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Bilaspur News: सीजन खुलते ही पहले दिन जलाशयों से 46.37 मीट्रिक टन मछली पकड़ी
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गोबिंद सागर में पकड़ी गई 40 किलो की बिग हेड। स्रोत: डीपीआरओ
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बंद सीजन खुलते ही जलाशयों में 46.37 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन
पिछले साल से 13.31 मीट्रिक टन अधिक उत्पादन
गोबिंद सागर में पकड़ी गई 40 किलो की बिग हेड
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। प्रदेश के जलाशयों में दो माह बाद मछली पकड़ने का कार्य शुरू हो गया। बंद सीजन खुलने के पहले दिन प्रदेश के जलाशयों से 46.37 मीट्रिक टन मछली पकड़ी गई। पिछले वर्ष बंद सीजन खुलने के पहले दिन 33.06 मीट्रिक टन मछली पकड़ी गई थी। इस बार 13.31 मीट्रिक टन अधिक उत्पादन दर्ज किया है।
प्रदेश के जलाशयों, नदियों, नालों और उनकी सहायक धाराओं में 13 हजार से अधिक मछुआरे आजीविका के लिए मछली पकड़ने के कार्य से जुड़े हैं। प्रदेश के पांच प्रमुख जलाशय गोबिंद सागर, पोंग, चमेरा, कोलडैम और रणजीत सागर करीब 43,785 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले हैं। इनमें 6,300 से अधिक मछुआरे कार्यरत हैं, जबकि करीब 2,400 किलोमीटर लंबे सामान्य जल क्षेत्रों में 6,700 से अधिक मछुआरे मछली पकड़ते हैं।
मत्स्य संपदा के संरक्षण और मछलियों के प्राकृतिक प्रजनन को बढ़ावा देने के लिए हर वर्ष 16 जून से 15 अगस्त तक दो माह का बंद सीजन रखा जाता है। इस दौरान अधिकांश प्रमुख मछली प्रजातियां प्राकृतिक रूप से प्रजनन करती हैं, जिससे जल स्रोतों में मछली बीज का प्राकृतिक रूप से संग्रहण होता है।
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342 अवैध आखेट के मामले पकड़े
बंद सीजन के दौरान मत्स्य संपदा की सुरक्षा के लिए विभाग ने विशेष कर्मचारी बल तैनात किया था। बिलासपुर में 19 कैंप और एक उड़नदस्ता, पोंग डैम में 17 कैंप और एक उड़नदस्ता तथा चंबा में पांच कैंप और एक उड़नदस्ता गठित किया गया। इस दौरान नावों के अलावा वाहनों और पैदल गश्त के माध्यम से निगरानी की गई। 16 जून से 15 अगस्त तक अवैध मछली आखेट के 342 मामले पकड़े गए और 3.64 लाख रुपये का मुआवजा वसूला गया। वर्ष 2026-27 में अब तक ऐसे कुल 425 मामले पकड़े जा चुके हैं और 4.25 लाख रुपये का मुआवजा वसूल किया गया है।
गोबिंद सागर में 28.16 मीट्रिक टन मछली पकड़ी
पहले दिन गोबिंद सागर जलाशय से 28.16 मीट्रिक टन, पोंग से 17.23 मीट्रिक टन, कोलडैम से 0.068 मीट्रिक टन तथा चंबा और रणजीत सागर से 0.914 मीट्रिक टन मछली पकड़ी गई।
गोबिंद सागर के जकातखाना लैंडिंग सेंटर में बग्गी सहकारी सभा के मछुआरे सुख राम ने 40 किलोग्राम की बिग हेड मछली पकड़ी। वहीं, पोंग डैम में जंबल मत्स्य सहकारी सभा के राकेश कुमार ने 22.60 किलोग्राम की कतला, चंबा में संघारा मत्स्य सहकारी सभा के कुलदीप ने 11 किलोग्राम की सिल्वर कार्प और कोलडैम में कसोल मत्स्य सहकारी सभा के प्यारे लाल ने 6.5 किलोग्राम की ग्रास कार्प पकड़ी।
मत्स्य विभाग के निदेशक एवं प्रारक्षी ओम कांत ठाकुर ने कहा कि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के सतत प्रयासों से बंद सीजन के दौरान मत्स्य संपदा के संरक्षण और अवैध मछली आखेट पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया गया। उन्होंने कहा कि मछुआरों की आजीविका को बनाए रखने के साथ जल स्रोतों में मत्स्य संपदा के संरक्षण के लिए विभाग लगातार कार्य कर रहा है।
