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Bilaspur News: आईटीआई घुमारवीं में शुरू होगा बागवानी का एक वर्षीय सर्टिफिकेट कोर्स
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आईटीआई घुमारवीं
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2026-27 सत्र से लागू होगा नया ट्रेड, 30 प्रशिक्षुओं को मिलेगा प्रवेश
-स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के अवसर, आधुनिक तकनीकों का दिया जाएगा प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। प्रदेश सरकार के तकनीकी शिक्षा विभाग ने युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध करवाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) घुमारवीं में आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से बागवानी (एरिया स्पेसिफिक) का एक वर्षीय प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। इस पाठ्यक्रम में प्रति बैच 30 प्रशिक्षुओं को प्रवेश दिया जाएगा।
नए कोर्स के शुरू होने से विशेष रूप से कृषि और बागवानी आधारित क्षेत्र के युवाओं को स्थानीय स्तर पर कौशल विकास का अवसर मिलेगा, जिससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। विभागीय आदेशों के अनुसार इस पाठ्यक्रम के संचालन के लिए संस्थान में एक अतिथि प्रशिक्षक की नियुक्ति की जाएगी। संबंधित क्षेत्र में अनुभव रखने वाले योग्य एवं प्रशिक्षित व्यक्तियों को अतिथि संकाय के रूप में जोड़ा जाएगा। इनकी नियुक्ति निर्धारित मानदेय पर की जाएगी, ताकि प्रशिक्षुओं को व्यावहारिक एवं गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिल सके। जानकारी के अनुसार इस कोर्स की शुल्क संरचना गैर-अनुदानित ट्रेड्स के अनुरूप तय की गई है। पूरे प्रशिक्षण सत्र के लिए 15,970 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। इस शुल्क को राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (एससीवीटी) द्वारा अनुमोदित किया गया है। संस्थान प्रबंधन के अनुसार प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षुओं को आधुनिक बागवानी तकनीकों, पौध उत्पादन, नर्सरी प्रबंधन, फल एवं सब्जी उत्पादन, कीट एवं रोग नियंत्रण, फसल प्रबंधन तथा उत्पादों के विपणन से संबंधित जानकारी दी जाएगी। इससे प्रशिक्षु स्वयं का रोजगार स्थापित करने के साथ-साथ कृषि आधारित उद्योगों में भी रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकेंगे।
इनसेट
संस्थान की प्रशिक्षण क्षमता में होगा विस्तार
वर्तमान समय में आईटीआई घुमारवीं में प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा रेफ्रिजरेशन एवं एयर कंडीशनिंग सहित चार ट्रेड संचालित किए जा रहे हैं। संस्थान में इस समय कुल 116 प्रशिक्षु विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। नए कोर्स के जुड़ने से संस्थान की प्रशिक्षण क्षमता में वृद्धि होगी और अधिक युवाओं को कौशल आधारित शिक्षा का लाभ मिल सकेगा।
कोट
कृषि प्रधान क्षेत्र के युवाओं के लिए उपयोगी पहल
कृषि एवं बागवानी प्रधान क्षेत्र होने के कारण यह पाठ्यक्रम युवाओं के लिए काफी लाभकारी साबित होगा। आधुनिक तकनीकों की जानकारी मिलने से युवा कम लागत में बेहतर उत्पादन कर सकेंगे और अपनी आय बढ़ाने में सक्षम होंगे। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिलेगा।
राजेश धर्माणी, तकनीकी शिक्षा मंत्री
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-स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के अवसर, आधुनिक तकनीकों का दिया जाएगा प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। प्रदेश सरकार के तकनीकी शिक्षा विभाग ने युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध करवाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) घुमारवीं में आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से बागवानी (एरिया स्पेसिफिक) का एक वर्षीय प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। इस पाठ्यक्रम में प्रति बैच 30 प्रशिक्षुओं को प्रवेश दिया जाएगा।
नए कोर्स के शुरू होने से विशेष रूप से कृषि और बागवानी आधारित क्षेत्र के युवाओं को स्थानीय स्तर पर कौशल विकास का अवसर मिलेगा, जिससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। विभागीय आदेशों के अनुसार इस पाठ्यक्रम के संचालन के लिए संस्थान में एक अतिथि प्रशिक्षक की नियुक्ति की जाएगी। संबंधित क्षेत्र में अनुभव रखने वाले योग्य एवं प्रशिक्षित व्यक्तियों को अतिथि संकाय के रूप में जोड़ा जाएगा। इनकी नियुक्ति निर्धारित मानदेय पर की जाएगी, ताकि प्रशिक्षुओं को व्यावहारिक एवं गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिल सके। जानकारी के अनुसार इस कोर्स की शुल्क संरचना गैर-अनुदानित ट्रेड्स के अनुरूप तय की गई है। पूरे प्रशिक्षण सत्र के लिए 15,970 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। इस शुल्क को राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (एससीवीटी) द्वारा अनुमोदित किया गया है। संस्थान प्रबंधन के अनुसार प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षुओं को आधुनिक बागवानी तकनीकों, पौध उत्पादन, नर्सरी प्रबंधन, फल एवं सब्जी उत्पादन, कीट एवं रोग नियंत्रण, फसल प्रबंधन तथा उत्पादों के विपणन से संबंधित जानकारी दी जाएगी। इससे प्रशिक्षु स्वयं का रोजगार स्थापित करने के साथ-साथ कृषि आधारित उद्योगों में भी रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकेंगे।
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संस्थान की प्रशिक्षण क्षमता में होगा विस्तार
वर्तमान समय में आईटीआई घुमारवीं में प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा रेफ्रिजरेशन एवं एयर कंडीशनिंग सहित चार ट्रेड संचालित किए जा रहे हैं। संस्थान में इस समय कुल 116 प्रशिक्षु विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। नए कोर्स के जुड़ने से संस्थान की प्रशिक्षण क्षमता में वृद्धि होगी और अधिक युवाओं को कौशल आधारित शिक्षा का लाभ मिल सकेगा।
कोट
कृषि प्रधान क्षेत्र के युवाओं के लिए उपयोगी पहल
कृषि एवं बागवानी प्रधान क्षेत्र होने के कारण यह पाठ्यक्रम युवाओं के लिए काफी लाभकारी साबित होगा। आधुनिक तकनीकों की जानकारी मिलने से युवा कम लागत में बेहतर उत्पादन कर सकेंगे और अपनी आय बढ़ाने में सक्षम होंगे। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिलेगा।
राजेश धर्माणी, तकनीकी शिक्षा मंत्री