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Chamba News: भोड़ास के लोगों का डीसी कार्यालय के बाद प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 10 Apr 2026 10:54 PM IST
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चंबा उपायुक्त कार्यालय के बाहर आपदा राहत सहायता प्रदान करने की मांग को लेकरप्रदर्शन करते प्रदे
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भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य जय सिंह की अगुवाई में बोला हल्ला
आपदा राहत एवं पुनर्वास सहायता देने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य जय सिंह की अगुवाई में पंचायत मंगली के गांव भोड़ास के लोगों ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
उन्होंने जिला प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। इसके बाद उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। कुलदीप, बलदेव, भागीरथ प्रभ दयाल, पुरुषोत्तम और मनोरथ ने आपदा राहत एवं पुनर्वास सहायता देने की मांग उठाई। ग्रामीणों ने बताया कि अगस्त 2025 में भारी वर्षा और प्राकृतिक आपदा के कारण उनके रिहायशी मकानों को गंभीर क्षति पहुंची है। भूस्खलन और दरारों के चलते कई मकान रहने योग्य नहीं बचे हैं। इससे प्रभावित परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ितों का कहना है कि वे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से संबंधित हैं और अपने स्तर पर मकानों की मरम्मत या पुनर्निर्माण करने में असमर्थ हैं। अब तक उन्हें किसी प्रकार की राहत राशि या मुआवजा नहीं मिला है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि आपदा के बाद से उन्हें अपेक्षित सरकारी सहायता नहीं मिल पाई है। इससे उनकी स्थिति और अधिक दयनीय हो गई है।
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आपदा राहत एवं पुनर्वास सहायता देने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य जय सिंह की अगुवाई में पंचायत मंगली के गांव भोड़ास के लोगों ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
उन्होंने जिला प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। इसके बाद उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। कुलदीप, बलदेव, भागीरथ प्रभ दयाल, पुरुषोत्तम और मनोरथ ने आपदा राहत एवं पुनर्वास सहायता देने की मांग उठाई। ग्रामीणों ने बताया कि अगस्त 2025 में भारी वर्षा और प्राकृतिक आपदा के कारण उनके रिहायशी मकानों को गंभीर क्षति पहुंची है। भूस्खलन और दरारों के चलते कई मकान रहने योग्य नहीं बचे हैं। इससे प्रभावित परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ितों का कहना है कि वे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से संबंधित हैं और अपने स्तर पर मकानों की मरम्मत या पुनर्निर्माण करने में असमर्थ हैं। अब तक उन्हें किसी प्रकार की राहत राशि या मुआवजा नहीं मिला है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि आपदा के बाद से उन्हें अपेक्षित सरकारी सहायता नहीं मिल पाई है। इससे उनकी स्थिति और अधिक दयनीय हो गई है।