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Bilaspur News: सीर खड्ड घुमारवीं में बच्चे लगा रहे डुबकियां, हादसे का खतरा
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सीर खड्ड घुमारवीं में नहा रहे बच्चे। संवाद
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अधिकतर प्रवासियों के बच्चे नहाने के लिए खड्ड में उतर रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं के तहत सीर खड्ड में हर वर्ष डूबने की कई घटनाएं सामने आती रही हैं, लेकिन इसके बावजूद न तो लोग सबक ले रहे हैं और न ही प्रशासन की ओर से प्रभावी रोकथाम के उपाय नजर आ रहे हैं। हालात यह हैं कि खड्ड में बने चेकडैम के कारण जलस्तर बढ़ने से जहां एक ओर बड़ा जलभराव क्षेत्र बन गया है, वहीं दूसरी ओर लोग इसे मनोरंजन का स्थल समझकर अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं।
बताते चलें कि सीर खड्ड में हाल ही में एक बड़ा चेकडैम बनाया गया है, जिसके चलते यहां पानी का स्तर करीब 20 फीट तक बढ़ गया है। इससे खड्ड के एक हिस्से में झील जैसी स्थिति बन चुकी है, जो देखने में भले ही आकर्षक लगती हो, लेकिन यह बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस क्षेत्र की गहराई का सही अंदाजा लगाना मुश्किल है, जिससे यहां नहाना जानलेवा साबित हो सकता है। इसके बावजूद प्रवासी मजदूरों के छोटे-छोटे बच्चे और महिलाएं इस गहरे पानी में बेखौफ होकर डुबकियां लगा रहे हैं। चिंताजनक बात यह है कि कई बच्चे बिना किसी निगरानी के ऊंचाई से पानी में छलांग लगाते देखे जा सकते हैं। उन्हें न तो पानी की गहराई का अंदाजा है और न ही संभावित खतरे का अहसास। जिस स्थान पर यह लोग नहा रहे हैं, वहां किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। इनमें ज्यादातर उन प्रवासी लोगों के बच्चे हैं जो मेले में अपनी दुकान लगाने आए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सीर खड्ड में पहले भी कई घटनाएं हो चुकी है, जिनमें बच्चे पानी के तेज बहाव और गहराई के कारण डूब चुके हैं। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा न तो यहां स्थायी चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। हैरानी की बात यह है कि यह संवेदनशील क्षेत्र प्रशासनिक मुख्यालय और पुलिस स्टेशन से भी ज्यादा दूर नहीं है, इसके बावजूद यहां नियमित निगरानी या गश्त की व्यवस्था नहीं की गई है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस क्षेत्र में तुरंत प्रभाव से सुरक्षा उपाय किए जाएं, जिनमें खतरनाक स्थानों पर बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और पुलिस की नियमित गश्त शामिल हो, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके और किसी अनहोनी से बचा जा सके।
कोट
संबंधित विभाग व पुलिस को आदेश दिए जाएंगे कि ऐसे स्थानों की रेकी करें जहां पर लोग मनाही के बावजूद खड्ड में नहा रहे हैं। नगर परिषद को आदेश दिए थे कि खतरे वाली जगह पर बोर्ड लगाकर लोगों को आगाह किया जाए, जिस पर नगर परिषद ने दो-तीन जगह पर चेतावनी बोर्ड भी लगाए हैं। साथ ही पुलिस को गश्त करने के आदेश दिए गए हैं।
-गौरव चौधरी, एसडीएम, घुमारवीं
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संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं के तहत सीर खड्ड में हर वर्ष डूबने की कई घटनाएं सामने आती रही हैं, लेकिन इसके बावजूद न तो लोग सबक ले रहे हैं और न ही प्रशासन की ओर से प्रभावी रोकथाम के उपाय नजर आ रहे हैं। हालात यह हैं कि खड्ड में बने चेकडैम के कारण जलस्तर बढ़ने से जहां एक ओर बड़ा जलभराव क्षेत्र बन गया है, वहीं दूसरी ओर लोग इसे मनोरंजन का स्थल समझकर अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं।
बताते चलें कि सीर खड्ड में हाल ही में एक बड़ा चेकडैम बनाया गया है, जिसके चलते यहां पानी का स्तर करीब 20 फीट तक बढ़ गया है। इससे खड्ड के एक हिस्से में झील जैसी स्थिति बन चुकी है, जो देखने में भले ही आकर्षक लगती हो, लेकिन यह बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस क्षेत्र की गहराई का सही अंदाजा लगाना मुश्किल है, जिससे यहां नहाना जानलेवा साबित हो सकता है। इसके बावजूद प्रवासी मजदूरों के छोटे-छोटे बच्चे और महिलाएं इस गहरे पानी में बेखौफ होकर डुबकियां लगा रहे हैं। चिंताजनक बात यह है कि कई बच्चे बिना किसी निगरानी के ऊंचाई से पानी में छलांग लगाते देखे जा सकते हैं। उन्हें न तो पानी की गहराई का अंदाजा है और न ही संभावित खतरे का अहसास। जिस स्थान पर यह लोग नहा रहे हैं, वहां किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। इनमें ज्यादातर उन प्रवासी लोगों के बच्चे हैं जो मेले में अपनी दुकान लगाने आए हैं।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि सीर खड्ड में पहले भी कई घटनाएं हो चुकी है, जिनमें बच्चे पानी के तेज बहाव और गहराई के कारण डूब चुके हैं। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा न तो यहां स्थायी चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। हैरानी की बात यह है कि यह संवेदनशील क्षेत्र प्रशासनिक मुख्यालय और पुलिस स्टेशन से भी ज्यादा दूर नहीं है, इसके बावजूद यहां नियमित निगरानी या गश्त की व्यवस्था नहीं की गई है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस क्षेत्र में तुरंत प्रभाव से सुरक्षा उपाय किए जाएं, जिनमें खतरनाक स्थानों पर बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और पुलिस की नियमित गश्त शामिल हो, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके और किसी अनहोनी से बचा जा सके।
कोट
संबंधित विभाग व पुलिस को आदेश दिए जाएंगे कि ऐसे स्थानों की रेकी करें जहां पर लोग मनाही के बावजूद खड्ड में नहा रहे हैं। नगर परिषद को आदेश दिए थे कि खतरे वाली जगह पर बोर्ड लगाकर लोगों को आगाह किया जाए, जिस पर नगर परिषद ने दो-तीन जगह पर चेतावनी बोर्ड भी लगाए हैं। साथ ही पुलिस को गश्त करने के आदेश दिए गए हैं।
-गौरव चौधरी, एसडीएम, घुमारवीं
