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Bilaspur News: गागल एसीसी यूनियन चुनाव संपन्न, 17 प्रस्ताव पारित
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sat, 11 Apr 2026 09:41 PM IST
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गागल एसीसी यूनियन की नई कार्यकारिणी। स्रोत: यूनियन
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इंद्र देव अध्यक्ष, देवेंद्र सिंह ठाकुर को कार्यकारी अध्यक्ष का जिम्मा
2026-29 के लिए किया नई कार्यकारिणी का गठन
ठेका मजदूरों के वेतन, पदोन्नति व ग्रेच्युटी के मुद्दे उठाए
पैकिंग प्लांट में काम घटने से श्रमिक न्यूनतम वेतन से वंचित
ग्रेच्युटी गणना में अनियमितता पर यूनियन ने उठाए सवाल, त्रिपक्षीय समझौते के पालन की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। दी गागल एसीसी सीमेंट कॉन्ट्रेक्टर वर्कर्स यूनियन संख्या 997 के त्रैवार्षिक चुनाव साधारण सभा यूनियन कार्यालय गुग्गा मंदिर भटेड़ के समीप कार्यकारी अध्यक्ष रतन लाल ठाकुर की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस दौरान वर्ष 2026-2029 के लिए नई कार्यकारिणी का गठन किया गया।
नई कार्यकारिणी में इंद्र देव को अध्यक्ष, देवेंद्र सिंह ठाकुर को कार्यकारी अध्यक्ष, बीरबल व बाबू राम को उपाध्यक्ष बनाया गया। सदा राम को महासचिव, प्रदीप कुमार को उप महासचिव तथा राजेश कुमार व कुलदीप कुमार को संयुक्त सचिव चुना गया। राकेश कुमार को कोषाध्यक्ष, बलदेव कुमार को सह कोषाध्यक्ष, मदन लाल को प्रेस सचिव, रतन लाल ठाकुर को संगठन मंत्री, रमेश चंद को सह संगठन मंत्री तथा राजेंद्र कुमार को कार्यालय सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। शिव राम संख्यान को मुख्य सलाहकार नियुक्त किया गया।
सभा के दौरान कुल 17 प्रस्ताव पारित किए गए, जिनमें तीन प्रमुख मुद्दों पर विशेष चर्चा हुई। पहले प्रस्ताव में मांग उठाई गई कि प्लांट में कार्यरत सभी ठेका मजदूरों को बिना भेदभाव त्रिपक्षीय समझौते का लाभ दिया जाए और पात्र कर्मचारियों को उनकी पात्रता तिथि से पदोन्नति दी जाए। दूसरे प्रस्ताव में पैकिंग प्लांट के श्रमिकों की समस्या उठाते हुए बताया गया कि कार्य में कमी के कारण उन्हें सीमेंट वेज बोर्ड आदेश 1959/1967 के तहत न्यूनतम वेतन नहीं मिल पा रहा है, जिससे करीब 20 हजार रुपये तक का नुकसान हो रहा है। साथ ही बंत विकास और नरेश कंस्ट्रक्शन कंपनियों पर 16 सितंबर 2021 के त्रिपक्षीय समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया गया। तीसरे प्रस्ताव में ग्रेच्युटी गणना को लेकर चिंता जताई गई। यूनियन ने कहा कि कम कार्य मिलने के बावजूद ग्रेच्युटी अभी भी पीस/टन रेट के आधार पर तय की जा रही है, जिससे 25-30 वर्षों की सेवा के बाद भी श्रमिकों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा। यूनियन ने सभी प्रस्तावों को संबंधित विभागों के समक्ष उठाने और श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
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ठेका मजदूरों के वेतन, पदोन्नति व ग्रेच्युटी के मुद्दे उठाए
पैकिंग प्लांट में काम घटने से श्रमिक न्यूनतम वेतन से वंचित
ग्रेच्युटी गणना में अनियमितता पर यूनियन ने उठाए सवाल, त्रिपक्षीय समझौते के पालन की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। दी गागल एसीसी सीमेंट कॉन्ट्रेक्टर वर्कर्स यूनियन संख्या 997 के त्रैवार्षिक चुनाव साधारण सभा यूनियन कार्यालय गुग्गा मंदिर भटेड़ के समीप कार्यकारी अध्यक्ष रतन लाल ठाकुर की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस दौरान वर्ष 2026-2029 के लिए नई कार्यकारिणी का गठन किया गया।
नई कार्यकारिणी में इंद्र देव को अध्यक्ष, देवेंद्र सिंह ठाकुर को कार्यकारी अध्यक्ष, बीरबल व बाबू राम को उपाध्यक्ष बनाया गया। सदा राम को महासचिव, प्रदीप कुमार को उप महासचिव तथा राजेश कुमार व कुलदीप कुमार को संयुक्त सचिव चुना गया। राकेश कुमार को कोषाध्यक्ष, बलदेव कुमार को सह कोषाध्यक्ष, मदन लाल को प्रेस सचिव, रतन लाल ठाकुर को संगठन मंत्री, रमेश चंद को सह संगठन मंत्री तथा राजेंद्र कुमार को कार्यालय सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। शिव राम संख्यान को मुख्य सलाहकार नियुक्त किया गया।
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सभा के दौरान कुल 17 प्रस्ताव पारित किए गए, जिनमें तीन प्रमुख मुद्दों पर विशेष चर्चा हुई। पहले प्रस्ताव में मांग उठाई गई कि प्लांट में कार्यरत सभी ठेका मजदूरों को बिना भेदभाव त्रिपक्षीय समझौते का लाभ दिया जाए और पात्र कर्मचारियों को उनकी पात्रता तिथि से पदोन्नति दी जाए। दूसरे प्रस्ताव में पैकिंग प्लांट के श्रमिकों की समस्या उठाते हुए बताया गया कि कार्य में कमी के कारण उन्हें सीमेंट वेज बोर्ड आदेश 1959/1967 के तहत न्यूनतम वेतन नहीं मिल पा रहा है, जिससे करीब 20 हजार रुपये तक का नुकसान हो रहा है। साथ ही बंत विकास और नरेश कंस्ट्रक्शन कंपनियों पर 16 सितंबर 2021 के त्रिपक्षीय समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया गया। तीसरे प्रस्ताव में ग्रेच्युटी गणना को लेकर चिंता जताई गई। यूनियन ने कहा कि कम कार्य मिलने के बावजूद ग्रेच्युटी अभी भी पीस/टन रेट के आधार पर तय की जा रही है, जिससे 25-30 वर्षों की सेवा के बाद भी श्रमिकों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा। यूनियन ने सभी प्रस्तावों को संबंधित विभागों के समक्ष उठाने और श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।