{"_id":"6a3d3a4f4a2d783f9300e6b7","slug":"freedom-fighters-wife-sits-on-a-protest-outside-the-dc-office-hoping-for-justice-bilaspur-news-c-92-1-ssml1001-162512-2026-06-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: न्याय की आस में डीसी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठीं स्वतंत्रता सेनानी की पत्नी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: न्याय की आस में डीसी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठीं स्वतंत्रता सेनानी की पत्नी
Thu, 25 Jun 2026 11:54 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 25 Jun 2026 11:54 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुश्तैनी मकान की मरम्मत रोकने, धमकियां देने और प्रशासनिक अनदेखी के लगाए आरोप
डीसी ने एसडीएम को दिए प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले एक स्वतंत्रता सेनानी की 90 वर्षीय पत्नी को अपने ही पुश्तैनी मकान की मरम्मत करवाने के लिए प्रशासन के दरवाजे खटखटाने पड़ रहे हैं। घुमारवीं उपमंडल की ग्राम पंचायत करलोटी निवासी राम प्यारी, पत्नी दिवंगत अमर नाथ डोगरा (स्वतंत्रता सेनानी), पड़ोसियों की कथित प्रताड़ना और प्रशासनिक अनदेखी से परेशान होकर वीरवार को अपने परिवार सहित उपायुक्त कार्यालय बिलासपुर के बाहर धरने पर बैठ गईं। करीब दो घंटे तक धरने पर बैठने के बाद उन्होंने उपायुक्त को शिकायत पत्र सौंपकर सुरक्षा और न्याय की मांग की।
राम प्यारी ने बताया कि उनका पुश्तैनी मकान बेहद खस्ताहाल स्थिति में पहुंच चुका है। मकान की छत पूरी तरह गल-सड़ चुकी है और बरसात के मौसम में उसके कभी भी गिरने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने बताया कि परिवार की सुरक्षा को देखते हुए जब मकान की मरम्मत का कार्य शुरू करवाया गया और मिस्त्री लगाए गए, तब गांव के ही एक व्यक्ति ने काम रुकवा दिया। महिला का कहना है कि जिस भूमि पर मकान स्थित है, उससे संबंधित मामला न्यायालय में विचाराधीन है और भूमि की तक्सीम अभी तक नहीं हुई है। हालांकि, न्यायालय द्वारा लगाए गए स्थगन आदेश के बावजूद मकान की आवश्यक मरम्मत की अनुमति होती है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें मरम्मत नहीं करने दी जा रही। बुजुर्ग महिला ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने मरम्मत कार्य रोकने का विरोध किया तो संबंधित परिवार के लोगों ने उनके साथ मारपीट की। इतना ही नहीं, उन्हें बंदूक दिखाकर जान से मारने की धमकियां भी दी गईं। उन्होंने कहा कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी उक्त परिवार द्वारा उन पर हमला किया जा चुका है, जिसमें उनके सिर पर गंभीर चोटें आई थीं और उन्हें 15 टांके लगाने पड़े थे। राम प्यारी ने कहा कि उम्र के इस पड़ाव में उन्हें सुरक्षा और सम्मान की उम्मीद थी, लेकिन आज उन्हें अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
शिकायतकर्ता ने भावुक होते हुए बताया कि उन्हें ठीक से दिखाई और सुनाई भी नहीं देता। उनके बेटे रोजगार के कारण अक्सर घर से बाहर रहते हैं, जिसके चलते वह अपनी पुत्रवधू और छोटे बच्चों के साथ इसी जर्जर मकान में रहने को मजबूर हैं। मकान की हालत इतनी खराब है कि वहां आए दिन सांप और अन्य जहरीले जीव निकलते रहते हैं। इसी कारण पहले उनकी एक पोती की सांप के काटने से मौत भी हो चुकी है। इसके बावजूद समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि समय रहते मकान की मरम्मत नहीं हुई तो बरसात के दौरान कोई बड़ा हादसा हो सकता है। राम प्यारी ने घुमारवीं पुलिस और स्थानीय प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते उनकी समस्या का समाधान किया जाता तो उन्हें इस उम्र में जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर धरना देने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता। धरने के दौरान उनके परिजनों और समर्थकों ने भी प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर बुजुर्ग महिला को राहत दिलाने की मांग की।
विज्ञापन
इनसेट
