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Bilaspur News: प्यारी लगदी छैल बांकी लगदी कोटा री धार बड़ी प्यारी लगदी
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sun, 29 Mar 2026 11:59 PM IST
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कोटधार मेले में बिलासपुर लेखक संघ ने प्रस्तुत की रचनाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। कलोल क्षेत्र के गांव लग्ग शिव मंदिर प्रांगण में चल रहे कोटधार मेले में बिलासपुर लेखक संघ ने अपनी प्रस्तुति दी गई। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कर्नल जसवंत सिंह चंदेल ने की।
कर्नल चंदेल ने कोटधार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मेले हमारी सांस्कृतिक विरासत है। इस विरासत को संजोए रखना युवा पीढ़ी का कर्तव्य है। इस अवसर पर कोटधार मेला समिति के संरक्षक अमरनाथ धीमान ने बिलासपुर लेखक संघ के सदस्यों का स्वागत किया और कहा कि बिलासपुर लेखक संघ हमारी संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और युवाओं को संस्कृति से जोड़ने के लिए प्रेरित कर रहा। उन्होंने कहा कि इस मेले को शुरू किए हुए 4 साल पूरे हो गए हैं। उन्होंने लोगों से इस मेले में बढ़ चढ़कर भाग लेने का आग्रह किया है। कार्यक्रम में मंच संचालन संघ के महासचिव रवींद्र कुमार शर्मा ने किया। इस अवसर पर काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शमशेर सिंह चंदेल की कविता भ्रष्टाचारियों तुम्हें प्रणाम से हुई। बीरबल धीमान ने रे सजन चलो चलें कोटधार, रविंद्र चंदेल कमल ने युद्ध एक अभिशाप तबाही विनाश मानवता विस्थापन का दंश है, ममता कुमारी चंदेल ने कोटधार मेले पर अपनी रचना प्रस्तुत की। कर्नल जसवंत चंदेल ने कोटधार पर अपनी रचना प्रस्तुत की। रचना चंदेल ने वीर रस में सोई इस युवा पीढ़ी को गहरी नींद से उठना होगा, प्रीति शर्मा, मधु ने गांव छड्डी सियाणयां जो लोक प्रदेशा घर बणाई कर दे, रवींद्र कुमार शर्मा ने बिलासपुर का प्रसिद्ध लोकगीत घालुआ मजूरा हो डेरा तेरा दूरा हो, बीती गया फगणा तू कदी घर औणा हो, मेरेया प्रेमिया हो दिला रेया जानिया तू कदी घरे औणा हो प्रस्तुत की। केशव शर्मा रसिक ने एक एडवोकेट से जब लड़के की शादी तय हुई हास्य व्यंग प्रस्तुत किया। बृजलाल लखनपाल ने प्यारी लगदी छैल बांकी लगदी कोटा री धार बड़ी प्यारी लगदी, लश्करी राम ने भंग तंबाकू बीड़ी सिगरेट गुटका शराब जहरी नाग रचना प्रस्तुत की। नरेंद्र दत्त शर्मा ने शिव कैलाशों के वासी भजन गाकर माहौल को भक्ति मय बना दिया। संसार चंद कुटलड़िया ने जिंदगी शीर्षक से अपनी रचना प्रस्तुत की। शकुंतला शर्मा ने यह मेला है दिलदारों का, लेखकों, कवियों और साहित्यकारों का, डॉ. अनेक राम सांख्यान ने अगर वतन से मुहब्बत है देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया। करण चंदेल ने मैं दीन हूं हीन हूं, रेखा चंदेल ने सुहाग प्रस्तुत किया। डॉ. जय महलवाल ने चल मेरे मितरा सुण मेरे यारा चल कोटधारा चल कोट धारा रचना प्रस्तुत की। इस अवसर पर प्रधान मेला समिति कैप्टन ज्ञान चंद धीमान, सुशील कुमार शर्मा, अनिल शर्मा, सूबेदार सुनील शर्मा, सूबेदार मेजर राम कृष्ण, सूबेदार मेजर राम लाल, रमेश शर्मा, इंद्र राज, राज कुमार आदि उपस्थित रहे।
