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Chamba News: नप अध्यक्ष की कुर्सी के लिए जोड़तोड़ शुरू
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चंबा। नगर परिषद अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा करने के लिए भाजपा और कांग्रेस में होड़ शुरू हो गई है। पिछले दस सालों से इस कुर्सी पर भाजपा कब्जा करने में कामयाब रही है लेकिन, इस बार कांग्रेस भाजपा को कड़ी टक्कर देने की योजना बना रही है। नगर परिषद अध्यक्ष पद की कुर्सी इस बार अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित की गई है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस ऐसी प्रत्याशी की तलाश में जुट गए हैं जो जीत के साथ अपनी पार्टी को यह कुर्सी दिला सके। भाजपा के पूर्व विधायक पवन नैयर और कांग्रेस विधायक नीरज नैयर नगर परिषद पर अपनी-अपनी पार्टी का कब्जा करने के लिए योजना बनाने में जुट गए हैं।
पिछले पांच सालों से नगर परिषद अध्यक्ष का पद महिला के लिए आरक्षित रहा है। इस बार यह पद अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित किया गया है। ऐसे में यह देखना होगा कि भाजपा और कांग्रेस चुनाव में कौन से उम्मीदवार मैदान में उतारते हैं। पूर्व में अध्यक्ष रहीं नीलम नैयर चंबा सदर से विधानसभा का चुनाव भी लड़ चुकी हैं। ऐसे में नगर परिषद के अध्यक्ष पद की कुर्सी राजनीति की दृष्टि से काफी महत्व रखती है। कांग्रेस सरकार बनने से पहले नप में भाजपा का कब्जा था। सरकार बनने के बाद कांग्रेस ने नप अध्यक्ष की कुर्सी हथियाने का प्रयास भी किया। भाजपा समर्थित पार्षदों को इसके लिए अपनी पार्टी भी ज्वाइन करवाई लेकिन, बावजूद इसके अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो पाए। इस बार कांग्रेस यही जोर लगा रही है कि नप अध्यक्ष उनकी पार्टी का पार्षद ही बने। जबकि, भाजपा अपने जीत के सिलसिले का जारी रखने में लगी है।
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पिछले पांच सालों से नगर परिषद अध्यक्ष का पद महिला के लिए आरक्षित रहा है। इस बार यह पद अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित किया गया है। ऐसे में यह देखना होगा कि भाजपा और कांग्रेस चुनाव में कौन से उम्मीदवार मैदान में उतारते हैं। पूर्व में अध्यक्ष रहीं नीलम नैयर चंबा सदर से विधानसभा का चुनाव भी लड़ चुकी हैं। ऐसे में नगर परिषद के अध्यक्ष पद की कुर्सी राजनीति की दृष्टि से काफी महत्व रखती है। कांग्रेस सरकार बनने से पहले नप में भाजपा का कब्जा था। सरकार बनने के बाद कांग्रेस ने नप अध्यक्ष की कुर्सी हथियाने का प्रयास भी किया। भाजपा समर्थित पार्षदों को इसके लिए अपनी पार्टी भी ज्वाइन करवाई लेकिन, बावजूद इसके अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो पाए। इस बार कांग्रेस यही जोर लगा रही है कि नप अध्यक्ष उनकी पार्टी का पार्षद ही बने। जबकि, भाजपा अपने जीत के सिलसिले का जारी रखने में लगी है।
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