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Chamba News: बिना दाम लिखे टिकट के वसूले जा रहे 70 रुपये
Sat, 01 Aug 2026 10:55 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 01 Aug 2026 10:55 PM IST
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मिंजर मेले के दौरान झूला ग्रांउड में लोगों को थमाई जा रही बिना रेट वाली टिकट। संवाद।
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लोग बोले- चौगान-तीन में झूले के टिकट पर न शुल्क अंकित है, न ही जीएसटी नंबर
पूछने पर बात नहीं करते झूला चलाने वाले, तर्क- प्रशासन ने कहा है ऐसा करने के लिए
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। चौगान-तीन में झूले के टिकट के नाम पर 70 रुपये तो लिए जा रहे हैं लेकिन टिकट यह नहीं बता रहा कि आखिर किस बात के लिए कितने पैसे लिए गए।
झूलों के टिकट पर न शुल्क अंकित है और न ही जीएसटी नंबर। ऐसे में वसूली की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। जिम्मेदार विभाग अब तक जांच के लिए नहीं पहुंचे हैं।
लोग असमंजस में हैं कि जो शुल्क उनसे लिया जा रहा है, क्या वह टेंडर के अनुसार लिया जा रहा है या उससे अधिक लिया जा रहा है। हैरानी की बात है कि प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारी जांच करने के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। यही वजह है कि जब लोग झूला चलाने वाले लोगों से टिकट पर रेट न लिखे होने की बात कर रहे हैं तो वे उनसे सीधे मुंह तक बात नहीं कर रहे। उनका तर्क होता है कि उन्हें प्रशासन ने ऐसा करने के लिए कहा है।
लोगों में वीरेंद्र सिंह, संजय शर्मा, शम्मी कुमार, करण महाजन, रवि कुमार, मनोज कुमार, नरेंद्र, योगराज और अजय कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष झूले के टिकट पर रेट और जीएसटी नंबर अंकित थे। पिछले साल 50 से 60 रुपये शुल्क था। यह इस बार बढ़ाकर 70 रुपये कर दिया है लेकिन टिकट से रेट और जीएसटी नंबर दोनों गायब हैं। उन्होंने प्रशासन और आबकारी कराधान विभाग से इस मामले में कार्रवाई करने की मांग की है।
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उधर, सहायक आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी तजिंद्र राणा ने बताया कि उनके ध्यान में यह मामला लाया गया है। जल्द झूला चौगान का निरीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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पूछने पर बात नहीं करते झूला चलाने वाले, तर्क- प्रशासन ने कहा है ऐसा करने के लिए
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। चौगान-तीन में झूले के टिकट के नाम पर 70 रुपये तो लिए जा रहे हैं लेकिन टिकट यह नहीं बता रहा कि आखिर किस बात के लिए कितने पैसे लिए गए।
झूलों के टिकट पर न शुल्क अंकित है और न ही जीएसटी नंबर। ऐसे में वसूली की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। जिम्मेदार विभाग अब तक जांच के लिए नहीं पहुंचे हैं।
लोग असमंजस में हैं कि जो शुल्क उनसे लिया जा रहा है, क्या वह टेंडर के अनुसार लिया जा रहा है या उससे अधिक लिया जा रहा है। हैरानी की बात है कि प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारी जांच करने के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। यही वजह है कि जब लोग झूला चलाने वाले लोगों से टिकट पर रेट न लिखे होने की बात कर रहे हैं तो वे उनसे सीधे मुंह तक बात नहीं कर रहे। उनका तर्क होता है कि उन्हें प्रशासन ने ऐसा करने के लिए कहा है।
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लोगों में वीरेंद्र सिंह, संजय शर्मा, शम्मी कुमार, करण महाजन, रवि कुमार, मनोज कुमार, नरेंद्र, योगराज और अजय कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष झूले के टिकट पर रेट और जीएसटी नंबर अंकित थे। पिछले साल 50 से 60 रुपये शुल्क था। यह इस बार बढ़ाकर 70 रुपये कर दिया है लेकिन टिकट से रेट और जीएसटी नंबर दोनों गायब हैं। उन्होंने प्रशासन और आबकारी कराधान विभाग से इस मामले में कार्रवाई करने की मांग की है।
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उधर, सहायक आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी तजिंद्र राणा ने बताया कि उनके ध्यान में यह मामला लाया गया है। जल्द झूला चौगान का निरीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मिंजर मेले के दौरान झूला ग्रांउड में लोगों को थमाई जा रही बिना रेट वाली टिकट। संवाद।