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अपने कर्मों का होता है सुख-दुख : मदन
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Mon, 16 Feb 2026 11:54 PM IST
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कोटलु ब्राह्मणा स्थित शिव मंदिर में चल रही श्रीमद् देवी भागवत कथा में मौजूद श्रद्धालु। स्रोत: आ
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-कोटलु ब्राह्मणा मंदिर में कथा का हुआ समापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। सुख-दुख अपने कर्मों का होता है। जो अच्छे काम करता है उसे सुख की प्राप्ति होती है और जो गलत काम करता है उसे दुख की प्राप्ति होती है। आज दहेज की प्रथा काफी बुरी है। ऐसा कोई पिता नहीं जो अपनी पुत्री को सारे सुख देने की नहीं सोचता है।
कोटलु ब्राह्मणा स्थित शिव मंदिर में चल रही श्रीमद् देवी भागवत कथा के अंतिम दिन कथावाचक मदन लाल दुर्वासा ने श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और सदाचार का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि देवी भागवत कथा मानव जीवन को सही दिशा देने वाली अमूल्य धरोहर है। कथा के माध्यम से व्यक्ति के भीतर संस्कार, संयम और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। कथा वाचक दुर्वासा ने देवी की महिमा का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि मां भगवती की भक्ति से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और घर-परिवार में सुख-शांति का वास होता है। उन्होंने कहा कि आज के भौतिक युग में मानव अपने मूल्यों से भटक रहा है, ऐसे समय में धार्मिक कथाएं समाज को जोड़ने और सही मार्ग दिखाने का कार्य करती हैं। कथा के दौरान देवी के विभिन्न स्वरूपों की सुंदर व्याख्या की गई, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। भजनों और कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय बन गया। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और मां भगवती के जयकारों से शिव मंदिर परिसर गूंज उठा। इस अवसर पर शिव मंदिर समिति के प्रधान मनोहर लाल महाजन, प्रकाश धीमान, सुभाष ठाकुर, करतार सिंह, अमर नाथ, राम चंद, बिशन दास शर्मा, रतन चंद, प्रेम लाल शोहल, गुरदेव, सहित अन्य आयोजक सदस्य मौजूद रहे।
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बरठीं (बिलासपुर)। सुख-दुख अपने कर्मों का होता है। जो अच्छे काम करता है उसे सुख की प्राप्ति होती है और जो गलत काम करता है उसे दुख की प्राप्ति होती है। आज दहेज की प्रथा काफी बुरी है। ऐसा कोई पिता नहीं जो अपनी पुत्री को सारे सुख देने की नहीं सोचता है।
कोटलु ब्राह्मणा स्थित शिव मंदिर में चल रही श्रीमद् देवी भागवत कथा के अंतिम दिन कथावाचक मदन लाल दुर्वासा ने श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और सदाचार का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि देवी भागवत कथा मानव जीवन को सही दिशा देने वाली अमूल्य धरोहर है। कथा के माध्यम से व्यक्ति के भीतर संस्कार, संयम और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। कथा वाचक दुर्वासा ने देवी की महिमा का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि मां भगवती की भक्ति से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और घर-परिवार में सुख-शांति का वास होता है। उन्होंने कहा कि आज के भौतिक युग में मानव अपने मूल्यों से भटक रहा है, ऐसे समय में धार्मिक कथाएं समाज को जोड़ने और सही मार्ग दिखाने का कार्य करती हैं। कथा के दौरान देवी के विभिन्न स्वरूपों की सुंदर व्याख्या की गई, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। भजनों और कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय बन गया। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और मां भगवती के जयकारों से शिव मंदिर परिसर गूंज उठा। इस अवसर पर शिव मंदिर समिति के प्रधान मनोहर लाल महाजन, प्रकाश धीमान, सुभाष ठाकुर, करतार सिंह, अमर नाथ, राम चंद, बिशन दास शर्मा, रतन चंद, प्रेम लाल शोहल, गुरदेव, सहित अन्य आयोजक सदस्य मौजूद रहे।
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