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Bilaspur News: मशरूम उत्पादन से आत्मनिर्भर बनेंगे ग्रामीण युवा
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 15 Jan 2026 11:43 PM IST
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मशरूम उत्पादन की ट्रेनिंग लेने के बाद प्रमाण पत्र के साथ लाभार्थी। स्रोत: विभाग
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सेल्फ हेल्प ग्रुप, बीपीएल के 27 प्रशिक्षणार्थियों को बांटे प्रमाण पत्र
मशरूम उत्पादन आज के समय में स्वरोजगार का एक सशक्त माध्यम
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यूको ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) बिलासपुर की ओर से एक सराहनीय कदम उठाया गया है। संस्थान की ओर से आयोजित 10 दिवसीय निशुल्क मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण शिविर का समापन वीरवार को हुआ।
शिविर में जिले के विभिन्न स्वयं सहायता समूहों और बीपीएल परिवारों से जुड़े 27 प्रतिभागियों ने मशरूम उत्पादन की बारीकियां सीखीं। प्रशिक्षण के समापन अवसर पर यूको बैंक के अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) चंद्र शेखर यादव मुख्यातिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक अजय कुमार शर्मा ने की। इस दौरान मुख्य अतिथि ने सभी सफल प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र वितरित कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। समारोह को संबोधित करते हुए एलडीएम चंद्र शेखर यादव ने कहा कि मशरूम उत्पादन आज के समय में स्वरोजगार का एक सशक्त माध्यम है। इसमें लागत कम आती है और सीमित जगह में भी बेहतर मुनाफा कमाया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रहें, बल्कि इसे एक व्यवसाय के रूप में अपनाएं। उन्होंने बैंक और सरकार की विभिन्न ऋण योजनाओं का लाभ उठाकर खुद का उद्यम स्थापित करने पर जोर दिया। आरसेटी के निदेशक अजय कुमार शर्मा ने बताया कि संस्थान भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत 18 से 50 वर्ष की आयु के युवाओं को निशुल्क हुनरमंद बना रहा है। उन्होंने कहा कि मशरूम उत्पादन के अलावा ड्रेस डिजाइनिंग, ब्यूटी पार्लर, डेयरी फार्मिंग और कंप्यूटर बेसिक जैसे कई कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। प्रशिक्षण के बाद युवाओं को मुद्रा लोन, पीएमईजीपी और स्टैंड अप इंडिया जैसी योजनाओं के जरिए बैंक से आर्थिक मदद दिलाने में भी सहयोग किया जाता है।
इस दौरान प्रतिभागियों को अटल पेंशन योजना और सुकन्या समृद्धि योजना जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के बारे में भी जागरूक किया गया। प्रशिक्षुओं ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि 10 दिन के इस शिविर में उन्हें व्यावहारिक और तकनीकी ज्ञान मिला है, जिससे अब वे स्वयं का काम शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
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मशरूम उत्पादन आज के समय में स्वरोजगार का एक सशक्त माध्यम
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यूको ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) बिलासपुर की ओर से एक सराहनीय कदम उठाया गया है। संस्थान की ओर से आयोजित 10 दिवसीय निशुल्क मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण शिविर का समापन वीरवार को हुआ।
शिविर में जिले के विभिन्न स्वयं सहायता समूहों और बीपीएल परिवारों से जुड़े 27 प्रतिभागियों ने मशरूम उत्पादन की बारीकियां सीखीं। प्रशिक्षण के समापन अवसर पर यूको बैंक के अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) चंद्र शेखर यादव मुख्यातिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक अजय कुमार शर्मा ने की। इस दौरान मुख्य अतिथि ने सभी सफल प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र वितरित कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। समारोह को संबोधित करते हुए एलडीएम चंद्र शेखर यादव ने कहा कि मशरूम उत्पादन आज के समय में स्वरोजगार का एक सशक्त माध्यम है। इसमें लागत कम आती है और सीमित जगह में भी बेहतर मुनाफा कमाया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रहें, बल्कि इसे एक व्यवसाय के रूप में अपनाएं। उन्होंने बैंक और सरकार की विभिन्न ऋण योजनाओं का लाभ उठाकर खुद का उद्यम स्थापित करने पर जोर दिया। आरसेटी के निदेशक अजय कुमार शर्मा ने बताया कि संस्थान भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत 18 से 50 वर्ष की आयु के युवाओं को निशुल्क हुनरमंद बना रहा है। उन्होंने कहा कि मशरूम उत्पादन के अलावा ड्रेस डिजाइनिंग, ब्यूटी पार्लर, डेयरी फार्मिंग और कंप्यूटर बेसिक जैसे कई कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। प्रशिक्षण के बाद युवाओं को मुद्रा लोन, पीएमईजीपी और स्टैंड अप इंडिया जैसी योजनाओं के जरिए बैंक से आर्थिक मदद दिलाने में भी सहयोग किया जाता है।
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इस दौरान प्रतिभागियों को अटल पेंशन योजना और सुकन्या समृद्धि योजना जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के बारे में भी जागरूक किया गया। प्रशिक्षुओं ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि 10 दिन के इस शिविर में उन्हें व्यावहारिक और तकनीकी ज्ञान मिला है, जिससे अब वे स्वयं का काम शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।