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Chamba News: खतरों की राह पर हथेली पर जिंदगी
Sun, 26 Jul 2026 11:04 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 26 Jul 2026 11:04 PM IST
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ढलानदार चट्टान से नीचे उतरतेधिमला पंचायत के कलेला गांव केग्रामीण। संवाद
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खतरनाक रास्ते से जान जोखिम में डाल रावी नदी पार कर रहे कलेला गांव के 150 परिवार
बोले- बग्गा डैम का जलस्तर बहा ले गया रास्ता, मरीजों को ले जाना हो रहा मुश्किल
छोटी सी चूक पड़ सकती है भारी, डीसी से भी उठाई मांग, अभी नहीं हुआ समाधान
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एक तरफ सैकड़ों फीट गहरी ढलान, दूसरी ओर उफनती रावी का बहाव। चट्टानों से फिसलते कदम, हाथों में बच्चों का सहारा और हर कदम पर मौत का डर। चंबा के भटियात क्षेत्र के कलेला गांव के करीब 150 परिवारों की जिंदगी इन दिनों इसी खतरनाक रास्ते पर टिकी है जहां सड़क तक पहुंचने के लिए रोजाना जान हथेली पर रखकर रावी पार करनी पड़ रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। ढलानदार चट्टानों से जान जोखिम में डालकर रावी नदी के किनारे से होकर चट्टानों और बड़ी-बड़ी शिलाओं के बीच से होकर लोग सड़क तक पहुंच रहे हैं। धिमला पंचायत के कलेला गांव के करीब 150 परिवार रोजाना यह जोखिम उठा रहे हैं। हाल ही में आई आपदा के बाद बग्गा डैम का जलस्तर बढ़ गया है। इससे ग्रामीणों की परेशानियां और बढ़ गई हैं। नदी पार करने के लिए सुरक्षित व्यवस्था न होने से हर दिन बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को खतरे का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने कहा कि सबसे अधिक दिक्कत बीमार मरीज या गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने में होती है। इस समय नदी को पार करना चुनौती से कम नहीं होता। कई वर्षों से स्थायी पुल या सुरक्षित संपर्क मार्ग की मांग की जा रही है लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका।
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उन्होंने कहा कि चुनाव के समय नेताओं को गांव की याद आती है लेकिन बाद में उनकी समस्याओं की सुध नहीं ली जाती। विकास के दावों के बावजूद भी वे बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।
पंचायत प्रधान मदन लाल ने बताया पहले कच्ची मिट्टी पर एनएचपीसी ने हैलीपेड बनाया था। बग्गा डैम के छोड़े पानी से वह और गांव का रास्ता बह गया। ग्रामीण डीसी ने मिले थे। उनके निर्देश पर तहसीलदार, कानूनगो, पटवारी, चमेरा द्वितीय के डीएम आए थे। एनएचपीसी ने रास्ता बनाकर देने की बात कही है।
उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि गांव का रास्ता एनएचपीसी प्रबंधन बनवा कर देगा। सुरक्षा के लिए रावी की तरफ लोहे के जाले लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
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हाल ही आई आपदा के दौरान रास्ते को काफी क्षति पहुंची है लेकिन डैम से छोड़े गए पानी से रास्ता पूरी तरह बह गया है। - देशराज
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कलेला गांव से बच्चे पढ़ने के लिए बकाणी और राख पहुंचते हैं। चट्टान से उतरते चढ़ते वक्त कोई भी अनहोनी हो सकती है। - सुनीता देवी
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ग्रामीणों का इस्तेमाल आज तक महज वोट बैंक के लिए ही होता आया है। राजनेताओं को उनसे कुछ भी लेना-देना नहीं है। - विनय कुमार
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कुछ समय पूर्व जिलाधीश को भी समस्या से अवगत करवाया है लेकिन अभी धरातल पर कुछ भी देखने को नहीं मिला है। - रजनी देवी
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बोले- बग्गा डैम का जलस्तर बहा ले गया रास्ता, मरीजों को ले जाना हो रहा मुश्किल
छोटी सी चूक पड़ सकती है भारी, डीसी से भी उठाई मांग, अभी नहीं हुआ समाधान
एक तरफ सैकड़ों फीट गहरी ढलान, दूसरी ओर उफनती रावी का बहाव। चट्टानों से फिसलते कदम, हाथों में बच्चों का सहारा और हर कदम पर मौत का डर। चंबा के भटियात क्षेत्र के कलेला गांव के करीब 150 परिवारों की जिंदगी इन दिनों इसी खतरनाक रास्ते पर टिकी है जहां सड़क तक पहुंचने के लिए रोजाना जान हथेली पर रखकर रावी पार करनी पड़ रही है।
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। ढलानदार चट्टानों से जान जोखिम में डालकर रावी नदी के किनारे से होकर चट्टानों और बड़ी-बड़ी शिलाओं के बीच से होकर लोग सड़क तक पहुंच रहे हैं। धिमला पंचायत के कलेला गांव के करीब 150 परिवार रोजाना यह जोखिम उठा रहे हैं। हाल ही में आई आपदा के बाद बग्गा डैम का जलस्तर बढ़ गया है। इससे ग्रामीणों की परेशानियां और बढ़ गई हैं। नदी पार करने के लिए सुरक्षित व्यवस्था न होने से हर दिन बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को खतरे का सामना करना पड़ रहा है।
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ग्रामीणों ने कहा कि सबसे अधिक दिक्कत बीमार मरीज या गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने में होती है। इस समय नदी को पार करना चुनौती से कम नहीं होता। कई वर्षों से स्थायी पुल या सुरक्षित संपर्क मार्ग की मांग की जा रही है लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका।
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उन्होंने कहा कि चुनाव के समय नेताओं को गांव की याद आती है लेकिन बाद में उनकी समस्याओं की सुध नहीं ली जाती। विकास के दावों के बावजूद भी वे बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।
पंचायत प्रधान मदन लाल ने बताया पहले कच्ची मिट्टी पर एनएचपीसी ने हैलीपेड बनाया था। बग्गा डैम के छोड़े पानी से वह और गांव का रास्ता बह गया। ग्रामीण डीसी ने मिले थे। उनके निर्देश पर तहसीलदार, कानूनगो, पटवारी, चमेरा द्वितीय के डीएम आए थे। एनएचपीसी ने रास्ता बनाकर देने की बात कही है।
उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि गांव का रास्ता एनएचपीसी प्रबंधन बनवा कर देगा। सुरक्षा के लिए रावी की तरफ लोहे के जाले लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
हाल ही आई आपदा के दौरान रास्ते को काफी क्षति पहुंची है लेकिन डैम से छोड़े गए पानी से रास्ता पूरी तरह बह गया है। - देशराज
कलेला गांव से बच्चे पढ़ने के लिए बकाणी और राख पहुंचते हैं। चट्टान से उतरते चढ़ते वक्त कोई भी अनहोनी हो सकती है। - सुनीता देवी
ग्रामीणों का इस्तेमाल आज तक महज वोट बैंक के लिए ही होता आया है। राजनेताओं को उनसे कुछ भी लेना-देना नहीं है। - विनय कुमार
कुछ समय पूर्व जिलाधीश को भी समस्या से अवगत करवाया है लेकिन अभी धरातल पर कुछ भी देखने को नहीं मिला है। - रजनी देवी