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Chamba News: भलेई कॉलेज के विलय पर फूटा गुस्सा, साढ़े चार घंटे चक्काजाम
Fri, 10 Jul 2026 10:59 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 10 Jul 2026 10:59 PM IST
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चंबा भलेई कॉलेज को बहाल करने की मांग को लेकर चक्का जाम करते ग्रामीण। संवाद
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सुबह 9:30 बजे सड़क पर उतर आए 16 पंचायतों के ग्रामीण, महिलाओं की संख्या रही ज्यादा
तहसीलदार और एसडीएम सलूणी के आश्वासन मिलने पर दोपहर 2:00 बजे बहाल हो पाया मार्ग
प्रदर्शनकारियों ने जाने दीं एंबुलेंस, निजी आपातकालीन, सिलिंडर ले जा रहे वाहन भी नहीं रोके
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भलेई कॉलेज के विलय के आदेश ने शुक्रवार को 16 पंचायतों के लोगों का सब्र तोड़ दिया। सैकड़ों अभिभावक, महिलाएं और ग्रामीण सुबह साढ़े नौ बजे सड़क पर उतर आए और सुंडला-खैरी मार्ग पर चक्का जाम कर सरकार के फैसले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। करीब साढ़े चार घंटे तक चले विरोध के बाद एसडीएम और तहसीलदार के आश्वासन पर दोपहर दो बजे यातायात बहाल हुआ। ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि कॉलेज बचाने की लड़ाई अभी थमी नहीं है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
तेलका (चंबा)। राजकीय महाविद्यालय भलेई के विलय के आदेशों के विरोध में शुक्रवार को 16 पंचायतों के अभिभावक और ग्रामीण सड़क पर उतर आए। शुक्रवार सुबह 9:30 बजे क्षेत्र की 16 पंचायतों के करीब 350 पंचायत प्रतिनिधियों, पूर्व, प्रतिनिधियों और अभिभावकों ने सुंडला-खैरी मार्ग पर भलेई नामक स्थान पर चक्काजाम कर दिया। चक्का जाम में महिलाएं भी अधिक संख्या में शामिल रहीं। महिलाएं और ग्रामीण भलेई महाविद्यालय को चंबा कॉलेज में विलय न करने और रिक्त प्रवक्ताओं के पदों को भरने की मांग करती नजर आए। सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं।
प्रदर्शनकारियों ने दो एंबुलेंस, निजी आपातकालीन वाहनों और एलपीजी सिलिंडर ले जा रहे वाहनों को जाने दिया। सूचना मिलने के बाद सुबह 10:30 बजे नायब तहसीलदार और पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीण अपनी मांग पर डटे रहे। प्रधान पवन भारद्वाज, उपप्रधान भूपेंद्र सिंह, प्रधान रोशन, उपप्रधान अश्वनी, पूर्व प्रधान राज कुमार, घिंद्र सिंह, वीरेंद्र, राकेश कुमार, दिनेश मांडला, संदीप चौहान ने कहा कि कॉलेज पहले से ही शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है। चार वर्षों से केवल हिंदी विषय के एक प्रवक्ता के भरोसे शिक्षण कार्य चल रहा है। अन्य पद रिक्त हैं। सरकार कॉलेज का विलय करने के बजाय रिक्त पदों को भरे। कॉलेज से करीब 350 विद्यार्थी और भलेई, ब्रंगाल, वांगल, औरा, सिमणी, हड़ला, भुनाड़, नड्डल, ठाकरीमट्टी, अथेड़, करवाल, चंडी, लडोग, चकलू, चौहड़ा और शेरपुर सहित 16 पंचायतों के छात्र-छात्राएं जुड़े हैं। इनमें छात्राओं की संख्या अधिक है। सरकार इसका विलय करने पर तुली है।
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तहसीलदार ने दिया सरकार तक बात पहुंचाने का आश्वासन
करीब 11 बजे तहसीलदार और एसडीएम सलूणी चंद्रवीर मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की मांग सुनी और आश्वस्त किया कि उनकी मांगे सरकार तक प्रमुखता से पहुंचाई जाएगी। प्रदर्शनकारियों को एक समिति बना कर उनके सलूणी में आकर मिलने की बात कही। इसके बाद दोपहर करीब 2 बजे प्रदर्शनकारियों ने यातायात बहाल किया। एसडीएम चंद्रवीर सिंह ने बताया कि लोग भलेई कॉलेज का विलय करने और प्रवक्ताओं के पद भरने की मांग कर रहे हैं। उन्हें आश्वस्त किया गया कि सरकार को इस बारे ज्ञापन भेज कर अवगत करवाया जाएगा। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने चक्का जाम खोल दिया।
