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Chamba News: 1.30 लाख 9 प्रतिशत ब्याज सहित 60 दिन में देने के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 16 Mar 2026 10:24 PM IST
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जिला उपभोक्ता आयोग ने सुनाया फैसला, कंपनी को मुकदमेबाजी पर खर्च 15 हजार भी देने होंगे
मारुति सुजुकी कैब की दुर्घटना के बाद इंश्योरेंस कंपनी ने राशि देने से कर दिया था इन्कार
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। मारुति सुजुकी कैब की इंश्योरेंस होने के बावजूद कंपनी की ओर से मुआवजा राशि न देने पर उपभोक्ता आयोग धर्मशाला-चंबा की अदालत ने शिकंजा कस दिया है।
आयोग ने इंश्योरेंस कंपनी को एक लाख 30 हजार रुपये 9 प्रतिशत ब्याज सहित 60 दिन में प्रभावित को देने के आदेश दिए हैं। कंपनी को 15 हजार रुपये मुकदमेबाजी पर वहन हुआ खर्च भी देना होगा।
जिला उपभोक्ता आयोग में पहुंचे पीड़ित ने बताया कि 26 मई 2022 में उन्होंने मारुति सुजुकी कैब खरीदी थी। इसके बाद इंश्योरेंस कंपनी से 26 मई 2022 से 25 मई 2023 तक गाड़ी की इंश्योरेंस करवाई। गाड़ी के दस्तावेज बनवाकर परिवहन विभाग के पास जमा करवाए। दो जून 2022 को दोपहर दो बजे के करीब कांगड़ा जिले में उनकी कैब के आगे अचानक लावारिश मवेशी आ गया। इसे बचाने के चक्कर में कैब दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटना के बाद सर्वेयर, पुलिस टीम ने घटनास्थल का जायजा लेकर रिपोर्ट तैयार की। नुकसान का मूल्यांकन 2,60,046 रुपये आंका गया। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उन्होंने इंश्योरेंस कंपनी को दस्तावेज सौंपकर मुआवजा राशि के लिए आवेदन किया। दो माह तक तफ्तीश के बाद कंपनी ने इंश्योरेंस की राशि देने से मना कर दिया। इसके बाद पीड़ित ने जिला उपभोक्ता आयोग में केस दायर किया। आयोग के अध्यक्ष हिमांशु मिश्रा ने इंश्योंरेंस कंपनी को एक लाख 30 हजार रुपये 9 प्रतिशत ब्याज सहित देने के आदेश दिए हैं। इंश्योरेंस कंपनी की ओर से पीड़ित को 15 हजार रुपये मुकदमे बाजी के खर्च के रूप में भी देने होंगे।
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मारुति सुजुकी कैब की दुर्घटना के बाद इंश्योरेंस कंपनी ने राशि देने से कर दिया था इन्कार
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। मारुति सुजुकी कैब की इंश्योरेंस होने के बावजूद कंपनी की ओर से मुआवजा राशि न देने पर उपभोक्ता आयोग धर्मशाला-चंबा की अदालत ने शिकंजा कस दिया है।
आयोग ने इंश्योरेंस कंपनी को एक लाख 30 हजार रुपये 9 प्रतिशत ब्याज सहित 60 दिन में प्रभावित को देने के आदेश दिए हैं। कंपनी को 15 हजार रुपये मुकदमेबाजी पर वहन हुआ खर्च भी देना होगा।
जिला उपभोक्ता आयोग में पहुंचे पीड़ित ने बताया कि 26 मई 2022 में उन्होंने मारुति सुजुकी कैब खरीदी थी। इसके बाद इंश्योरेंस कंपनी से 26 मई 2022 से 25 मई 2023 तक गाड़ी की इंश्योरेंस करवाई। गाड़ी के दस्तावेज बनवाकर परिवहन विभाग के पास जमा करवाए। दो जून 2022 को दोपहर दो बजे के करीब कांगड़ा जिले में उनकी कैब के आगे अचानक लावारिश मवेशी आ गया। इसे बचाने के चक्कर में कैब दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटना के बाद सर्वेयर, पुलिस टीम ने घटनास्थल का जायजा लेकर रिपोर्ट तैयार की। नुकसान का मूल्यांकन 2,60,046 रुपये आंका गया। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उन्होंने इंश्योरेंस कंपनी को दस्तावेज सौंपकर मुआवजा राशि के लिए आवेदन किया। दो माह तक तफ्तीश के बाद कंपनी ने इंश्योरेंस की राशि देने से मना कर दिया। इसके बाद पीड़ित ने जिला उपभोक्ता आयोग में केस दायर किया। आयोग के अध्यक्ष हिमांशु मिश्रा ने इंश्योंरेंस कंपनी को एक लाख 30 हजार रुपये 9 प्रतिशत ब्याज सहित देने के आदेश दिए हैं। इंश्योरेंस कंपनी की ओर से पीड़ित को 15 हजार रुपये मुकदमे बाजी के खर्च के रूप में भी देने होंगे।
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