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Bilaspur News: नयनादेवी मंदिर में 55 हजार श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, जयकारों से गूंजा शक्तिपीठ
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सुबह चार बजे खुले मंदिर के कपाट, पहले दिन ही उमड़ा आस्था का सैलाब
21 अगस्त तक चलेंगे श्रावण अष्टमी मेले
संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयना देवी जी (बिलासपुर)। विश्वविख्यात शक्तिपीठ श्री नयना देवी में श्रावण अष्टमी मेले वीरवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ शुरू हुए। आरती और मंत्रोच्चारण के साथ सुबह चार बजे मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। पहले दिन करीब 55 हजार श्रद्धालुओं ने माता श्री नयना देवी के दरबार में शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, दिल्ली सहित अन्य राज्यों से श्रद्धालु सुबह से ही दर्शन करने के लिए पहुंचते रहे।
मंदिर के मुख्य पुजारी श्रीकांत शर्मा ने बताया कि मंदिर के कपाट सुबह चार बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए थे। रात 12 बजे कपाट बंद होंगे और रात दो बजे दोबारा श्रद्धालुओं के दर्शन करने के लिए खोल दिए जाएंगे। रात 12 से दो बजे के बीच आरतियां होंगी। इस दौरान माता रानी को चने-पूरी, फल, मिठाई, दूध, मेवे और हलवा पूरी का प्रसाद अर्पित किया जाएगा। दोपहर 12 से 12:30 बजे के बीच मध्याह्न आरती के दौरान राजसी भोजन का प्रसाद लगाया जाएगा। श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन करने के साथ प्राचीन हवन कुंड में आहुतियां डालकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
जिला प्रशासन और मंदिर न्यास की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मंदिर न्यास अध्यक्ष एवं एसडीएम धर्मपाल ने कहा कि श्रावण अष्टमी मेलों को लेकर सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद हैं। श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना मंदिर न्यास की प्राथमिकता है और किसी भी श्रद्धालु को परेशानी आने नहीं दी जाएगी।
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इनसेट
उपायुक्त ने जर्मन हैंगर समेत व्यवस्थाओं का लिया जायजा
श्रावण अष्टमी मेले के दौरान उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने मंदिर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर परिसर, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं के लिए की गई अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। मंदिर न्यास की ओर से पहली बार माता रानी के भव्य स्टेडियम में लगाए गए जर्मन हैंगर का भी निरीक्षण किया। जर्मन हैंगर में ठहरे यात्रियों से उपायुक्त ने संवाद किया। यात्रियों ने व्यवस्था पर संतोष जताते हुए कहा कि हर वर्ष माता के दरबार में आते हैं, लेकिन इस बार ठहरने के लिए की गई व्यवस्था बेहतर है। डीसी ने कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों को श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न होने देने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। प्रशासन और मंदिर न्यास की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बेहतर व्यवस्थाएं की गई हैं। कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम के माध्यम से श्री नयना देवी क्षेत्र से लेकर कोलांवाला टोबा तक निगरानी रखी जा रही है।
इनसेट
रोजाना 20 लाख लीटर पानी की हो रही आपूर्ति
जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता राजेश ठाकुर ने बताया कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रतिदिन करीब 20 लाख लीटर पानी लिफ्ट किया जा रहा है। विभाग के कुल 28 कर्मचारी व्यवस्थाओं में तैनात हैं, जिनमें 18 कर्मचारी अस्थायी तौर पर लगाए गए हैं।
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21 अगस्त तक चलेंगे श्रावण अष्टमी मेले
संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयना देवी जी (बिलासपुर)। विश्वविख्यात शक्तिपीठ श्री नयना देवी में श्रावण अष्टमी मेले वीरवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ शुरू हुए। आरती और मंत्रोच्चारण के साथ सुबह चार बजे मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। पहले दिन करीब 55 हजार श्रद्धालुओं ने माता श्री नयना देवी के दरबार में शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, दिल्ली सहित अन्य राज्यों से श्रद्धालु सुबह से ही दर्शन करने के लिए पहुंचते रहे।
मंदिर के मुख्य पुजारी श्रीकांत शर्मा ने बताया कि मंदिर के कपाट सुबह चार बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए थे। रात 12 बजे कपाट बंद होंगे और रात दो बजे दोबारा श्रद्धालुओं के दर्शन करने के लिए खोल दिए जाएंगे। रात 12 से दो बजे के बीच आरतियां होंगी। इस दौरान माता रानी को चने-पूरी, फल, मिठाई, दूध, मेवे और हलवा पूरी का प्रसाद अर्पित किया जाएगा। दोपहर 12 से 12:30 बजे के बीच मध्याह्न आरती के दौरान राजसी भोजन का प्रसाद लगाया जाएगा। श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन करने के साथ प्राचीन हवन कुंड में आहुतियां डालकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
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जिला प्रशासन और मंदिर न्यास की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मंदिर न्यास अध्यक्ष एवं एसडीएम धर्मपाल ने कहा कि श्रावण अष्टमी मेलों को लेकर सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद हैं। श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना मंदिर न्यास की प्राथमिकता है और किसी भी श्रद्धालु को परेशानी आने नहीं दी जाएगी।
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उपायुक्त ने जर्मन हैंगर समेत व्यवस्थाओं का लिया जायजा
श्रावण अष्टमी मेले के दौरान उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने मंदिर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर परिसर, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं के लिए की गई अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। मंदिर न्यास की ओर से पहली बार माता रानी के भव्य स्टेडियम में लगाए गए जर्मन हैंगर का भी निरीक्षण किया। जर्मन हैंगर में ठहरे यात्रियों से उपायुक्त ने संवाद किया। यात्रियों ने व्यवस्था पर संतोष जताते हुए कहा कि हर वर्ष माता के दरबार में आते हैं, लेकिन इस बार ठहरने के लिए की गई व्यवस्था बेहतर है। डीसी ने कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों को श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न होने देने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। प्रशासन और मंदिर न्यास की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बेहतर व्यवस्थाएं की गई हैं। कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम के माध्यम से श्री नयना देवी क्षेत्र से लेकर कोलांवाला टोबा तक निगरानी रखी जा रही है।
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रोजाना 20 लाख लीटर पानी की हो रही आपूर्ति
जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता राजेश ठाकुर ने बताया कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रतिदिन करीब 20 लाख लीटर पानी लिफ्ट किया जा रहा है। विभाग के कुल 28 कर्मचारी व्यवस्थाओं में तैनात हैं, जिनमें 18 कर्मचारी अस्थायी तौर पर लगाए गए हैं।