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Bilaspur News: मुख्याध्यापकों के खाली होने वाले पदों को तुरंत भरे शिक्षा विभाग
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पदोन्नत स्कूल प्राध्यापक संघ ने सरकार से हस्तक्षेप की उठाई मांग
अप्रैल के पहले सप्ताह में 512 पद होंगे रिक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश पदोन्नत स्कूल प्राध्यापक संघ के राज्य प्रधान यशपाल रणौत ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक संकट मंडराने लगा है। अप्रैल के पहले सप्ताह में करीब 512 मुख्याध्यापक के पद एक साथ रिक्त होने जा रहे हैं। यह स्थिति इसलिए उत्पन्न हो रही है क्योंकि वर्तमान मुख्याध्यापकों को हाल ही में प्रधानाचार्य के पद पर पदोन्नत कर उनके नए स्टेशन आवंटित किए जा रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश पदोन्नत स्कूल प्राध्यापक संघ ने इस गंभीर स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इन पदों को नहीं भरा गया, तो प्रदेश के सैकड़ों उच्च विद्यालय बिना मुखिया के रह जाएंगे, जिससे न केवल प्रशासनिक कार्य प्रभावित होंगे, बल्कि शैक्षणिक गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा। संगठन ने सुझाव दिया है कि मुख्याध्यापक पदों को भरने के लिए पहले से संपन्न डीपीसी के आधार पर तुरंत पदोन्नति सूची जारी की जाए। इसके अलावा यदि कुछ पद रिक्त रह जाते हैं, तो नई डीपीसी के लिए मांगे गए नामों में से आचार संहिता लागू होने से पहले ही नियुक्तियां सुनिश्चित की जाएं। विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी दिनों में स्कूलों में नए सत्र की प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने जा रही है, जिसमें विद्यालय प्रमुख की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में मुख्याध्यापक पदों का खाली रहना स्कूल प्रबंधन और विद्यार्थियों दोनों के हितों के खिलाफ होगा। उन्होंने शीघ्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग उठाई है।
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अप्रैल के पहले सप्ताह में 512 पद होंगे रिक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश पदोन्नत स्कूल प्राध्यापक संघ के राज्य प्रधान यशपाल रणौत ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक संकट मंडराने लगा है। अप्रैल के पहले सप्ताह में करीब 512 मुख्याध्यापक के पद एक साथ रिक्त होने जा रहे हैं। यह स्थिति इसलिए उत्पन्न हो रही है क्योंकि वर्तमान मुख्याध्यापकों को हाल ही में प्रधानाचार्य के पद पर पदोन्नत कर उनके नए स्टेशन आवंटित किए जा रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश पदोन्नत स्कूल प्राध्यापक संघ ने इस गंभीर स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इन पदों को नहीं भरा गया, तो प्रदेश के सैकड़ों उच्च विद्यालय बिना मुखिया के रह जाएंगे, जिससे न केवल प्रशासनिक कार्य प्रभावित होंगे, बल्कि शैक्षणिक गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा। संगठन ने सुझाव दिया है कि मुख्याध्यापक पदों को भरने के लिए पहले से संपन्न डीपीसी के आधार पर तुरंत पदोन्नति सूची जारी की जाए। इसके अलावा यदि कुछ पद रिक्त रह जाते हैं, तो नई डीपीसी के लिए मांगे गए नामों में से आचार संहिता लागू होने से पहले ही नियुक्तियां सुनिश्चित की जाएं। विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी दिनों में स्कूलों में नए सत्र की प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने जा रही है, जिसमें विद्यालय प्रमुख की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में मुख्याध्यापक पदों का खाली रहना स्कूल प्रबंधन और विद्यार्थियों दोनों के हितों के खिलाफ होगा। उन्होंने शीघ्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग उठाई है।
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