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Chamba News: सलूणी कॉलेज में हिंदी भाषा की उपयोगिता पर डाला प्रकाश
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Thu, 19 Mar 2026 10:46 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सलूणी (चंबा)। राजकीय महाविद्यालय सलूणी में आयोजित आईसीएसएसआर-एनडब्ल्यूआरसी प्रायोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के तहत सलूणी लिटरेरी कॉन्क्लेव-2026 का गुरुवार को समापन हुआ। इसमें देशभर से आए शिक्षाविदों, शोधार्थियों और प्रतिभागियों ने भाग लिया।
समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में इन्फिनिटी इंडिया ग्रुप की सीईओ शीतल मिन्हास उपस्थित रहीं। उन्होंने हिंदी भाषा की व्यापकता, उसकी वैश्विक स्वीकार्यता तथा समकालीन संदर्भ में उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रतिभागियों को ऐसे अकादमिक आयोजनों में निरंतर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। साथ ही आयोजकों के प्रयासों की सराहना की।
इस दौरान वैज्ञानिक संचालन समिति के सदस्य डॉ. संतोष कुमार ने संगोष्ठी का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने दो दिनों तक चले विभिन्न सत्रों, शोध पत्र प्रस्तुतियों और महत्वपूर्ण निष्कर्षों का विवरण साझा किया। इसमें हिंदी भाषा, साहित्य और उत्तर-औपनिवेशिक विमर्श के विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा शामिल रही।
संगोष्ठी में शोध पत्र प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। कार्यक्रम के अंत में सहायक आचार्य दिनेश कुमार ने सभी का आभार व्यक्त किया।
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सलूणी (चंबा)। राजकीय महाविद्यालय सलूणी में आयोजित आईसीएसएसआर-एनडब्ल्यूआरसी प्रायोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के तहत सलूणी लिटरेरी कॉन्क्लेव-2026 का गुरुवार को समापन हुआ। इसमें देशभर से आए शिक्षाविदों, शोधार्थियों और प्रतिभागियों ने भाग लिया।
समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में इन्फिनिटी इंडिया ग्रुप की सीईओ शीतल मिन्हास उपस्थित रहीं। उन्होंने हिंदी भाषा की व्यापकता, उसकी वैश्विक स्वीकार्यता तथा समकालीन संदर्भ में उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रतिभागियों को ऐसे अकादमिक आयोजनों में निरंतर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। साथ ही आयोजकों के प्रयासों की सराहना की।
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इस दौरान वैज्ञानिक संचालन समिति के सदस्य डॉ. संतोष कुमार ने संगोष्ठी का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने दो दिनों तक चले विभिन्न सत्रों, शोध पत्र प्रस्तुतियों और महत्वपूर्ण निष्कर्षों का विवरण साझा किया। इसमें हिंदी भाषा, साहित्य और उत्तर-औपनिवेशिक विमर्श के विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा शामिल रही।
संगोष्ठी में शोध पत्र प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। कार्यक्रम के अंत में सहायक आचार्य दिनेश कुमार ने सभी का आभार व्यक्त किया।