{"_id":"6a313186bfedd4b6650ed3c7","slug":"shepherd-injured-in-monkey-attack-near-saundal-chamba-news-c-88-1-ssml1004-186902-2026-06-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: सौंदल के पास बंदरों के हमले में चरवाहा घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: सौंदल के पास बंदरों के हमले में चरवाहा घायल
विज्ञापन
बंदर के हमले से घायल व्यक्ति अपनी पीठ दिखाता हुआ। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बंदरों के बढ़ते आतंक से ग्रामीणों में दहशत
बंदरों ने कुत्ते पर भी हमला बोल कर किया घायल
स्कूल और आंगनबाड़ी के बच्चों की सुरक्षा पर सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
मैहला (चंबा)। मैहला क्षेत्र में बंदरों के बढ़ते आतंक से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। बकरियां चराकर घर लौट रहे बैंसका मोहल्ला निवासी देशराज पुत्र बलदेव पर सौंदल के पास बंदरों के झुंड ने अचानक हमला कर दिया। चरवाहे के हाथ में डंडा होने के कारण उन्होंने किसी तरह अपनी जान बचाई लेकिन इस दौरान एक बंदर ने उनकी पीठ पर नाखून मारकर उन्हें घायल कर दिया। घायल अवस्था में उन्होंने चंबा पहुंचकर उपचार के लिए टीका लगवाया।
वहीं, बड़ेई गांव में मंगलवार दोपहर एक बजे के करीब बंदरों ने एक कुत्ते पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। हमले में कुत्ते के पेट में जख्म हो गए हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं से क्षेत्र के लोगों में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि प्राथमिक विद्यालय लुहारका और आंगनबाड़ी केंद्र में लगभग 26 बच्चे पढ़ते हैं। इससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी अब चिंता सताने लगी है। अध्यापिकाओं सोनिका शर्मा और सुषमा ने बताया कि स्कूल समय के दौरान बच्चों को सुरक्षित घर तक छोड़ना चुनौतीपूर्ण हो गया है। वहीं, कुछ दिन पूर्व हरदासपुरा वार्ड के लाहड़ी मोहल्ले में बंदरों के हमले में एक महिला समेत पांच लोग घायल हुए थे। ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से बंदरों के बढ़ते आतंक पर जल्द नियंत्रण करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
सीएमओ चंबा डॉ. जालम भारद्वाज ने बताया कि बंदर के हमले से चोट लगी है तो तुरंत घाव को बहते साफ पानी और साबुन से 10-15 मिनट तक धोएं। संक्रमण से बचने के लिए तुरंत एंटीसेप्टिक दवा लगाएं। बंदरों के काटने से रेबीज और अन्य बीमारियों का खतरा रहता है। जल्द किसी नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र जाकर एंटी-रेबीज का इंजेक्शन लगवाएं।
विज्ञापन
बंदरों ने कुत्ते पर भी हमला बोल कर किया घायल
स्कूल और आंगनबाड़ी के बच्चों की सुरक्षा पर सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
मैहला (चंबा)। मैहला क्षेत्र में बंदरों के बढ़ते आतंक से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। बकरियां चराकर घर लौट रहे बैंसका मोहल्ला निवासी देशराज पुत्र बलदेव पर सौंदल के पास बंदरों के झुंड ने अचानक हमला कर दिया। चरवाहे के हाथ में डंडा होने के कारण उन्होंने किसी तरह अपनी जान बचाई लेकिन इस दौरान एक बंदर ने उनकी पीठ पर नाखून मारकर उन्हें घायल कर दिया। घायल अवस्था में उन्होंने चंबा पहुंचकर उपचार के लिए टीका लगवाया।
वहीं, बड़ेई गांव में मंगलवार दोपहर एक बजे के करीब बंदरों ने एक कुत्ते पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। हमले में कुत्ते के पेट में जख्म हो गए हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं से क्षेत्र के लोगों में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि प्राथमिक विद्यालय लुहारका और आंगनबाड़ी केंद्र में लगभग 26 बच्चे पढ़ते हैं। इससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी अब चिंता सताने लगी है। अध्यापिकाओं सोनिका शर्मा और सुषमा ने बताया कि स्कूल समय के दौरान बच्चों को सुरक्षित घर तक छोड़ना चुनौतीपूर्ण हो गया है। वहीं, कुछ दिन पूर्व हरदासपुरा वार्ड के लाहड़ी मोहल्ले में बंदरों के हमले में एक महिला समेत पांच लोग घायल हुए थे। ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से बंदरों के बढ़ते आतंक पर जल्द नियंत्रण करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सीएमओ चंबा डॉ. जालम भारद्वाज ने बताया कि बंदर के हमले से चोट लगी है तो तुरंत घाव को बहते साफ पानी और साबुन से 10-15 मिनट तक धोएं। संक्रमण से बचने के लिए तुरंत एंटीसेप्टिक दवा लगाएं। बंदरों के काटने से रेबीज और अन्य बीमारियों का खतरा रहता है। जल्द किसी नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र जाकर एंटी-रेबीज का इंजेक्शन लगवाएं।