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सैनिकों की अनदेखी का 2027 में राजनीतिक जवाब देंगे: पटियाल
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भारतीय जवान किसान पार्टी विधानसभा चुनाव में उतारेगी प्रत्याशी, सैनिकों, किसानों और युवाओं के मुद्दे होंगे प्रमुख
संवाद न्यूज एजेंसी
गेहड़वीं (बिलासपुर)। भारतीय जवान किसान पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व सैनिक सूबेदार मेजर कुलवंत सिंह पटियाल ने कहा है कि सैनिकों की मांगों की अनदेखी जारी रही तो वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में इसका राजनीतिक जवाब दिया जाएगा। बरठीं में प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी उतारेगी और सैनिकों, किसानों, युवाओं तथा आम जनता के मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी।
पटियाल ने कहा कि सेवानिवृत्त सैनिकों ने मिलकर भारतीय जवान किसान पार्टी का गठन किया है। कहा कि अग्निवीर योजना को लेकर पार्टी ने 19 महीने तक संघर्ष किया, लेकिन पक्ष और विपक्ष दोनों ने सैनिकों की मांगों को गंभीरता से नहीं सुना। उन्होंने कहा कि चार साल की सेवा के बाद अग्निवीरों को छोड़ देना देश की सुरक्षा और युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है। पटियाल ने अर्धसैनिक बलों की पेंशन व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2002 के बाद पेंशन व्यवस्था को लेकर जवानों में असंतोष है। कठिन परिस्थितियों में देश की सुरक्षा में ड्यूटी करने वाले जवानों की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। 2027 के चुनाव में नए लोगों और युवाओं को राजनीति में आगे लाया जाएगा। सैनिक पृष्ठभूमि से जुड़े लोगों और युवाओं को चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी है। उन्होंने युवाओं से पार्टी से जुड़ने का आह्वान किया। आरक्षण व्यवस्था पर पटियाल ने कहा कि आरक्षण जाति के आधार पर नहीं बल्कि आर्थिक आधार पर होना चाहिए। उन्होंने पेपर लीक की घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे मेहनत करने वाले युवाओं में निराशा पैदा हो रही है। पटियाल ने कहा कि पार्टी केवल चुनाव लड़ने के लिए नहीं बनी है, बल्कि सैनिकों, किसानों और युवाओं की आवाज को राजनीतिक मंच देने के उद्देश्य से काम कर रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गेहड़वीं (बिलासपुर)। भारतीय जवान किसान पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व सैनिक सूबेदार मेजर कुलवंत सिंह पटियाल ने कहा है कि सैनिकों की मांगों की अनदेखी जारी रही तो वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में इसका राजनीतिक जवाब दिया जाएगा। बरठीं में प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी उतारेगी और सैनिकों, किसानों, युवाओं तथा आम जनता के मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी।
पटियाल ने कहा कि सेवानिवृत्त सैनिकों ने मिलकर भारतीय जवान किसान पार्टी का गठन किया है। कहा कि अग्निवीर योजना को लेकर पार्टी ने 19 महीने तक संघर्ष किया, लेकिन पक्ष और विपक्ष दोनों ने सैनिकों की मांगों को गंभीरता से नहीं सुना। उन्होंने कहा कि चार साल की सेवा के बाद अग्निवीरों को छोड़ देना देश की सुरक्षा और युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है। पटियाल ने अर्धसैनिक बलों की पेंशन व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2002 के बाद पेंशन व्यवस्था को लेकर जवानों में असंतोष है। कठिन परिस्थितियों में देश की सुरक्षा में ड्यूटी करने वाले जवानों की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। 2027 के चुनाव में नए लोगों और युवाओं को राजनीति में आगे लाया जाएगा। सैनिक पृष्ठभूमि से जुड़े लोगों और युवाओं को चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी है। उन्होंने युवाओं से पार्टी से जुड़ने का आह्वान किया। आरक्षण व्यवस्था पर पटियाल ने कहा कि आरक्षण जाति के आधार पर नहीं बल्कि आर्थिक आधार पर होना चाहिए। उन्होंने पेपर लीक की घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे मेहनत करने वाले युवाओं में निराशा पैदा हो रही है। पटियाल ने कहा कि पार्टी केवल चुनाव लड़ने के लिए नहीं बनी है, बल्कि सैनिकों, किसानों और युवाओं की आवाज को राजनीतिक मंच देने के उद्देश्य से काम कर रही है।
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