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पिछले साल से 13.31 मीट्रिक टन अधिक उत्पादन
गोबिंद सागर में पकड़ी गई 40 किलो की बिग हेड
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। प्रदेश के जलाशयों में दो माह बाद मछली पकड़ने का कार्य शुरू हो गया। बंद सीजन खुलने के पहले दिन प्रदेश के जलाशयों से 46.37 मीट्रिक टन मछली पकड़ी गई। पिछले वर्ष बंद सीजन खुलने के पहले दिन 33.06 मीट्रिक टन मछली पकड़ी गई थी। इस बार 13.31 मीट्रिक टन अधिक उत्पादन दर्ज किया है।
प्रदेश के जलाशयों, नदियों, नालों और उनकी सहायक धाराओं में 13 हजार से अधिक मछुआरे आजीविका के लिए मछली पकड़ने के कार्य से जुड़े हैं। प्रदेश के पांच प्रमुख जलाशय गोबिंद सागर, पोंग, चमेरा, कोलडैम और रणजीत सागर करीब 43,785 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले हैं। इनमें 6,300 से अधिक मछुआरे कार्यरत हैं, जबकि करीब 2,400 किलोमीटर लंबे सामान्य जल क्षेत्रों में 6,700 से अधिक मछुआरे मछली पकड़ते हैं।
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मत्स्य संपदा के संरक्षण और मछलियों के प्राकृतिक प्रजनन को बढ़ावा देने के लिए हर वर्ष 16 जून से 15 अगस्त तक दो माह का बंद सीजन रखा जाता है। इस दौरान अधिकांश प्रमुख मछली प्रजातियां प्राकृतिक रूप से प्रजनन करती हैं, जिससे जल स्रोतों में मछली बीज का प्राकृतिक रूप से संग्रहण होता है।
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342 अवैध आखेट के मामले पकड़े
बंद सीजन के दौरान मत्स्य संपदा की सुरक्षा के लिए विभाग ने विशेष कर्मचारी बल तैनात किया था। बिलासपुर में 19 कैंप और एक उड़नदस्ता, पोंग डैम में 17 कैंप और एक उड़नदस्ता तथा चंबा में पांच कैंप और एक उड़नदस्ता गठित किया गया। इस दौरान नावों के अलावा वाहनों और पैदल गश्त के माध्यम से निगरानी की गई। 16 जून से 15 अगस्त तक अवैध मछली आखेट के 342 मामले पकड़े गए और 3.64 लाख रुपये का मुआवजा वसूला गया। वर्ष 2026-27 में अब तक ऐसे कुल 425 मामले पकड़े जा चुके हैं और 4.25 लाख रुपये का मुआवजा वसूल किया गया है।
गोबिंद सागर में 28.16 मीट्रिक टन मछली पकड़ी
पहले दिन गोबिंद सागर जलाशय से 28.16 मीट्रिक टन, पोंग से 17.23 मीट्रिक टन, कोलडैम से 0.068 मीट्रिक टन तथा चंबा और रणजीत सागर से 0.914 मीट्रिक टन मछली पकड़ी गई।
गोबिंद सागर के जकातखाना लैंडिंग सेंटर में बग्गी सहकारी सभा के मछुआरे सुख राम ने 40 किलोग्राम की बिग हेड मछली पकड़ी। वहीं, पोंग डैम में जंबल मत्स्य सहकारी सभा के राकेश कुमार ने 22.60 किलोग्राम की कतला, चंबा में संघारा मत्स्य सहकारी सभा के कुलदीप ने 11 किलोग्राम की सिल्वर कार्प और कोलडैम में कसोल मत्स्य सहकारी सभा के प्यारे लाल ने 6.5 किलोग्राम की ग्रास कार्प पकड़ी।
मत्स्य विभाग के निदेशक एवं प्रारक्षी ओम कांत ठाकुर ने कहा कि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के सतत प्रयासों से बंद सीजन के दौरान मत्स्य संपदा के संरक्षण और अवैध मछली आखेट पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया गया। उन्होंने कहा कि मछुआरों की आजीविका को बनाए रखने के साथ जल स्रोतों में मत्स्य संपदा के संरक्षण के लिए विभाग लगातार कार्य कर रहा है।