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Bilaspur News: विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने भूमि अधिग्रहण इकाई पर उठाए सवाल

Sun, 16 Aug 2026 11:46 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 16 Aug 2026 11:46 PM IST
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The Displaced and Affected Persons' Committee raised questions regarding the land acquisition unit.
ऑडिट में करीब 50 आपत्तियां, इकाई के गठन की अधिसूचना तक उपलब्ध नहीं
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कार्यालयों को भूमि अधिग्रहण से संबंधित कार्रवाई करने का अधिकार किस आधार पर

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के महासचिव मदन लाल शर्मा ने भूमि अधिग्रहण की विशेष इकाई बिलासपुर के गठन और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। शर्मा के अनुसार सड़क निर्माण के लिए भूमि, मकान और पेड़ों के अधिग्रहण तथा मुआवजे से संबंधित ऑडिट में वरिष्ठ लेखा परीक्षा अधिकारी की ओर से करीब 50 आपत्तियां लगाईं हैं। उनका कहना है कि ऑडिट के दौरान विशेष इकाई के गठन संबंधी सरकार की अधिसूचना मांगी गई, लेकिन संबंधित कार्यालय में ऐसी अधिसूचना उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी गई।
वरिष्ठ लेखा परीक्षा अधिकारी ने ऑडिट शुरू होने के शुरुआती दौर में ही ज्ञापन से भू-अर्जन अधिकारी बिलासपुर से भूमि अधिग्रहण की विशेष इकाई के गठन संबंधी सरकार की अधिसूचना उपलब्ध करवाने को कहा। इसके जवाब में भू-अर्जन अधिकारी ने कार्यालय डीलिंग हैंड का हवाला देते हुए बताया कि उक्त इकाई के स्थापित होने संबंधी सरकार की अधिसूचना कार्यालय में उपलब्ध नहीं है।
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ज्ञापन के जवाब में भू-अर्जन अधिकारी की ओर से दो अन्य उप कार्यालयों का भी उल्लेख किया गया। इनमें तहसीलदार विशेष इकाई सुंदरनगर और तहसीलदार नेरचौक शामिल हैं। ऑडिट में बिलासपुर मुख्य कार्यालय के साथ-साथ सुंदरनगर और नेरचौक उप कार्यालयों में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की जानकारी भी उपलब्ध करवाने को कहा गया।
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शर्मा ने कहा कि ऑडिट में उठे सवालों के आधार पर सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि यदि भूमि अधिग्रहण की विशेष इकाई बिलासपुर तथा उसके उप कार्यालय सुंदरनगर और नेरचौक के गठन की सरकार की अधिसूचना ही उपलब्ध नहीं है तो इन कार्यालयों को भूमि अधिग्रहण से संबंधित कार्रवाई करने का अधिकार किस आधार पर मिला। ऐसे में इन इकाइयों की ओर से करीब 16 वर्षों से किए भूमि, मकान और पेड़ों के अधिग्रहण तथा मुआवजे से संबंधित कार्यों की वैधता को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
वहीं, जिला मंडी में स्थापित भूमि अधिग्रहण इकाई को लेकर स्थिति अलग बताई गई है। लोक निर्माण विभाग शिमला की ओर से जारी पत्र में बताया है कि पंडोह में इकाई स्थापित करने का प्रस्ताव मंत्रिमंडल के समक्ष रखा था। मंत्रिमंडल की स्वीकृति के बाद 15 दिनों के भीतर राज्यपाल की ओर से इसकी अधिसूचना जारी की गई। ऐसे में बिलासपुर की विशेष इकाई के गठन की अधिसूचना उपलब्ध नहीं होने का मामला और गंभीर हो जाता है।

मदन लाल शर्मा ने सवाल उठाया कि यदि विशेष इकाई के गठन की अधिसूचना मौजूद है तो उसे सार्वजनिक या संबंधित कार्यालय के रिकॉर्ड में उपलब्ध क्यों नहीं कराया गया। उन्होंने सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
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