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Chamba News: विकास की कटिंग ने घोंट दीं पानी की सांसें
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 10 Apr 2026 10:58 PM IST
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जलस्त्रोत के समीप फैंका जा रहा सड़क कटाई का मलबा। संवाद।
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ग्राउंड रिपोर्ट
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विकास की कटिंग ने घोंट दीं पानी की सांसें
दलगणा के समीप सड़क की कटिंग का काम चलने से शहर में नहीं मिल रहा पीने का पानी
लोगों का आरोप - मलबे की डंपिंग सही ढंग से न होने से पेयजल स्रोत में मिल रही मिट्टी
मिट्टीनुमा पानी मिलने से महामारी फैलने का खतरा, हल्की बारिश होने पर ठप हो रही सप्लाई
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विकास की धूल जब व्यवस्था की नसों में भरने लगे तो सबसे पहले असर जिंदगी की आम बुनियादी जरूरतों पर पड़ता है। चंबा शहर के मोहल्लों में इन दिनों कुछ ऐसा ही हाल है। सड़क निर्माण का मलबा सिर्फ जमीन पर नहीं, बल्कि लोगों के घरों तक पहुंचने वाले पानी के रास्तों को भी रोक रहा है। मामूली बारिश भी हजारों लोगों के लिए पानी की किल्लत का कारण बन रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। लोक निर्माण विभाग शहर की सड़कों की कटिंग का कार्य युद्ध स्तर पर करवा रहा है। संबंधित ठेकेदार कटिंग से निकलने वाला मलबा सही जगह डंप नहीं कर रहा है। गागला-धुलाड़ा मार्ग पर दलगणा के समीप भी सड़क को चौड़ा करने का काम चल रहा है। मलबे की डंपिंग सही ढंग से नहीं की जा रही है। इसका सबसे ज्यादा असर शहर के मोहल्लों की पेयजल आपूर्ति पर पड़ रहा है। जरा सी बारिश होने पर यह मलबा बारिश के पानी के साथ जल स्रोत में पहुंच रहा है। लोगों को मिट्टीनुमा पानी की आपूर्ति हो रही है। इससे महामारी भी फैल सकती है। इस बारे में लोग जल शक्ति विभाग को कई बार अवगत करवा चुके हैं मगर हालात नहीं सुधरे हैं। गत दिनों हुई बारिश के कारण जल स्रोत में मलबा आ गया है। करीब 36 घंटों तक हरदासपुरा, आदर्श नगर, सराजका, मुगला और मिंडा क्षेत्र की पानी की आपूर्ति बाधित रही।
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हजारों की आबादी तक इसी स्रोत से पहुंचता है पानी
यह जलस्रोत तीस से चालीस वर्ष पुराना है। शहर के इन मोहल्लों में पानी की आपूर्ति इसी जल स्रोत से होती है। हजारों की आबादी तक पानी पहुंचता है। पिछले करीब छह माह से यहां कटिंग का कार्य चल रहा है। इससे बारिश के दौरान मिट्टी आने के चलते पेयजल किल्लत की समस्या पेश आती है।
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इस बारे में जानकारी मिली है। जल्द ही लोक निर्माण विभाग को दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे और समस्या का समाधान करवाया जाएगा। - मुकेश रेपसवाल, उपायुक्त
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लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता जोगेंद्र शर्मा ने बताया कि मामला ध्यान में लाया गया है। इसकी जांच के लिए जेई को मौके पर भेज रिपोर्ट ली जाएगी।
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जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता दीपक शर्मा ने बताया कि अक्सर मलबा फेंकने से पेयजल लाइन टूट जाती है। लोनिवि को विकास करवाने के चक्कर में विभाग का नुकसान नहीं करना चाहिए।
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परिचर्चा
वर्तमान में अगर सड़क कटाई का मलबा व्यवस्थित तरीके से डंप नहीं हुआ तो बरसात के मौसम में शहर के इन मोहल्लों में पेयजल किल्लत सामने आएगी। - सार्थक कुमार
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शहर के इन मोहल्लों के लिए इसी जलस्रोत से पानी की आपूर्ति होती है। इस समस्या का समाधान जलशक्ति विभाग को प्रमुखता से करना चाहिए। - मेहुल कुमार