जिलाधिकारी ने दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने तुरंत संज्ञान लिया। उपायुक्त ने बताया कि बुजुर्ग महिला की शिकायत प्राप्त होने के बाद एसडीएम घुमारवीं को प्राथमिकता के आधार पर भूमि तक्सीम की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए राजस्व विभाग और संबंधित फील्ड स्टाफ को मौके पर भेजा गया है। प्रशासन मामले की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेगा ताकि प्रभावित परिवार को राहत मिल सके।
विज्ञापन
डीसी ने एसडीएम को दिए प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले एक स्वतंत्रता सेनानी की 90 वर्षीय पत्नी को अपने ही पुश्तैनी मकान की मरम्मत करवाने के लिए प्रशासन के दरवाजे खटखटाने पड़ रहे हैं। घुमारवीं उपमंडल की ग्राम पंचायत करलोटी निवासी राम प्यारी, पत्नी दिवंगत अमर नाथ डोगरा (स्वतंत्रता सेनानी), पड़ोसियों की कथित प्रताड़ना और प्रशासनिक अनदेखी से परेशान होकर वीरवार को अपने परिवार सहित उपायुक्त कार्यालय बिलासपुर के बाहर धरने पर बैठ गईं। करीब दो घंटे तक धरने पर बैठने के बाद उन्होंने उपायुक्त को शिकायत पत्र सौंपकर सुरक्षा और न्याय की मांग की।
राम प्यारी ने बताया कि उनका पुश्तैनी मकान बेहद खस्ताहाल स्थिति में पहुंच चुका है। मकान की छत पूरी तरह गल-सड़ चुकी है और बरसात के मौसम में उसके कभी भी गिरने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने बताया कि परिवार की सुरक्षा को देखते हुए जब मकान की मरम्मत का कार्य शुरू करवाया गया और मिस्त्री लगाए गए, तब गांव के ही एक व्यक्ति ने काम रुकवा दिया। महिला का कहना है कि जिस भूमि पर मकान स्थित है, उससे संबंधित मामला न्यायालय में विचाराधीन है और भूमि की तक्सीम अभी तक नहीं हुई है। हालांकि, न्यायालय द्वारा लगाए गए स्थगन आदेश के बावजूद मकान की आवश्यक मरम्मत की अनुमति होती है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें मरम्मत नहीं करने दी जा रही। बुजुर्ग महिला ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने मरम्मत कार्य रोकने का विरोध किया तो संबंधित परिवार के लोगों ने उनके साथ मारपीट की। इतना ही नहीं, उन्हें बंदूक दिखाकर जान से मारने की धमकियां भी दी गईं। उन्होंने कहा कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी उक्त परिवार द्वारा उन पर हमला किया जा चुका है, जिसमें उनके सिर पर गंभीर चोटें आई थीं और उन्हें 15 टांके लगाने पड़े थे। राम प्यारी ने कहा कि उम्र के इस पड़ाव में उन्हें सुरक्षा और सम्मान की उम्मीद थी, लेकिन आज उन्हें अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
शिकायतकर्ता ने भावुक होते हुए बताया कि उन्हें ठीक से दिखाई और सुनाई भी नहीं देता। उनके बेटे रोजगार के कारण अक्सर घर से बाहर रहते हैं, जिसके चलते वह अपनी पुत्रवधू और छोटे बच्चों के साथ इसी जर्जर मकान में रहने को मजबूर हैं। मकान की हालत इतनी खराब है कि वहां आए दिन सांप और अन्य जहरीले जीव निकलते रहते हैं। इसी कारण पहले उनकी एक पोती की सांप के काटने से मौत भी हो चुकी है। इसके बावजूद समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि समय रहते मकान की मरम्मत नहीं हुई तो बरसात के दौरान कोई बड़ा हादसा हो सकता है। राम प्यारी ने घुमारवीं पुलिस और स्थानीय प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते उनकी समस्या का समाधान किया जाता तो उन्हें इस उम्र में जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर धरना देने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता। धरने के दौरान उनके परिजनों और समर्थकों ने भी प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर बुजुर्ग महिला को राहत दिलाने की मांग की।
विज्ञापन
इनसेट
जिलाधिकारी ने दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने तुरंत संज्ञान लिया। उपायुक्त ने बताया कि बुजुर्ग महिला की शिकायत प्राप्त होने के बाद एसडीएम घुमारवीं को प्राथमिकता के आधार पर भूमि तक्सीम की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए राजस्व विभाग और संबंधित फील्ड स्टाफ को मौके पर भेजा गया है। प्रशासन मामले की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेगा ताकि प्रभावित परिवार को राहत मिल सके।