू करवाने की मांग की है। प्रधान चंपा देवी ने कहा कि पंचायत को उम्मीद है कि प्रशासन ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए इसी भूमि पर पंचायत कार्यालय भवन का निर्माण शुरू करवाएगा, ताकि पंचायत का काम सुचारू रूप से चल सके।
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