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तहसीलदार और एसडीएम सलूणी के आश्वासन मिलने पर दोपहर 2:00 बजे बहाल हो पाया मार्ग
प्रदर्शनकारियों ने जाने दीं एंबुलेंस, निजी आपातकालीन, सिलिंडर ले जा रहे वाहन भी नहीं रोके
भलेई कॉलेज के विलय के आदेश ने शुक्रवार को 16 पंचायतों के लोगों का सब्र तोड़ दिया। सैकड़ों अभिभावक, महिलाएं और ग्रामीण सुबह साढ़े नौ बजे सड़क पर उतर आए और सुंडला-खैरी मार्ग पर चक्का जाम कर सरकार के फैसले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। करीब साढ़े चार घंटे तक चले विरोध के बाद एसडीएम और तहसीलदार के आश्वासन पर दोपहर दो बजे यातायात बहाल हुआ। ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि कॉलेज बचाने की लड़ाई अभी थमी नहीं है।
संवाद न्यूज एजेंसी
तेलका (चंबा)। राजकीय महाविद्यालय भलेई के विलय के आदेशों के विरोध में शुक्रवार को 16 पंचायतों के अभिभावक और ग्रामीण सड़क पर उतर आए। शुक्रवार सुबह 9:30 बजे क्षेत्र की 16 पंचायतों के करीब 350 पंचायत प्रतिनिधियों, पूर्व, प्रतिनिधियों और अभिभावकों ने सुंडला-खैरी मार्ग पर भलेई नामक स्थान पर चक्काजाम कर दिया। चक्का जाम में महिलाएं भी अधिक संख्या में शामिल रहीं। महिलाएं और ग्रामीण भलेई महाविद्यालय को चंबा कॉलेज में विलय न करने और रिक्त प्रवक्ताओं के पदों को भरने की मांग करती नजर आए। सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं।
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प्रदर्शनकारियों ने दो एंबुलेंस, निजी आपातकालीन वाहनों और एलपीजी सिलिंडर ले जा रहे वाहनों को जाने दिया। सूचना मिलने के बाद सुबह 10:30 बजे नायब तहसीलदार और पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीण अपनी मांग पर डटे रहे। प्रधान पवन भारद्वाज, उपप्रधान भूपेंद्र सिंह, प्रधान रोशन, उपप्रधान अश्वनी, पूर्व प्रधान राज कुमार, घिंद्र सिंह, वीरेंद्र, राकेश कुमार, दिनेश मांडला, संदीप चौहान ने कहा कि कॉलेज पहले से ही शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है। चार वर्षों से केवल हिंदी विषय के एक प्रवक्ता के भरोसे शिक्षण कार्य चल रहा है। अन्य पद रिक्त हैं। सरकार कॉलेज का विलय करने के बजाय रिक्त पदों को भरे। कॉलेज से करीब 350 विद्यार्थी और भलेई, ब्रंगाल, वांगल, औरा, सिमणी, हड़ला, भुनाड़, नड्डल, ठाकरीमट्टी, अथेड़, करवाल, चंडी, लडोग, चकलू, चौहड़ा और शेरपुर सहित 16 पंचायतों के छात्र-छात्राएं जुड़े हैं। इनमें छात्राओं की संख्या अधिक है। सरकार इसका विलय करने पर तुली है।
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तहसीलदार ने दिया सरकार तक बात पहुंचाने का आश्वासन
करीब 11 बजे तहसीलदार और एसडीएम सलूणी चंद्रवीर मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की मांग सुनी और आश्वस्त किया कि उनकी मांगे सरकार तक प्रमुखता से पहुंचाई जाएगी। प्रदर्शनकारियों को एक समिति बना कर उनके सलूणी में आकर मिलने की बात कही। इसके बाद दोपहर करीब 2 बजे प्रदर्शनकारियों ने यातायात बहाल किया। एसडीएम चंद्रवीर सिंह ने बताया कि लोग भलेई कॉलेज का विलय करने और प्रवक्ताओं के पद भरने की मांग कर रहे हैं। उन्हें आश्वस्त किया गया कि सरकार को इस बारे ज्ञापन भेज कर अवगत करवाया जाएगा। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने चक्का जाम खोल दिया।