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Bilaspur News: राजीव गांधी वन संवर्धन योजना का लेने पहुंची जर्मन टीम
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 25 Mar 2026 11:49 PM IST
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बिलासपुर पहुंची जर्मनी की टीम स्थानीय लोगों और अधिकारियों के साथ। स्रोत: जागरूक पाठक
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महिला मंडलों और स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा रोजगार
वनरोपण के साथ पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
एक वर्ष में 1 लाख की सहायता, पांच साल तक पौधों की देखरेख की जिम्मेदारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। महत्वाकांक्षी राजीव गांधी वन संवर्धन योजना को जिला बिलासपुर में गति मिलनी शुरू हो गई है। योजना का उद्देश्य प्रदेश में वन क्षेत्र का विस्तार करना, पर्यावरण संरक्षण को मजबूत बनाना और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करना है। जर्मनी से आई टीम ने स्थानीय महिला मंडलों, युवक मंडलों और स्वयं सहायता समूहों के साथ बैठक कर योजना के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
टीम ने पौधरोपण की प्रक्रिया, जंगलों की देखरेख और वनाग्नि जैसी घटनाओं की रोकथाम को लेकर विस्तार से जानकारी साझा की। साथ ही स्थानीय लोगों के सुझाव भी लिए गए, ताकि योजना को और प्रभावी बनाया जा सके। वन विभाग के अनुसार योजना के तहत महिला मंडल, युवक मंडल और स्वयं सहायता समूहों को वनरोपण और जंगलों की देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। चयनित समूहों को एक वर्ष में एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, जबकि लगाए गए पौधों की देखभाल पांच वर्षों तक सुनिश्चित करनी होगी। योजना के तहत 500 से 800 पौधे प्रति हेक्टेयर की दर से रोपित किए जाएंगे और इसके लिए 2 से 5 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। इससे न केवल हरित क्षेत्र में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय लोगों की आय में भी इजाफा होगा। विभाग का मानना है कि इस प्रकार की सहभागिता से योजना को जमीनी स्तर पर सफलतापूर्वक लागू करने में मदद मिलेगी और समुदाय की भागीदारी भी सुनिश्चित होगी। डीएफओ राजीव कुमार ने बताया कि इस योजना के माध्यम से वन क्षेत्र बढ़ाने के साथ ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिला मंडल, युवक मंडल और स्वयं सहायता समूह इस पहल से जुड़कर पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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वनरोपण के साथ पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
एक वर्ष में 1 लाख की सहायता, पांच साल तक पौधों की देखरेख की जिम्मेदारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। महत्वाकांक्षी राजीव गांधी वन संवर्धन योजना को जिला बिलासपुर में गति मिलनी शुरू हो गई है। योजना का उद्देश्य प्रदेश में वन क्षेत्र का विस्तार करना, पर्यावरण संरक्षण को मजबूत बनाना और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करना है। जर्मनी से आई टीम ने स्थानीय महिला मंडलों, युवक मंडलों और स्वयं सहायता समूहों के साथ बैठक कर योजना के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
टीम ने पौधरोपण की प्रक्रिया, जंगलों की देखरेख और वनाग्नि जैसी घटनाओं की रोकथाम को लेकर विस्तार से जानकारी साझा की। साथ ही स्थानीय लोगों के सुझाव भी लिए गए, ताकि योजना को और प्रभावी बनाया जा सके। वन विभाग के अनुसार योजना के तहत महिला मंडल, युवक मंडल और स्वयं सहायता समूहों को वनरोपण और जंगलों की देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। चयनित समूहों को एक वर्ष में एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, जबकि लगाए गए पौधों की देखभाल पांच वर्षों तक सुनिश्चित करनी होगी। योजना के तहत 500 से 800 पौधे प्रति हेक्टेयर की दर से रोपित किए जाएंगे और इसके लिए 2 से 5 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। इससे न केवल हरित क्षेत्र में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय लोगों की आय में भी इजाफा होगा। विभाग का मानना है कि इस प्रकार की सहभागिता से योजना को जमीनी स्तर पर सफलतापूर्वक लागू करने में मदद मिलेगी और समुदाय की भागीदारी भी सुनिश्चित होगी। डीएफओ राजीव कुमार ने बताया कि इस योजना के माध्यम से वन क्षेत्र बढ़ाने के साथ ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिला मंडल, युवक मंडल और स्वयं सहायता समूह इस पहल से जुड़कर पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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