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बारिश की वजह से करीब 36 घंंटों तक शहर में पानी की सप्लाई नहीं हुई। जल स्रोत में मिट्टी आने के कारण लोगों को परेशानियां हुईं। विभाग जल्द समाधान करे। - राज कुमार
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शहर में हरदासपुरा क्षेत्र सबसे बड़ा है। यहां आठ से भी ज्यादा घर हैं। पेयजल किल्लत होने से लोगों की दिक्कतें बढ़ती हैं। समय रहते विभाग को इसकी सुध लेनी चाहिए। - नीरज कुमार
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विकास की कटिंग ने घोंट दीं पानी की सांसें
दलगणा के समीप सड़क की कटिंग का काम चलने से शहर में नहीं मिल रहा पीने का पानी
लोगों का आरोप - मलबे की डंपिंग सही ढंग से न होने से पेयजल स्रोत में मिल रही मिट्टी
मिट्टीनुमा पानी मिलने से महामारी फैलने का खतरा, हल्की बारिश होने पर ठप हो रही सप्लाई
विकास की धूल जब व्यवस्था की नसों में भरने लगे तो सबसे पहले असर जिंदगी की आम बुनियादी जरूरतों पर पड़ता है। चंबा शहर के मोहल्लों में इन दिनों कुछ ऐसा ही हाल है। सड़क निर्माण का मलबा सिर्फ जमीन पर नहीं, बल्कि लोगों के घरों तक पहुंचने वाले पानी के रास्तों को भी रोक रहा है। मामूली बारिश भी हजारों लोगों के लिए पानी की किल्लत का कारण बन रही है।
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। लोक निर्माण विभाग शहर की सड़कों की कटिंग का कार्य युद्ध स्तर पर करवा रहा है। संबंधित ठेकेदार कटिंग से निकलने वाला मलबा सही जगह डंप नहीं कर रहा है। गागला-धुलाड़ा मार्ग पर दलगणा के समीप भी सड़क को चौड़ा करने का काम चल रहा है। मलबे की डंपिंग सही ढंग से नहीं की जा रही है। इसका सबसे ज्यादा असर शहर के मोहल्लों की पेयजल आपूर्ति पर पड़ रहा है। जरा सी बारिश होने पर यह मलबा बारिश के पानी के साथ जल स्रोत में पहुंच रहा है। लोगों को मिट्टीनुमा पानी की आपूर्ति हो रही है। इससे महामारी भी फैल सकती है। इस बारे में लोग जल शक्ति विभाग को कई बार अवगत करवा चुके हैं मगर हालात नहीं सुधरे हैं। गत दिनों हुई बारिश के कारण जल स्रोत में मलबा आ गया है। करीब 36 घंटों तक हरदासपुरा, आदर्श नगर, सराजका, मुगला और मिंडा क्षेत्र की पानी की आपूर्ति बाधित रही।
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हजारों की आबादी तक इसी स्रोत से पहुंचता है पानी
यह जलस्रोत तीस से चालीस वर्ष पुराना है। शहर के इन मोहल्लों में पानी की आपूर्ति इसी जल स्रोत से होती है। हजारों की आबादी तक पानी पहुंचता है। पिछले करीब छह माह से यहां कटिंग का कार्य चल रहा है। इससे बारिश के दौरान मिट्टी आने के चलते पेयजल किल्लत की समस्या पेश आती है।
इस बारे में जानकारी मिली है। जल्द ही लोक निर्माण विभाग को दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे और समस्या का समाधान करवाया जाएगा। - मुकेश रेपसवाल, उपायुक्त
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता जोगेंद्र शर्मा ने बताया कि मामला ध्यान में लाया गया है। इसकी जांच के लिए जेई को मौके पर भेज रिपोर्ट ली जाएगी।
जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता दीपक शर्मा ने बताया कि अक्सर मलबा फेंकने से पेयजल लाइन टूट जाती है। लोनिवि को विकास करवाने के चक्कर में विभाग का नुकसान नहीं करना चाहिए।
परिचर्चा
वर्तमान में अगर सड़क कटाई का मलबा व्यवस्थित तरीके से डंप नहीं हुआ तो बरसात के मौसम में शहर के इन मोहल्लों में पेयजल किल्लत सामने आएगी। - सार्थक कुमार
शहर के इन मोहल्लों के लिए इसी जलस्रोत से पानी की आपूर्ति होती है। इस समस्या का समाधान जलशक्ति विभाग को प्रमुखता से करना चाहिए। - मेहुल कुमार
बारिश की वजह से करीब 36 घंंटों तक शहर में पानी की सप्लाई नहीं हुई। जल स्रोत में मिट्टी आने के कारण लोगों को परेशानियां हुईं। विभाग जल्द समाधान करे। - राज कुमार
शहर में हरदासपुरा क्षेत्र सबसे बड़ा है। यहां आठ से भी ज्यादा घर हैं। पेयजल किल्लत होने से लोगों की दिक्कतें बढ़ती हैं। समय रहते विभाग को इसकी सुध लेनी चाहिए। - नीरज कुमार