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Bilaspur News: स्मार्ट मीटर बिजली की खपत मापने का यंत्र, दरों या बिलिंग नीति से संबंध नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Mon, 16 Feb 2026 11:57 PM IST
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स्मार्ट मीटर को लेकर भ्रांतियां दूर करने को लगाया जागरूकता शिविर
रीडिंग पर संदेह होने पर पुराने मीटर के साथ दूसरा मीटर लगाने की भी अनुमति
बोर्ड ने सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक तथ्यों का किया खंडन
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड के बिजली बोर्ड डिवीजन घुमारवीं की ओर से सोमवार को स्मार्ट मीटर के प्रति लोगों में फैलाई जा रही भ्रांतियां दूर करने के उद्देश्य से जागरूकता शिविर लगाया गया। शिविर में स्मार्ट मीटर स्थापित करने वाली कंपनी के इंजीनियर रजत ने उपभोक्ताओं को विस्तार से जानकारी देते हुए सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक तथ्यों का खंडन किया।
उन्होंने बताया कि कई उपभोक्ताओं के मन में स्मार्ट मीटर की रीडिंग को लेकर शंकाएं हैं। ऐसी स्थिति में सरकार ने मौजूदा मीटर के साथ दूसरा स्मार्ट मीटर लगाने की अनुमति भी दी है, ताकि दोनों मीटर की रीडिंग की तुलना कर किसी भी संभावित गड़बड़ी की जांच की जा सके। इससे उपभोक्ताओं को पारदर्शिता का भरोसा मिलेगा। इंजीनियर ने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर केवल बिजली खपत मापने का आधुनिक उपकरण है और इसका बिजली दरों या बिलिंग नीति से कोई संबंध नहीं है। स्मार्ट मीटर लगने से बिजली बिलों में बढ़ोतरी नहीं होगी और न ही उपभोक्ताओं को मिलने वाली सब्सिडी पर कोई प्रभाव पड़ेगा। 125 यूनिट तक मिलने वाली मुफ्त बिजली की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक लगभग 7.5 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। पुराने मीटरों में कई बार रीडिंग न होने पर औसत आधार पर बिल जारी कर दिया जाता था, जबकि स्मार्ट मीटर में वास्तविक खपत के आधार पर ही बिल तैयार होगा। यदि उपभोक्ता बिजली का उपयोग नहीं करता है तो उसे औसत बिल नहीं भेजा जाएगा। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी शंका की स्थिति में संबंधित विद्युत उपमंडल कार्यालय से संपर्क करें। इस मौके सहायक अभियंता सचिन आर्य, विवेकानंद, कनिष्ठ अभियंता महेंद्र, विशाल सहित काफी संख्या में उपभोक्ता मौजूद रहे।
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रीडिंग पर संदेह होने पर पुराने मीटर के साथ दूसरा मीटर लगाने की भी अनुमति
बोर्ड ने सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक तथ्यों का किया खंडन
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड के बिजली बोर्ड डिवीजन घुमारवीं की ओर से सोमवार को स्मार्ट मीटर के प्रति लोगों में फैलाई जा रही भ्रांतियां दूर करने के उद्देश्य से जागरूकता शिविर लगाया गया। शिविर में स्मार्ट मीटर स्थापित करने वाली कंपनी के इंजीनियर रजत ने उपभोक्ताओं को विस्तार से जानकारी देते हुए सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक तथ्यों का खंडन किया।
उन्होंने बताया कि कई उपभोक्ताओं के मन में स्मार्ट मीटर की रीडिंग को लेकर शंकाएं हैं। ऐसी स्थिति में सरकार ने मौजूदा मीटर के साथ दूसरा स्मार्ट मीटर लगाने की अनुमति भी दी है, ताकि दोनों मीटर की रीडिंग की तुलना कर किसी भी संभावित गड़बड़ी की जांच की जा सके। इससे उपभोक्ताओं को पारदर्शिता का भरोसा मिलेगा। इंजीनियर ने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर केवल बिजली खपत मापने का आधुनिक उपकरण है और इसका बिजली दरों या बिलिंग नीति से कोई संबंध नहीं है। स्मार्ट मीटर लगने से बिजली बिलों में बढ़ोतरी नहीं होगी और न ही उपभोक्ताओं को मिलने वाली सब्सिडी पर कोई प्रभाव पड़ेगा। 125 यूनिट तक मिलने वाली मुफ्त बिजली की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक लगभग 7.5 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। पुराने मीटरों में कई बार रीडिंग न होने पर औसत आधार पर बिल जारी कर दिया जाता था, जबकि स्मार्ट मीटर में वास्तविक खपत के आधार पर ही बिल तैयार होगा। यदि उपभोक्ता बिजली का उपयोग नहीं करता है तो उसे औसत बिल नहीं भेजा जाएगा। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी शंका की स्थिति में संबंधित विद्युत उपमंडल कार्यालय से संपर्क करें। इस मौके सहायक अभियंता सचिन आर्य, विवेकानंद, कनिष्ठ अभियंता महेंद्र, विशाल सहित काफी संख्या में उपभोक्ता मौजूद रहे।
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