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Chamba News: खुंडी मराली महाकाली डल जातर में उमड़े श्रद्धालु

Wed, 19 Aug 2026 06:20 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 19 Aug 2026 06:20 AM IST
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Devotees throng the Khundi Marali Mahakali Dal Jatar.
खुंडी मराल डल को पार करने (तोड़ते)  की परंपरा का निर्वहन करते देवगुर।  जागरूक पाठक
चुराह (चंबा)। घाटी की सदियों पुरानी आस्था का प्रतीक दो दिवसीय खुंडी मराली महाकाली डल जातर मंगलवार को धार्मिक रस्मों के साथ संपन्न हुई। ज्येष्ठ मंगलवार और भाद्रपद माह के पावन अवसर पर आयोजित जातर में 17 अगस्त को चांजू के दतुई गांव से श्रद्धालुओं का जत्था रवाना हुआ। मंगलवार को 3750 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र खुंडी मराली महाकाली डल में हजारों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।
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सोमवार को चांजू काली माता मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालु माता के जयकारों के साथ डल के लिए रवाना हुए। रियाली में रात्रि विश्राम के बाद मंगलवार सुबह श्रद्धालुओं ने दुर्गम पहाड़ी रास्ते से डल तक पहुंचकर पवित्र डल तोड़ने की रस्म में भाग लिया। मां काली के गूरों और चेलों ने विधि-विधान से रस्म निभाई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने डल में स्नान कर पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की। ढोल-नगाड़ों और जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। जातर का मुख्य आकर्षण चांजू काली माता, साहो और भरमौर के लिल्ह क्षेत्र की देवियों का ऐतिहासिक मिलन रहा। मंगलवार को तीनों देवियों की पालकियां एक साथ खुंडी दरबार पहुंचीं। इस दिव्य मिलन के साक्षी बनने के लिए चुराह सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
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पवित्र डल तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को चांजू से करीब 16 किलोमीटर का दुर्गम पैदल सफर तय करना पड़ता है। कठिन चढ़ाई और नदी-नालों को पार करने के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। जातर के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के इंतजाम किए गए। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस जवान तैनात रहे। रियाली में आयुष विभाग ने स्वास्थ्य शिविर लगाकर बीपी और शुगर की निशुल्क जांच के साथ आयुर्वेदिक दवाएं उपलब्ध करवाईं। मंदिर कमेटी ने पेयजल और स्वच्छता की व्यवस्था संभाली।
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चुराह के एसडीएम राजेश जरयाल ने बताया कि प्रशासन के सहयोग से जातर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। जातर के समापन के साथ चुराह की समृद्ध देव संस्कृति और लोगों की अटूट आस्था की झलक देखने को मिली।
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