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Himachal News: चंबा मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर से अभद्र व्यवहार, स्टाफ ने गेट के बाहर किया चक्का जाम
संवाद न्यूज एजेंसी, चंबा।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Thu, 09 Apr 2026 12:54 PM IST
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सार
हिमाचल प्रदेश में चंबा स्थित मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के गेट के बाहर वीरवार सुबह नौ बजे से आउटसोर्स कर्मचारियों ने चक्का जाम कर दिया। पढ़ें पूरी खबर...
चंबा मेडिकल कॉलेज के गेट पर चक्का जाम
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
आउटसोर्स कर्मचारियों ने चंबा में मेडिकल कॉलेज गेट के बाहर धरना प्रदर्शन करते हुए चक्का जाम कर दिया। सुरक्षा के लिए मेडिकल कॉलेज चंबा में तैनात सुरक्षा कर्मचारियों के मुताबिक बीती रात एक मरीज के रिश्तेदारों ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के साथ अभद्र व्यवहार किया और सिक्योरिटी गार्ड्स के साथ मारपीट कर दी। इतने पर भी उनका मन न भरने पर आरोपियों ने मेडिकल कॉलेज में तोड़फोड़ करने का भी प्रयास किया। चिकित्सक के साथ हुए अभद्र व्यवहार और सुरक्षा कर्मियों के साथ मारपीट करने के विरोध स्वरूप उन्होंने मेडिकल कॉलेज परिसर के बाहर धरना प्रदर्शन करते हुए चक्का जाम किया।
मेडिकल कॉलेज परिसर के बाहर सड़क पर आउटसोर्स कर्मियों की ओर से किए गए चक्का जाम से वाहनों के पहिए थम गए। सूचना मिलने के बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा। सुरक्षा कर्मियों की ओर से किए गए चक्का जाम का समर्थन करते हुए मेडिकल कॉलेज का स्टाफ भी उनके साथ चक्का जाम में शामिल हो गया। चक्का जाम होने से बालू से होकर मेडिकल कॉलेज चंबा का रूख करने वाले बाइक सवारों और छोटे वाहन चालकों की भी दिक्कतें काफी बढ़ी। खबर लिखे जाने तक आउटसोर्स कर्मियों ने चक्का जाम खत्म नहीं किया है।
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मेडिकल कॉलेज परिसर के बाहर सड़क पर आउटसोर्स कर्मियों की ओर से किए गए चक्का जाम से वाहनों के पहिए थम गए। सूचना मिलने के बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा। सुरक्षा कर्मियों की ओर से किए गए चक्का जाम का समर्थन करते हुए मेडिकल कॉलेज का स्टाफ भी उनके साथ चक्का जाम में शामिल हो गया। चक्का जाम होने से बालू से होकर मेडिकल कॉलेज चंबा का रूख करने वाले बाइक सवारों और छोटे वाहन चालकों की भी दिक्कतें काफी बढ़ी। खबर लिखे जाने तक आउटसोर्स कर्मियों ने चक्का जाम खत्म नहीं किया है।
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पूरा मामला क्या है
पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में बुधवार रात 12:00 बजे उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया। जब मरीज की मौत पर गुस्साए तीमारदारों ने इमरजेंसी वार्ड में ओटी के दरवाजे को तोड़ने के लिए लात मारना शुरू कर दिया। निजी सुरक्षा कर्मियों ने जब इन लोगों को नियंत्रित करने का प्रयास किया तो उन्होंने उनके पर ही हमला कर दिया। डयूटी पर तैनात महिला डॉक्टर से भी अभद्र व्यवहार किया। उन्हें अपनी जान बचाने के लिए ओटी में छुपना पड़ा। जिन्हें नुकसान पहुंचाने के लिए ये लोग उतारू हो गए। लेकिन, निजी सुरक्षा कर्मी डॉक्टर व भीड़ के बीच में ढाल बनकर खड़े रहे। अपने ऊपर बरसते लात घूंसों की परवाह किए बिना, उन्होंने डाॅक्टर की जान बचाई।
इस कार्य के लिए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन सहित अन्य सभी कर्मचारी उनकी सराहना भी कर रहे हैं। यदि निजी सुरक्षा कर्मी वहां ढाल बनकर खड़े नहीं रहते तो शायद महिला डॉक्टर को कुछ भी हो सकता था। सूचना मिलने पर देर रात को पुलिस भी अस्पताल पहुंच गई। उन्होंने चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। सीसीटीवी फुटेज को भी अपने कब्जे में ले लिया। इसमें मारपीट करने वाले अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। पीड़ित डॉक्टर कृतिका सहित मारपीट में घायल निजी सुरक्षा कर्मियों के ब्यान भी कलमबद्ध किए गए हैं। जिसके आधार पर पुलिस आगामी कार्रवाई अमल में ला सकती है। पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने बताया कि इस मामले में निष्पक्ष जांच की जा रही है।
पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में बुधवार रात 12:00 बजे उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया। जब मरीज की मौत पर गुस्साए तीमारदारों ने इमरजेंसी वार्ड में ओटी के दरवाजे को तोड़ने के लिए लात मारना शुरू कर दिया। निजी सुरक्षा कर्मियों ने जब इन लोगों को नियंत्रित करने का प्रयास किया तो उन्होंने उनके पर ही हमला कर दिया। डयूटी पर तैनात महिला डॉक्टर से भी अभद्र व्यवहार किया। उन्हें अपनी जान बचाने के लिए ओटी में छुपना पड़ा। जिन्हें नुकसान पहुंचाने के लिए ये लोग उतारू हो गए। लेकिन, निजी सुरक्षा कर्मी डॉक्टर व भीड़ के बीच में ढाल बनकर खड़े रहे। अपने ऊपर बरसते लात घूंसों की परवाह किए बिना, उन्होंने डाॅक्टर की जान बचाई।
इस कार्य के लिए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन सहित अन्य सभी कर्मचारी उनकी सराहना भी कर रहे हैं। यदि निजी सुरक्षा कर्मी वहां ढाल बनकर खड़े नहीं रहते तो शायद महिला डॉक्टर को कुछ भी हो सकता था। सूचना मिलने पर देर रात को पुलिस भी अस्पताल पहुंच गई। उन्होंने चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। सीसीटीवी फुटेज को भी अपने कब्जे में ले लिया। इसमें मारपीट करने वाले अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। पीड़ित डॉक्टर कृतिका सहित मारपीट में घायल निजी सुरक्षा कर्मियों के ब्यान भी कलमबद्ध किए गए हैं। जिसके आधार पर पुलिस आगामी कार्रवाई अमल में ला सकती है। पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने बताया कि इस मामले में निष्पक्ष जांच की जा रही है।