{"_id":"6a312b62f4330d34b704d16a","slug":"government-is-misleading-the-public-jai-singh-chamba-news-c-88-1-ssml1006-186886-2026-06-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: ग्लेशियर के रास्ते न जाकर भैरोघाटी से जाएं मणिमहेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: ग्लेशियर के रास्ते न जाकर भैरोघाटी से जाएं मणिमहेश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
ग्लेशियर पर बने पैरों के निशानों पर जा रहे श्रद्धालु
सुंदरासी में दो असुरक्षित स्थानों को सुरक्षित करने की जरूरत
थाना प्रभारी ने निरीक्षण करके रिपोर्ट बनाकर प्रशासन को सौंपी
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। पिछले साल मणिमहेश यात्रा के दौरान हुए भारी नुकसान से सबक लेते हुए इस बार प्रशासन और पुलिस पहले ही सुरक्षा प्रबंधों को सुदृढ़ बनाने में जुट गए हैं। सुंदरासी से डल झील का सफर श्रद्धालु बर्फ के ग्लेशियर पर बने पैरों के निशान पर चलकर पूरा कर रहे हैं जो कभी भी उनके लिए जानलेवा साबित हो सकता है। यहां पर सुरक्षित रास्ता बनाने के लिए भरमौर थाना प्रभारी बाबू राम शर्मा ने प्रशासन को रिपोर्ट भेजी है। यह रिपोर्ट उन्होंने डल झील का निरीक्षण करने के उपरांत आंखों देखे हाल को देखने के बाद दी है जिससे यहां पर कोई अप्रिय घटना न घटे। उन्होंने मणिमहेश जाने वाले श्रद्धालुओं से भी अपील की है कि वे ग्लेशियर के रास्ते न जाकर भैरोघाटी से होकर जाएं। भले ही यह रास्ता थोड़ा कठिनाई वाला है लेकिन इसमें उनकी जान को किसी प्रकार का खतरा नहीं होगा। अधिकारिक तौर पर अभी तक मणिमहेश यात्रा शुरू नहीं हुई है लेकिन रोजाना 15 से 20 श्रद्धालु हड़सर से मणिमहेश के लिए प्रस्थान कर रहे हैं। उनकी सुविधा के लिए वहां पर स्थानीय लोगों की ओर से दुकानें और रहने के लिए टेंट बनाए गए हैं। प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई सरकारी इंतजाम वहां पर नहीं किए हैं। कुछ दिन पहले एडीएम भरमौर की अगुवाई में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की टीम हड़सर से धन्छौ गई। वहां पर चल रहे रास्ते के निर्माण का जायजा लेने के बाद टीम लौट आई लेकिन भरमौर थाना प्रभारी बाबू राम शर्मा अपने कांस्टेबल को साथ लेकर डलझील की तरफ रवाना हो गए। उन्होंने सुंदरासी, गौरीकुंड और डल झील में जाकर मौजूदा हालातों का जायजा लिया। इस दौरान जिस पड़ाव पर उन्हें असुरक्षित स्थान नजर आए, उनकी पूरी रिपोर्ट बनाकर प्रशासन को भेजी।
पिछले साल मणिमहेश यात्रा में 17 श्रद्धालुओं की मौत हुई थी। कोई गिरने तो कोई भूस्खलन की चपेट या फिर ठंड की चपेट में आने से मरा था। भारी बारिश ने श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी का माहौल बना दिया था।
थाना प्रभारी बाबू राम शर्मा ने बताया कि सुंदरासी में उन्हें दो स्पॉट असुरक्षित लगे। उसके बारे में प्रशासन को अवगत करवा दिया है।
सुंदरासी में दो असुरक्षित स्थानों को सुरक्षित करने की जरूरत
थाना प्रभारी ने निरीक्षण करके रिपोर्ट बनाकर प्रशासन को सौंपी
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। पिछले साल मणिमहेश यात्रा के दौरान हुए भारी नुकसान से सबक लेते हुए इस बार प्रशासन और पुलिस पहले ही सुरक्षा प्रबंधों को सुदृढ़ बनाने में जुट गए हैं। सुंदरासी से डल झील का सफर श्रद्धालु बर्फ के ग्लेशियर पर बने पैरों के निशान पर चलकर पूरा कर रहे हैं जो कभी भी उनके लिए जानलेवा साबित हो सकता है। यहां पर सुरक्षित रास्ता बनाने के लिए भरमौर थाना प्रभारी बाबू राम शर्मा ने प्रशासन को रिपोर्ट भेजी है। यह रिपोर्ट उन्होंने डल झील का निरीक्षण करने के उपरांत आंखों देखे हाल को देखने के बाद दी है जिससे यहां पर कोई अप्रिय घटना न घटे। उन्होंने मणिमहेश जाने वाले श्रद्धालुओं से भी अपील की है कि वे ग्लेशियर के रास्ते न जाकर भैरोघाटी से होकर जाएं। भले ही यह रास्ता थोड़ा कठिनाई वाला है लेकिन इसमें उनकी जान को किसी प्रकार का खतरा नहीं होगा। अधिकारिक तौर पर अभी तक मणिमहेश यात्रा शुरू नहीं हुई है लेकिन रोजाना 15 से 20 श्रद्धालु हड़सर से मणिमहेश के लिए प्रस्थान कर रहे हैं। उनकी सुविधा के लिए वहां पर स्थानीय लोगों की ओर से दुकानें और रहने के लिए टेंट बनाए गए हैं। प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई सरकारी इंतजाम वहां पर नहीं किए हैं। कुछ दिन पहले एडीएम भरमौर की अगुवाई में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की टीम हड़सर से धन्छौ गई। वहां पर चल रहे रास्ते के निर्माण का जायजा लेने के बाद टीम लौट आई लेकिन भरमौर थाना प्रभारी बाबू राम शर्मा अपने कांस्टेबल को साथ लेकर डलझील की तरफ रवाना हो गए। उन्होंने सुंदरासी, गौरीकुंड और डल झील में जाकर मौजूदा हालातों का जायजा लिया। इस दौरान जिस पड़ाव पर उन्हें असुरक्षित स्थान नजर आए, उनकी पूरी रिपोर्ट बनाकर प्रशासन को भेजी।
पिछले साल मणिमहेश यात्रा में 17 श्रद्धालुओं की मौत हुई थी। कोई गिरने तो कोई भूस्खलन की चपेट या फिर ठंड की चपेट में आने से मरा था। भारी बारिश ने श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी का माहौल बना दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
थाना प्रभारी बाबू राम शर्मा ने बताया कि सुंदरासी में उन्हें दो स्पॉट असुरक्षित लगे। उसके बारे में प्रशासन को अवगत करवा दिया है।