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बिलासपुर। कलोल क्षेत्र के गांव लग्ग शिव मंदिर प्रांगण में चल रहे कोटधार मेले में बिलासपुर लेखक संघ ने अपनी प्रस्तुति दी गई। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कर्नल जसवंत सिंह चंदेल ने की।
कर्नल चंदेल ने कोटधार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मेले हमारी सांस्कृतिक विरासत है। इस विरासत को संजोए रखना युवा पीढ़ी का कर्तव्य है। इस अवसर पर कोटधार मेला समिति के संरक्षक अमरनाथ धीमान ने बिलासपुर लेखक संघ के सदस्यों का स्वागत किया और कहा कि बिलासपुर लेखक संघ हमारी संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और युवाओं को संस्कृति से जोड़ने के लिए प्रेरित कर रहा। उन्होंने कहा कि इस मेले को शुरू किए हुए 4 साल पूरे हो गए हैं। उन्होंने लोगों से इस मेले में बढ़ चढ़कर भाग लेने का आग्रह किया है। कार्यक्रम में मंच संचालन संघ के महासचिव रवींद्र कुमार शर्मा ने किया। इस अवसर पर काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शमशेर सिंह चंदेल की कविता भ्रष्टाचारियों तुम्हें प्रणाम से हुई। बीरबल धीमान ने रे सजन चलो चलें कोटधार, रविंद्र चंदेल कमल ने युद्ध एक अभिशाप तबाही विनाश मानवता विस्थापन का दंश है, ममता कुमारी चंदेल ने कोटधार मेले पर अपनी रचना प्रस्तुत की। कर्नल जसवंत चंदेल ने कोटधार पर अपनी रचना प्रस्तुत की। रचना चंदेल ने वीर रस में सोई इस युवा पीढ़ी को गहरी नींद से उठना होगा, प्रीति शर्मा, मधु ने गांव छड्डी सियाणयां जो लोक प्रदेशा घर बणाई कर दे, रवींद्र कुमार शर्मा ने बिलासपुर का प्रसिद्ध लोकगीत घालुआ मजूरा हो डेरा तेरा दूरा हो, बीती गया फगणा तू कदी घर औणा हो, मेरेया प्रेमिया हो दिला रेया जानिया तू कदी घरे औणा हो प्रस्तुत की। केशव शर्मा रसिक ने एक एडवोकेट से जब लड़के की शादी तय हुई हास्य व्यंग प्रस्तुत किया। बृजलाल लखनपाल ने प्यारी लगदी छैल बांकी लगदी कोटा री धार बड़ी प्यारी लगदी, लश्करी राम ने भंग तंबाकू बीड़ी सिगरेट गुटका शराब जहरी नाग रचना प्रस्तुत की। नरेंद्र दत्त शर्मा ने शिव कैलाशों के वासी भजन गाकर माहौल को भक्ति मय बना दिया। संसार चंद कुटलड़िया ने जिंदगी शीर्षक से अपनी रचना प्रस्तुत की। शकुंतला शर्मा ने यह मेला है दिलदारों का, लेखकों, कवियों और साहित्यकारों का, डॉ. अनेक राम सांख्यान ने अगर वतन से मुहब्बत है देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया। करण चंदेल ने मैं दीन हूं हीन हूं, रेखा चंदेल ने सुहाग प्रस्तुत किया। डॉ. जय महलवाल ने चल मेरे मितरा सुण मेरे यारा चल कोटधारा चल कोट धारा रचना प्रस्तुत की। इस अवसर पर प्रधान मेला समिति कैप्टन ज्ञान चंद धीमान, सुशील कुमार शर्मा, अनिल शर्मा, सूबेदार सुनील शर्मा, सूबेदार मेजर राम कृष्ण, सूबेदार मेजर राम लाल, रमेश शर्मा, इंद्र राज, राज कुमार आदि उपस्थित रहे।
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