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Chamba News: क्रैश बैरियर होते तो बच सकती थीं अनमोल जिंदगियां
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Thu, 18 Jun 2026 10:55 PM IST
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चंबा चलूंज मार्ग पर मसरूंड के पास हुए हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोग जहां से गाड़ी गिरी।संवाद
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पुखरी-मसरूंड मार्ग पर दो किलोमीटर तक नहीं क्रैश बेरियर का नामोनिशान
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। खाई में गिरी सिर्फ बोलेरो नहीं थी, बल्कि सड़क सुरक्षा के दावों की हकीकत भी उसी के साथ नीचे चली गई। जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां करीब दो किलोमीटर तक क्रैश बैरियर का नामोनिशान नहीं है। स्थानीय लोगों का मानना है कि मौत की इस त्रासदी में सिर्फ वाहन की चूक नहीं, बल्कि सुरक्षा इंतजामों की कमी भी एक बड़ा कारण बनकर सामने आई है।
पुखरी-मसरूंड मार्ग पर छतरूंड के समीप हुए हादसे ने सड़क सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने कहा कि दुर्घटनास्थल पर स्टील के क्रैश बैरियर होते तो वाहन गहरी खाई में नहीं गिरता। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस मार्ग पर करीब दो किलोमीटर तक स्टील के क्रैश बैरियर नहीं लगाए गए हैं। कई बार प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से मांग की गई लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों के अनुसार बीते कुछ वर्षों में इसी क्षेत्र में पिकअप, कार और चार बाइक दुर्घटनाओं में सात लोगों की जान जा चुकी है। यदि विभाग ने पूर्व में हुई दुर्घटनाओं से सबक लेते हुए समय रहते सुरक्षा उपाय किए होते तो हालिया बोलेरो हादसे में जान-माल का नुकसान कम किया जा सकता था। ग्रामीणों ने कहा कि पुखरी-मसरूंड मार्ग के कई हिस्से दुर्घटना की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील हैं लेकिन यहां सुरक्षा के प्रबंध नहीं हैं। उधर, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता जोगेंद्र शर्मा ने बताया कि मार्ग पर स्टील के क्रैश बैरियर लगाने के लिए अभी तक आवश्यक बजट उपलब्ध नहीं हुआ है। कहा कि जैसे ही फंड प्राप्त होगा, संवेदनशील स्थानों पर क्रैश बैरियर लगाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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- पुखरी-मसरूंड मार्ग के कई हिस्से दुर्घटना की दृष्टि से संवेदनशील हैं लेकिन पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं। - कर्म चंद
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मार्ग पर करीब दो किमी के दायरे में क्रैश बैरियर नहीं हैं। विभाग अपनी कमियां दूर करने की दिशा में गंभीरता नहीं दिखा रहा है। - रमेश कुमार
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खतरनाक मोड़ों और गहरी खाइयों वाले क्षेत्रों में स्टील के क्रैश बैरियर लगाए जाने चाहिए जिससे दुर्घटना की स्थिति में वाहन खाई में न गिरें। - त्रिलोक ठाकुर, पूर्व बीडीसी सदस्य।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। खाई में गिरी सिर्फ बोलेरो नहीं थी, बल्कि सड़क सुरक्षा के दावों की हकीकत भी उसी के साथ नीचे चली गई। जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां करीब दो किलोमीटर तक क्रैश बैरियर का नामोनिशान नहीं है। स्थानीय लोगों का मानना है कि मौत की इस त्रासदी में सिर्फ वाहन की चूक नहीं, बल्कि सुरक्षा इंतजामों की कमी भी एक बड़ा कारण बनकर सामने आई है।
पुखरी-मसरूंड मार्ग पर छतरूंड के समीप हुए हादसे ने सड़क सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने कहा कि दुर्घटनास्थल पर स्टील के क्रैश बैरियर होते तो वाहन गहरी खाई में नहीं गिरता। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस मार्ग पर करीब दो किलोमीटर तक स्टील के क्रैश बैरियर नहीं लगाए गए हैं। कई बार प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से मांग की गई लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों के अनुसार बीते कुछ वर्षों में इसी क्षेत्र में पिकअप, कार और चार बाइक दुर्घटनाओं में सात लोगों की जान जा चुकी है। यदि विभाग ने पूर्व में हुई दुर्घटनाओं से सबक लेते हुए समय रहते सुरक्षा उपाय किए होते तो हालिया बोलेरो हादसे में जान-माल का नुकसान कम किया जा सकता था। ग्रामीणों ने कहा कि पुखरी-मसरूंड मार्ग के कई हिस्से दुर्घटना की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील हैं लेकिन यहां सुरक्षा के प्रबंध नहीं हैं। उधर, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता जोगेंद्र शर्मा ने बताया कि मार्ग पर स्टील के क्रैश बैरियर लगाने के लिए अभी तक आवश्यक बजट उपलब्ध नहीं हुआ है। कहा कि जैसे ही फंड प्राप्त होगा, संवेदनशील स्थानों पर क्रैश बैरियर लगाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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- पुखरी-मसरूंड मार्ग के कई हिस्से दुर्घटना की दृष्टि से संवेदनशील हैं लेकिन पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं। - कर्म चंद
मार्ग पर करीब दो किमी के दायरे में क्रैश बैरियर नहीं हैं। विभाग अपनी कमियां दूर करने की दिशा में गंभीरता नहीं दिखा रहा है। - रमेश कुमार
खतरनाक मोड़ों और गहरी खाइयों वाले क्षेत्रों में स्टील के क्रैश बैरियर लगाए जाने चाहिए जिससे दुर्घटना की स्थिति में वाहन खाई में न गिरें। - त्रिलोक ठाकुर, पूर्व बीडीसी सदस्य।