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Chamba News: निक्की जिनी गोजरी... पर इशांत ने खूब नचाए दर्शक
Sun, 26 Jul 2026 11:02 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 26 Jul 2026 11:02 PM IST
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चंबा मिंजर मेले के शुभारंभ पर नाटी प्रस्तुत करते कलाकार। छायाकार-संवाददाता : मोहम्मद अयूब। सं
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हिमाचली लोक गायक के नाम रही मिंजर मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या, गुलशन ने भी जमाया रंग
राज्यपाल रहे मुख्य अतिथि, लोक गायकों ने शानदार प्रस्तुतियों से खूब बांधा समां
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या हिमाचली लोक गायक इशांत भारद्वाज और गुलशन पाल के नाम रही। राज्यपाल कविंद्र गुप्ता मुख्य अतिथि रहे।
कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने पंडाल में मौजूद दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। हिमाचली लोक गायक इशांत भारद्वाज ने शिवजी रा वासा और केलंगा रा वासा भजन से कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद एवरग्रीन पहाड़ी गीतों की झड़ी लगा दी। उन्होंने निक्की जिनी गोजरी, ओ नीलमा गई बो गडरना जो रणकी हो हाय मेरी नीलमा, चली कुडमेट हो, निक्की जेही गोजरी, गई वो रिड़की वो बिमलो गई वो रिड़की, बिंद्रा बना वो खेरी गोजरी और जिंदगी सोनी है शिक्बे की करिये की प्रस्तुति से दर्शकों को खूब नचाया।
इससे पहले लोक गायक गुलशन पाल ने भांगा वाले हंसी-खेड़ी लैणा गीत से सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ किया। उन्होंने चिडू तां पखेरु, सब संझा घरे इंदे, जग-जियो धारा रे, धुण-धुण बाजे खंजरी-रूबाना, पाणी री टांकी हो भाई, बागे फुलणू और फुलौरे हो जैसे गीतों से माहौल को संगीतमय बना दिया। स्वरचित गीत तेरे डेरे जाणा हो की प्रस्तुति पर खूब तालियां बटोरीं। ऊंघ चुकदा तू अड़या, अबे तां कुताई जो नसदा धुडूआ, राजा तेरे गोरखया ने लूटया और डूग्गे नाले ऊच्ची धारे गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
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सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ पारंपरिक मुसादा गायन के साथ रोशन और कंचन की जोड़ी ने किया। कनिका, जोया, एंजल, सचिता कुमारी, आराध्या शर्मा, युवराज, छुटकी, अनाया, विधि और शौर्या ने क्रमवार गीतों की प्रस्तुतियां दीं जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। कार्यक्रम में आर्ट एंड कल्चर ग्रुप सराहन, युवा विकास मंडल चड़ियारा, नव युवक मंडल कैमली, नील कमल म्यूजिकल ग्रुप, रामा किसान ग्रुप साहो, सनातन धर्म नाटक मंडल, आर्यन कला मंच, विकासशील युवक मंडल कीड़ी, श्याम दर्पण कला निकेतन, चंबा लोक कला मंच, विरासत कला मंच, भवानी कला मंच कुठेड़, सरस्वती लोक कला संगम, जागृति कला मंच, चंबा रंग दर्शन और सरस्वती संगीत अकादमी के कलाकारों ने हिमाचली गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर जिले की लोक संस्कृति की झलक पेश की। इसके बाद कांगड़ा के हिमाचली गायक अनिल शिवा जलोटिया, सुभाष कौशल और प्रदीप दीप्ति ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। अजीत भट्ट एंड पार्टी ने पारंपरिक कुंजड़ी मल्हार की प्रस्तुति दी। वहीं भूपेश तुर, नरेंद्र महाजन और करण अरविंद कुमार ने हिंदी, पंजाबी और पहाड़ी गीतों से दर्शकों का मनोरंजन किया। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर दर्शक देर रात तक तालियां बजाते और झूमते रहे।
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राज्यपाल रहे मुख्य अतिथि, लोक गायकों ने शानदार प्रस्तुतियों से खूब बांधा समां
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या हिमाचली लोक गायक इशांत भारद्वाज और गुलशन पाल के नाम रही। राज्यपाल कविंद्र गुप्ता मुख्य अतिथि रहे।
कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने पंडाल में मौजूद दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। हिमाचली लोक गायक इशांत भारद्वाज ने शिवजी रा वासा और केलंगा रा वासा भजन से कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद एवरग्रीन पहाड़ी गीतों की झड़ी लगा दी। उन्होंने निक्की जिनी गोजरी, ओ नीलमा गई बो गडरना जो रणकी हो हाय मेरी नीलमा, चली कुडमेट हो, निक्की जेही गोजरी, गई वो रिड़की वो बिमलो गई वो रिड़की, बिंद्रा बना वो खेरी गोजरी और जिंदगी सोनी है शिक्बे की करिये की प्रस्तुति से दर्शकों को खूब नचाया।
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इससे पहले लोक गायक गुलशन पाल ने भांगा वाले हंसी-खेड़ी लैणा गीत से सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ किया। उन्होंने चिडू तां पखेरु, सब संझा घरे इंदे, जग-जियो धारा रे, धुण-धुण बाजे खंजरी-रूबाना, पाणी री टांकी हो भाई, बागे फुलणू और फुलौरे हो जैसे गीतों से माहौल को संगीतमय बना दिया। स्वरचित गीत तेरे डेरे जाणा हो की प्रस्तुति पर खूब तालियां बटोरीं। ऊंघ चुकदा तू अड़या, अबे तां कुताई जो नसदा धुडूआ, राजा तेरे गोरखया ने लूटया और डूग्गे नाले ऊच्ची धारे गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
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सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ पारंपरिक मुसादा गायन के साथ रोशन और कंचन की जोड़ी ने किया। कनिका, जोया, एंजल, सचिता कुमारी, आराध्या शर्मा, युवराज, छुटकी, अनाया, विधि और शौर्या ने क्रमवार गीतों की प्रस्तुतियां दीं जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। कार्यक्रम में आर्ट एंड कल्चर ग्रुप सराहन, युवा विकास मंडल चड़ियारा, नव युवक मंडल कैमली, नील कमल म्यूजिकल ग्रुप, रामा किसान ग्रुप साहो, सनातन धर्म नाटक मंडल, आर्यन कला मंच, विकासशील युवक मंडल कीड़ी, श्याम दर्पण कला निकेतन, चंबा लोक कला मंच, विरासत कला मंच, भवानी कला मंच कुठेड़, सरस्वती लोक कला संगम, जागृति कला मंच, चंबा रंग दर्शन और सरस्वती संगीत अकादमी के कलाकारों ने हिमाचली गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर जिले की लोक संस्कृति की झलक पेश की। इसके बाद कांगड़ा के हिमाचली गायक अनिल शिवा जलोटिया, सुभाष कौशल और प्रदीप दीप्ति ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। अजीत भट्ट एंड पार्टी ने पारंपरिक कुंजड़ी मल्हार की प्रस्तुति दी। वहीं भूपेश तुर, नरेंद्र महाजन और करण अरविंद कुमार ने हिंदी, पंजाबी और पहाड़ी गीतों से दर्शकों का मनोरंजन किया। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर दर्शक देर रात तक तालियां बजाते और झूमते रहे।