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Bilaspur News: मांगों को लेकर सरकार को सौंपा मांग पत्र
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आशा ट्रेनिंग में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की नियुक्ति पर रोक लगाने की उठाई मांग
महिला और पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के खाली पद जल्द भरने की मांग
आशा ट्रेनिंग में मौजूदा स्वास्थ्य शिक्षकों को टीओटी बनाने पर दिया जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारी महासंघ हिमाचल प्रदेश ने कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर सरकार को मांग पत्र सौंपा है। महासंघ ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य सचिव, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं हिमाचल प्रदेश तथा निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हिमाचल प्रदेश को लिखित रूप में अपनी मांगों से अवगत कराया है।
महासंघ के राज्य महासचिव सुरेश चंदेल ने बताया कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में प्रदेश में महिला और पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के रिक्त पदों को जल्द भरना शामिल है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। उन्होंने कहा कि लंबे समय से कई पद खाली पड़े हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ रहा है। बताया कि स्वास्थ्य शिक्षकों के रिक्त पदों पर प्रशिक्षित स्वास्थ्य शिक्षकों को पदोन्नति देने की मांग भी सरकार के समक्ष रखी गई है। इसके अलावा महिला व पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों के खाली पदों पर पदोन्नति देने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई है। कहा कि आशा कार्यकर्ताओं की ट्रेनिंग में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को टीओटी (ट्रेनर ऑफ ट्रेनर्स) के रूप में नियुक्त करने की प्रक्रिया को बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि आशा की हर ट्रेनिंग में वर्तमान में सेवा दे रहे स्वास्थ्य शिक्षकों को प्रशिक्षण देकर टीओटी बनाया जाए, ताकि विभाग में कार्यरत कर्मचारियों को अवसर मिल सके। कहा कि कुछ जिलों में आशा की ट्रेनिंग के दौरान टीओटी के रूप में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को लगाया जा रहा है, जबकि संबंधित जिलों में स्वास्थ्य शिक्षक पहले से ही टीओटी का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। इसके बावजूद विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से लगातार सेवानिवृत्त कर्मचारियों को ही ट्रेनिंग में लगाया जा रहा है। महासंघ ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री को शिकायत भेजते हुए मांग की है कि इस प्रथा को तुरंत बंद किया जाए, ताकि वर्तमान में सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को भी कार्य करने का अवसर मिल सके और स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाया जा सके।
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महिला और पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के खाली पद जल्द भरने की मांग
आशा ट्रेनिंग में मौजूदा स्वास्थ्य शिक्षकों को टीओटी बनाने पर दिया जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारी महासंघ हिमाचल प्रदेश ने कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर सरकार को मांग पत्र सौंपा है। महासंघ ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य सचिव, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं हिमाचल प्रदेश तथा निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हिमाचल प्रदेश को लिखित रूप में अपनी मांगों से अवगत कराया है।
महासंघ के राज्य महासचिव सुरेश चंदेल ने बताया कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में प्रदेश में महिला और पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के रिक्त पदों को जल्द भरना शामिल है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। उन्होंने कहा कि लंबे समय से कई पद खाली पड़े हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ रहा है। बताया कि स्वास्थ्य शिक्षकों के रिक्त पदों पर प्रशिक्षित स्वास्थ्य शिक्षकों को पदोन्नति देने की मांग भी सरकार के समक्ष रखी गई है। इसके अलावा महिला व पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों के खाली पदों पर पदोन्नति देने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई है। कहा कि आशा कार्यकर्ताओं की ट्रेनिंग में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को टीओटी (ट्रेनर ऑफ ट्रेनर्स) के रूप में नियुक्त करने की प्रक्रिया को बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि आशा की हर ट्रेनिंग में वर्तमान में सेवा दे रहे स्वास्थ्य शिक्षकों को प्रशिक्षण देकर टीओटी बनाया जाए, ताकि विभाग में कार्यरत कर्मचारियों को अवसर मिल सके। कहा कि कुछ जिलों में आशा की ट्रेनिंग के दौरान टीओटी के रूप में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को लगाया जा रहा है, जबकि संबंधित जिलों में स्वास्थ्य शिक्षक पहले से ही टीओटी का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। इसके बावजूद विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से लगातार सेवानिवृत्त कर्मचारियों को ही ट्रेनिंग में लगाया जा रहा है। महासंघ ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री को शिकायत भेजते हुए मांग की है कि इस प्रथा को तुरंत बंद किया जाए, ताकि वर्तमान में सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को भी कार्य करने का अवसर मिल सके और स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाया जा सके।
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