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Chamba News: कुठेड़ प्रोजेक्ट प्रबंधन को श्रम विभाग ने दिया अंतिम मौका
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31 मार्च को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के जारी किए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिला श्रम अधिकारी कार्यालय चंबा ने कुठेड़ स्थित विद्युत प्रोजेक्ट प्रबंधन के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। कार्यस्थल दुर्घटना की रिपोर्ट जमा न करने और सुनवाई में उपस्थित न होने पर जिला श्रम अधिकारी ने कंपनी प्रबंधन को अंतिम मौका देते हुए आगामी 31 मार्च को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि विभाग की टीम प्रोजेक्ट साइट का दौरा कर तथ्यों की जांच करेगी और सुरक्षा प्रावधानों के अनुपालन का निरीक्षण करेगी। जारी किए गए आदेश के अनुसार कुठेड़ प्रोजेक्ट में एक श्रमिक की मौत से संबंधित दुर्घटना की रिपोर्ट विभाग को नहीं सौंपी गई थी। इस संबंध में 16 मार्च 2026 को नोटिस जारी कर कंपनी प्रबंधन को सुनवाई के लिए बुलाया गया था लेकिन 24 मार्च को हुई सुनवाई में कंपनी की ओर से न तो कोई प्रतिनिधि उपस्थित हुआ और न ही कोई लिखित जवाब दाखिल किया गया। श्रम विभाग ने अपने आदेश में कई गंभीर सवाल उठाए हैं। नियमों के अनुसार फैक्ट्री एक्ट 1948 और बीओसीडब्ल्यू एक्ट 1996 के तहत किसी भी दुर्घटना की तुरंत सूचना देना अनिवार्य है, जिसे प्रबंधन ने नजरअंदाज किया। जिस मृतक श्रमिक की बात कही जा रही है, वह कथित तौर पर एक ठेकेदार के अधीन था। विभाग के अनुसार कंपनी के पंजीकरण प्रमाण पत्र में संबंधित ठेकेदार का कोई उल्लेख नहीं है जो कानूनन एक दंडनीय अपराध है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि कर्मचारी मुआवजा अधिनियम 1923 के तहत मुआवजा आयुक्त (चंबा) को कोई सूचना दी गई है या नहीं। जिला श्रम अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि न्याय के हित में प्रबंधन को एक अंतिम मौका दिया जा रहा है। 31 मार्च 2026 को पूर्वाह्न 11:30 बजे होने वाली अगली सुनवाई में प्रबंधन को सभी प्रासंगिक दस्तावेजों के साथ रिपोर्ट पेश करनी होगी। इस बीच श्रम विभाग की टीम प्रोजेक्ट साइट का दौरा कर तथ्यों की जांच करेगी और सुरक्षा प्रावधानों के अनुपालन का निरीक्षण करेगी। यदि प्रबंधन फिर भी विफल रहता है, तो कानून के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी।
जिला श्रम अधिकारी चंबा अनुराग शर्मा ने बताया कि कार्यस्थल दुर्घटना की रिपोर्ट जमा करना अनिवार्य है। 31 मार्च को दस्तावेज प्रस्तुत न करने पर कंपनी प्रबंधन के विरुद्ध सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इससे पहले स्वयं प्रोजेक्ट साइट का दौरा करके विभिन्न तथ्यों और सुरक्षा प्रावधानों का जायजा लिया जाएगा।
यह है मामला
13 मार्च 2026 को कंपनी के प्रोजेक्ट क्षेत्र में काम के दौरान करंट की चपेट में आने के कारण एक मजदूर की मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने लापरवाही का मामला भी दर्ज किया है।
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चंबा। जिला श्रम अधिकारी कार्यालय चंबा ने कुठेड़ स्थित विद्युत प्रोजेक्ट प्रबंधन के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। कार्यस्थल दुर्घटना की रिपोर्ट जमा न करने और सुनवाई में उपस्थित न होने पर जिला श्रम अधिकारी ने कंपनी प्रबंधन को अंतिम मौका देते हुए आगामी 31 मार्च को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि विभाग की टीम प्रोजेक्ट साइट का दौरा कर तथ्यों की जांच करेगी और सुरक्षा प्रावधानों के अनुपालन का निरीक्षण करेगी। जारी किए गए आदेश के अनुसार कुठेड़ प्रोजेक्ट में एक श्रमिक की मौत से संबंधित दुर्घटना की रिपोर्ट विभाग को नहीं सौंपी गई थी। इस संबंध में 16 मार्च 2026 को नोटिस जारी कर कंपनी प्रबंधन को सुनवाई के लिए बुलाया गया था लेकिन 24 मार्च को हुई सुनवाई में कंपनी की ओर से न तो कोई प्रतिनिधि उपस्थित हुआ और न ही कोई लिखित जवाब दाखिल किया गया। श्रम विभाग ने अपने आदेश में कई गंभीर सवाल उठाए हैं। नियमों के अनुसार फैक्ट्री एक्ट 1948 और बीओसीडब्ल्यू एक्ट 1996 के तहत किसी भी दुर्घटना की तुरंत सूचना देना अनिवार्य है, जिसे प्रबंधन ने नजरअंदाज किया। जिस मृतक श्रमिक की बात कही जा रही है, वह कथित तौर पर एक ठेकेदार के अधीन था। विभाग के अनुसार कंपनी के पंजीकरण प्रमाण पत्र में संबंधित ठेकेदार का कोई उल्लेख नहीं है जो कानूनन एक दंडनीय अपराध है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि कर्मचारी मुआवजा अधिनियम 1923 के तहत मुआवजा आयुक्त (चंबा) को कोई सूचना दी गई है या नहीं। जिला श्रम अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि न्याय के हित में प्रबंधन को एक अंतिम मौका दिया जा रहा है। 31 मार्च 2026 को पूर्वाह्न 11:30 बजे होने वाली अगली सुनवाई में प्रबंधन को सभी प्रासंगिक दस्तावेजों के साथ रिपोर्ट पेश करनी होगी। इस बीच श्रम विभाग की टीम प्रोजेक्ट साइट का दौरा कर तथ्यों की जांच करेगी और सुरक्षा प्रावधानों के अनुपालन का निरीक्षण करेगी। यदि प्रबंधन फिर भी विफल रहता है, तो कानून के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी।
जिला श्रम अधिकारी चंबा अनुराग शर्मा ने बताया कि कार्यस्थल दुर्घटना की रिपोर्ट जमा करना अनिवार्य है। 31 मार्च को दस्तावेज प्रस्तुत न करने पर कंपनी प्रबंधन के विरुद्ध सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इससे पहले स्वयं प्रोजेक्ट साइट का दौरा करके विभिन्न तथ्यों और सुरक्षा प्रावधानों का जायजा लिया जाएगा।
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यह है मामला
13 मार्च 2026 को कंपनी के प्रोजेक्ट क्षेत्र में काम के दौरान करंट की चपेट में आने के कारण एक मजदूर की मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने लापरवाही का मामला भी दर्ज किया है।