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Bilaspur News: घुमारवीं में आईपीडी भवन के लिए अभी करना होगा इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Mon, 22 Jun 2026 11:49 PM IST
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घुमारवीं अस्पताल का नया भवन। संवाद
- फोटो : credit
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11 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा भवन, 2020 में हुआ था शिलान्यास
2025 तक भवन तैयार करने का रखा था लक्ष्य
संवाद न्यूज़ एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। जिले के दूसरे सबसे बड़े सिविल अस्पताल घुमारवीं में अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का सपना अभी साकार होता नहीं दिख रहा है। 11 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे बहुप्रतीक्षित आईपीडी भवन के लिए क्षेत्र के लोगों को अभी और इंतजार करना पड़ सकता है। निर्माण कार्य के लिए निर्धारित समय सीमा समाप्त हुए एक साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी भवन का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है।
बता दें कि 20 सितंबर 2020 को चार मंजिला आईपीडी भवन का शिलान्यास किया गया था। इसके बाद भवन का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। एक साल से अधिक समय गुजर जाने के बावजूद भी भवन आज तक पूरी तरह तैयार नहीं हो सका है। ऐसे में लोगों को मिलने वाली आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं भी अभी अधर में लटकी हुई हैं। इस भवन के शुरू होने से घुमारवीं सहित 50 से अधिक पंचायतों के हजारों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस आईपीडी भवन में आधुनिक उपकरणों के साथ मरीजों के लिए अलग-अलग वार्ड और उनके तीमारदारों के लिए भी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा आधुनिक तकनीक से युक्त जच्चा-बच्चा वार्ड भी स्थापित किया जाएगा। विभागीय जानकारी के अनुसार चार मंजिला भवन के भूतल पर ट्रॉमा सेंटर स्थापित किया जाएगा। पहली मंजिल पर मेडिकल स्टोर, लैब और माइनर ऑपरेशन थिएटर की सुविधा होगी, जबकि दूसरी मंजिल पर डॉक्टर ड्यूटी रूम, कॉरिडोर और गायनी वार्ड बनाया जाएगा। तीसरी मंजिल पर वार्ड सिस्टर कार्यालय और मेडिकल वार्ड स्थापित होगा, वहीं चौथी मंजिल पर स्पेशल वार्ड और मातृ-शिशु वार्ड की व्यवस्था की जाएगी। भवन में मरीजों की सुविधा के लिए लिफ्ट और रैंप की भी व्यवस्था रहेगी।
इस भवन के शुरू होने से अस्पताल में पहली बार इमरजेंसी सेवाएं शुरू होने की उम्मीद है। साथ ही ओपीडी में आने वाले मरीजों को आवश्यकता पड़ने पर भर्ती करने की सुविधा भी मिल सकेगी, जिससे लोगों को उपचार के लिए निजी अस्पतालों या अन्य शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। आईपीडी भवन के सामने करीब 100 वाहनों की क्षमता वाली एक बड़ी पार्किंग का निर्माण भी प्रस्तावित है। इसके ऊपरी हिस्से में बड़े ऑपरेशन थिएटर के निर्माण की भी योजना है, जहां भविष्य में बड़ी शल्य चिकित्सा के साथ-साथ अन्य छोटी-बड़ी सर्जरी की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। हालांकि निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं होने के कारण लोगों को इन सुविधाओं के लिए और इंतजार करना पड़ेगा।
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कोट
आईपीडी भवन का निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है। उम्मीद है कि बचा हुआ शेष कार्य जल्द ही पूरा हो जाएगा। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ही भवन स्वास्थ्य विभाग के सुपुर्द किया जाएगा। इसके बाद ही यहां विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं शुरू की जा सकेंगी।
डॉ अनुपम शर्मा, खंड चिकित्सा अधिकारी, घुमारवीं
2025 तक भवन तैयार करने का रखा था लक्ष्य
संवाद न्यूज़ एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। जिले के दूसरे सबसे बड़े सिविल अस्पताल घुमारवीं में अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का सपना अभी साकार होता नहीं दिख रहा है। 11 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे बहुप्रतीक्षित आईपीडी भवन के लिए क्षेत्र के लोगों को अभी और इंतजार करना पड़ सकता है। निर्माण कार्य के लिए निर्धारित समय सीमा समाप्त हुए एक साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी भवन का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है।
बता दें कि 20 सितंबर 2020 को चार मंजिला आईपीडी भवन का शिलान्यास किया गया था। इसके बाद भवन का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। एक साल से अधिक समय गुजर जाने के बावजूद भी भवन आज तक पूरी तरह तैयार नहीं हो सका है। ऐसे में लोगों को मिलने वाली आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं भी अभी अधर में लटकी हुई हैं। इस भवन के शुरू होने से घुमारवीं सहित 50 से अधिक पंचायतों के हजारों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस आईपीडी भवन में आधुनिक उपकरणों के साथ मरीजों के लिए अलग-अलग वार्ड और उनके तीमारदारों के लिए भी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा आधुनिक तकनीक से युक्त जच्चा-बच्चा वार्ड भी स्थापित किया जाएगा। विभागीय जानकारी के अनुसार चार मंजिला भवन के भूतल पर ट्रॉमा सेंटर स्थापित किया जाएगा। पहली मंजिल पर मेडिकल स्टोर, लैब और माइनर ऑपरेशन थिएटर की सुविधा होगी, जबकि दूसरी मंजिल पर डॉक्टर ड्यूटी रूम, कॉरिडोर और गायनी वार्ड बनाया जाएगा। तीसरी मंजिल पर वार्ड सिस्टर कार्यालय और मेडिकल वार्ड स्थापित होगा, वहीं चौथी मंजिल पर स्पेशल वार्ड और मातृ-शिशु वार्ड की व्यवस्था की जाएगी। भवन में मरीजों की सुविधा के लिए लिफ्ट और रैंप की भी व्यवस्था रहेगी।
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इस भवन के शुरू होने से अस्पताल में पहली बार इमरजेंसी सेवाएं शुरू होने की उम्मीद है। साथ ही ओपीडी में आने वाले मरीजों को आवश्यकता पड़ने पर भर्ती करने की सुविधा भी मिल सकेगी, जिससे लोगों को उपचार के लिए निजी अस्पतालों या अन्य शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। आईपीडी भवन के सामने करीब 100 वाहनों की क्षमता वाली एक बड़ी पार्किंग का निर्माण भी प्रस्तावित है। इसके ऊपरी हिस्से में बड़े ऑपरेशन थिएटर के निर्माण की भी योजना है, जहां भविष्य में बड़ी शल्य चिकित्सा के साथ-साथ अन्य छोटी-बड़ी सर्जरी की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। हालांकि निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं होने के कारण लोगों को इन सुविधाओं के लिए और इंतजार करना पड़ेगा।
कोट
आईपीडी भवन का निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है। उम्मीद है कि बचा हुआ शेष कार्य जल्द ही पूरा हो जाएगा। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ही भवन स्वास्थ्य विभाग के सुपुर्द किया जाएगा। इसके बाद ही यहां विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं शुरू की जा सकेंगी।
डॉ अनुपम शर्मा, खंड चिकित्सा अधिकारी, घुमारवीं