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Chamba News: मेडिकल कॉलेज में पहुंचीं दवाइयां, मरीजों को राहत
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मेडिकल कॉलेज के दवा स्टोर में पहुंची दवाईयों की खेप। संवाद।
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चंबा। दवाइयों की कमी से जूझ रहे पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज को सरकार ने 24.55 लाख रुपये की दवाइयां भेजी हैं। चार माह बाद 1350 एंटी रैबीज इंजेक्शन पहुंचे हैं। अब मरीजों को निजी दवा स्टोरों में पैसे खर्च करके इंजेक्शन नहीं लगवाने पड़ेंगे। सबसे बड़ी राहत कैंसर और हीमोफिलिया के मरीजों को मिली है। उन्हें अब अपने इलाज के लिए 8000 रुपये खर्च करके बाहर से एल्बुमिन इंजेक्शन नहीं खरीदना पड़ेगा। 150 इंजेक्शन की सप्लाई मेडिकल कॉलेज पहुंच चुकी है। इस इंजेक्शन का उपयोग रक्त की कमी, गंभीर डिहाइड्रेशन, लिवर या किडनी की बीमारी के कारण शरीर में प्रोटीन (हाइपोएल्ब्यूमिनमिया) के स्तर को सुधारने और रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। सर्प दंश के मरीजों के लिए भी 500 एंटी वेनम इंजेक्शन पहुंच चुके हैं।
मेडिकल कॉलेज में पिछले कई माह से मरीजों को सिरिंज नहीं मिल रही थी। इसको भी मरीज बाहर से खरीदकर ला रहे थे। वह भी पर्याप्त मात्रा में अब उपलब्ध हैं। चंबा दौरे के दौरान जब मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेज स्टाफ से संवाद किया था तो उस दौरान इन दवाइयों की कमी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गई थी। उन्होंने आश्वासन दिया था कि जल्द दवाइयों की आपूर्ति कर दी जाएगी। उनके शिमला पहुंचने के दस दिन बाद दवाइयों की सप्लाई चंबा पहुंच गई है।
मेडिकल कॉलेज में 1000 की ओपीडी रहती है। जिले की पौने छह लाख आबादी यहां इलाज करवाने के लिए निर्भर है। अब उन्हें निजी दवा स्टोरों में जाकर अपने इलाज के लिए पैसे देेकर दवाइयां नहीं खरीदनी पड़ेंगी।
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चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रदीप सिंह ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में दवाइयों का स्टॉक पहुंच चुका है। छोटी से बड़ी बीमारी की दवाई उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने जब उनके साथ संवाद किया था, तब उन्होंने यह समस्या रखी थी, जिसे उन्होंने खत्म कर दिया है। अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीज को सभी दवाइयां मिल रही हैं।
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मेडिकल कॉलेज में पिछले कई माह से मरीजों को सिरिंज नहीं मिल रही थी। इसको भी मरीज बाहर से खरीदकर ला रहे थे। वह भी पर्याप्त मात्रा में अब उपलब्ध हैं। चंबा दौरे के दौरान जब मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेज स्टाफ से संवाद किया था तो उस दौरान इन दवाइयों की कमी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गई थी। उन्होंने आश्वासन दिया था कि जल्द दवाइयों की आपूर्ति कर दी जाएगी। उनके शिमला पहुंचने के दस दिन बाद दवाइयों की सप्लाई चंबा पहुंच गई है।
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मेडिकल कॉलेज में 1000 की ओपीडी रहती है। जिले की पौने छह लाख आबादी यहां इलाज करवाने के लिए निर्भर है। अब उन्हें निजी दवा स्टोरों में जाकर अपने इलाज के लिए पैसे देेकर दवाइयां नहीं खरीदनी पड़ेंगी।
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चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रदीप सिंह ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में दवाइयों का स्टॉक पहुंच चुका है। छोटी से बड़ी बीमारी की दवाई उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने जब उनके साथ संवाद किया था, तब उन्होंने यह समस्या रखी थी, जिसे उन्होंने खत्म कर दिया है। अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीज को सभी दवाइयां मिल रही हैं।