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Chamba News: मणिमहेश यात्रा... छड़ी दलों का पहली बार स्वागत करेगी कमेटी
Fri, 14 Aug 2026 08:46 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 14 Aug 2026 08:46 PM IST
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मणिमहेश यात्रा... छड़ी दलों का पहली बार स्वागत करेगी कमेटी
चौरासी परिसर, भरमाणी माता मंदिर और डल झील मार्ग पर की जाएगी स्वागत की व्यवस्था
भद्रवाह से पहुंचेंगी तीन-चार छड़ियां, दशनामी अखाड़ा और चरपट नाथ की छड़ी रहती है शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
भरमौर (चंबा)। पवित्र मणिमहेश यात्रा में पहुंचने वाले छड़ी दलों का पहली बार भरमौर में भव्य स्वागत होगा। चौरासी परिसर, भरमाणी माता मंदिर और डल झील मार्ग पर छड़ी दलों के स्वागत की विशेष व्यवस्था होगी। भद्रवाह से तीन से चार छड़ियों के अलावा दशनामी अखाड़ा और चरपट नाथ की छड़ी के साथ साधु-संत एवं श्रद्धालु भरमौर पहुंचते हैं। मणिमहेश यात्रा के दौरान विभिन्न धार्मिक संस्थाओं और समूहों की ओर से पवित्र छड़ी यात्राएं निकाली जाती हैं। छड़ी दल चौरासी परिसर, भरमाणी माता मंदिर और मणिमहेश स्थित पवित्र डल झील में पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं।
अधिकांश छड़ी दल अपने आगमन की पूर्व सूचना उपायुक्त कार्यालय चंबा के माध्यम से देते हैं। छड़ी दलों के पारंपरिक स्वागत और अभिनंदन के लिए विशेष छड़ी स्वागत एवं अभिनंदन समिति का गठन किया गया है। समिति संबंधित छड़ी प्रबंधकों और उपायुक्त कार्यालय के साथ समन्वय कर दलों के आगमन की तिथि और समय की पुष्टि करेगी। स्वागत के लिए पुष्पहार, शॉल, मौली और जलपान सहित आवश्यक पारंपरिक सामग्री की व्यवस्था की जाएगी। मुख्य छड़ी के औपचारिक स्वागत के लिए आवश्यकता के अनुसार होमगार्ड बैंड की व्यवस्था भी की जाएगी। इसके लिए संबंधित विभाग से समय पर समन्वय स्थापित किया जाएगा।
समिति चौरासी मंदिर परिसर, भरमाणी माता मंदिर और डल झील मार्ग पर छड़ी दलों के स्वागत तथा ठहरने से संबंधित व्यवस्थाओं का संचालन करेगी। समिति के अध्यक्ष को आवश्यकता के अनुसार स्थानीय हितधारकों या विभागीय अधिकारियों को सह-संयोजक के रूप में समिति में शामिल करने का अधिकार रहेगा। छड़ी दलों के स्वागत को लेकर स्थानीय स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। धार्मिक परंपराओं के अनुरूप श्रद्धालुओं और साधु-संतों के स्वागत के लिए समिति व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देगी।
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चौरासी परिसर, भरमाणी माता मंदिर और डल झील मार्ग पर की जाएगी स्वागत की व्यवस्था
भद्रवाह से पहुंचेंगी तीन-चार छड़ियां, दशनामी अखाड़ा और चरपट नाथ की छड़ी रहती है शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
भरमौर (चंबा)। पवित्र मणिमहेश यात्रा में पहुंचने वाले छड़ी दलों का पहली बार भरमौर में भव्य स्वागत होगा। चौरासी परिसर, भरमाणी माता मंदिर और डल झील मार्ग पर छड़ी दलों के स्वागत की विशेष व्यवस्था होगी। भद्रवाह से तीन से चार छड़ियों के अलावा दशनामी अखाड़ा और चरपट नाथ की छड़ी के साथ साधु-संत एवं श्रद्धालु भरमौर पहुंचते हैं। मणिमहेश यात्रा के दौरान विभिन्न धार्मिक संस्थाओं और समूहों की ओर से पवित्र छड़ी यात्राएं निकाली जाती हैं। छड़ी दल चौरासी परिसर, भरमाणी माता मंदिर और मणिमहेश स्थित पवित्र डल झील में पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं।
अधिकांश छड़ी दल अपने आगमन की पूर्व सूचना उपायुक्त कार्यालय चंबा के माध्यम से देते हैं। छड़ी दलों के पारंपरिक स्वागत और अभिनंदन के लिए विशेष छड़ी स्वागत एवं अभिनंदन समिति का गठन किया गया है। समिति संबंधित छड़ी प्रबंधकों और उपायुक्त कार्यालय के साथ समन्वय कर दलों के आगमन की तिथि और समय की पुष्टि करेगी। स्वागत के लिए पुष्पहार, शॉल, मौली और जलपान सहित आवश्यक पारंपरिक सामग्री की व्यवस्था की जाएगी। मुख्य छड़ी के औपचारिक स्वागत के लिए आवश्यकता के अनुसार होमगार्ड बैंड की व्यवस्था भी की जाएगी। इसके लिए संबंधित विभाग से समय पर समन्वय स्थापित किया जाएगा।
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समिति चौरासी मंदिर परिसर, भरमाणी माता मंदिर और डल झील मार्ग पर छड़ी दलों के स्वागत तथा ठहरने से संबंधित व्यवस्थाओं का संचालन करेगी। समिति के अध्यक्ष को आवश्यकता के अनुसार स्थानीय हितधारकों या विभागीय अधिकारियों को सह-संयोजक के रूप में समिति में शामिल करने का अधिकार रहेगा। छड़ी दलों के स्वागत को लेकर स्थानीय स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। धार्मिक परंपराओं के अनुरूप श्रद्धालुओं और साधु-संतों के स्वागत के लिए समिति व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देगी।
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