{"_id":"69931bb9b0369864f1084d0f","slug":"the-learning-of-children-will-be-made-more-simple-interesting-and-effective-bilaspur-news-c-92-1-bls1001-154108-2026-02-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: नौनिहालों के पठन-पाठन को बनाया जाएगा जयादा सरल, रोचक और प्रभावी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: नौनिहालों के पठन-पाठन को बनाया जाएगा जयादा सरल, रोचक और प्रभावी
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Mon, 16 Feb 2026 11:58 PM IST
विज्ञापन
बिलासपुर में आयोजित प्री प्राइमरी कक्षाओं के अध्यापकों की कार्यशाला में मौजूद अध्यापक। स्रोत: श
विज्ञापन
तीन खंडों में प्री-प्राइमरी शिक्षकों की पांच दिवसीय कार्यशाला शुरू
कार्यशाला में 231 शिक्षक ले रहे भाग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले की प्राइमरी पाठशालाओं में प्री-प्राइमरी कक्षाओं को पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए सोमवार से तीन खंडों में पांच दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यशाला का उद्देश्य नौनिहालों के पठन-पाठन को अधिक सरल, रोचक और प्रभावी बनाना है।
झंडूता खंड से 93, घुमारवीं-1 खंड से 83 और सदर खंड से 55 अध्यापक इस प्रशिक्षण में भाग ले रहे हैं। कार्यशाला के दौरान प्री-प्राइमरी कक्षाओं में शिक्षण प्रक्रिया को सुगम बनाने, बच्चों के अनुकूल वातावरण तैयार करने और गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। प्रशिक्षण सत्रों में प्री-प्राइमरी कक्षाओं के लिए तैयार किए गए हिम वाटिका प्लानर पर भी मंथन होगा। इसके अलावा बाल वाटिका-2 और बाल वाटिका-3 के विद्यार्थियों के लिए गणित व अंग्रेजी विषय में किए जाने वाले क्रियाकलापों और गतिविधियों पर व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया जाएगा। इस अवसर पर उपनिदेशक शिक्षा गुणवत्ता निशा गुप्ता ने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे प्रशिक्षण का पूरा लाभ उठाएं, ताकि छोटे बच्चों के लिए सकारात्मक और अनुकूल शिक्षण वातावरण विकसित किया जा सके। जिला समन्वयक अतुल शर्मा ने बताया कि सभी वक्ता राज्य स्तर पर प्रशिक्षित हैं और वे विषयवार विस्तृत जानकारी साझा करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह कार्यशाला प्री-प्राइमरी शिक्षकों के लिए उपयोगी और गुणकारी सिद्ध होगी।
Trending Videos
कार्यशाला में 231 शिक्षक ले रहे भाग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले की प्राइमरी पाठशालाओं में प्री-प्राइमरी कक्षाओं को पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए सोमवार से तीन खंडों में पांच दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यशाला का उद्देश्य नौनिहालों के पठन-पाठन को अधिक सरल, रोचक और प्रभावी बनाना है।
झंडूता खंड से 93, घुमारवीं-1 खंड से 83 और सदर खंड से 55 अध्यापक इस प्रशिक्षण में भाग ले रहे हैं। कार्यशाला के दौरान प्री-प्राइमरी कक्षाओं में शिक्षण प्रक्रिया को सुगम बनाने, बच्चों के अनुकूल वातावरण तैयार करने और गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। प्रशिक्षण सत्रों में प्री-प्राइमरी कक्षाओं के लिए तैयार किए गए हिम वाटिका प्लानर पर भी मंथन होगा। इसके अलावा बाल वाटिका-2 और बाल वाटिका-3 के विद्यार्थियों के लिए गणित व अंग्रेजी विषय में किए जाने वाले क्रियाकलापों और गतिविधियों पर व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया जाएगा। इस अवसर पर उपनिदेशक शिक्षा गुणवत्ता निशा गुप्ता ने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे प्रशिक्षण का पूरा लाभ उठाएं, ताकि छोटे बच्चों के लिए सकारात्मक और अनुकूल शिक्षण वातावरण विकसित किया जा सके। जिला समन्वयक अतुल शर्मा ने बताया कि सभी वक्ता राज्य स्तर पर प्रशिक्षित हैं और वे विषयवार विस्तृत जानकारी साझा करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह कार्यशाला प्री-प्राइमरी शिक्षकों के लिए उपयोगी और गुणकारी सिद्ध होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन