{"_id":"6a74c3789c98f1410e01e6c4","slug":"the-trophy-has-arrived-but-payment-has-not-yet-been-made-chamba-news-c-88-1-ssml1004-192335-2026-08-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: ट्रॉफी घर पहुंची, भुगतान अभी नहीं हुआ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: ट्रॉफी घर पहुंची, भुगतान अभी नहीं हुआ
Thu, 06 Aug 2026 10:55 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Thu, 06 Aug 2026 10:55 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खेल संघों को अब तक नहीं मिला पारिश्रमिक, विजेता-उपविजेता टीमें भी कर रहीं इंतजार
अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले की खेल स्पर्धाओं के विजेताओं को अभी नहीं हो पाया है भुगतान
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। मिंजर मेले की खेल स्पर्धाओं में तालियों की गूंज थम चुकी है लेकिन मेहनत का हिसाब अब भी बाकी है। मैदान पर पसीना बहाने वाले खेल संघ और जीत का जश्न मनाने वाली टीमें अब भुगतान के इंतजार में हैं। चार दिन बाद भी मेहनताना और पुरस्कार राशि जारी न होने से खिलाड़ियों और आयोजकों में नाराजगी बढ़ने लगी है।
मिंजर मेले के दौरान जिला मुख्यालय में वॉलीबाल, कबड्डी, बैडमिंटन और मुक्केबाजी सहित विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। इनमें हिमाचल के अलावा पंजाब समेत अन्य राज्यों से भी कई टीमों ने भाग लिया। प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन के लिए विभिन्न खेल संघों ने अपने स्तर पर तकनीकी अधिकारियों, रेफरी और अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी निभाई। प्रतियोगिताएं संपन्न होने के बावजूद खेल संघों को उनके मेहनताने का भुगतान नहीं किया गया है। विजेता और उपविजेता टीमों के लिए घोषित पुरस्कार राशि भी अभी तक जारी नहीं हुई है। इससे खिलाड़ी और टीम प्रबंधन खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। बाहरी राज्यों से आई टीमों ने भी भुगतान में हो रही देरी पर हैरानी जताई है।
नाम न बताने की शर्त पर खेल संघों के पदाधिकारियों ने बताया कि हर वर्ष मेले के दौरान प्रतियोगिताओं का आयोजन पूरी जिम्मेदारी के साथ कराया जाता है। इस बार भी प्रतियोगिताएं सफलतापूर्वक करवाई गईं लेकिन भुगतान लंबित रहने से उन्हें असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। यदि समय पर भुगतान नहीं होता है तो भविष्य में खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन को लेकर भी कठिनाइयां पैदा हो सकती हैं।
विज्ञापन
उधर, पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने बताया कि भुगतान की प्रक्रिया जारी है। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होते ही खेल संघों और विजेता-उपविजेता टीमों के खाते में राशि जारी कर दी जाएगी।
--
विज्ञापन
अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले की खेल स्पर्धाओं के विजेताओं को अभी नहीं हो पाया है भुगतान
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। मिंजर मेले की खेल स्पर्धाओं में तालियों की गूंज थम चुकी है लेकिन मेहनत का हिसाब अब भी बाकी है। मैदान पर पसीना बहाने वाले खेल संघ और जीत का जश्न मनाने वाली टीमें अब भुगतान के इंतजार में हैं। चार दिन बाद भी मेहनताना और पुरस्कार राशि जारी न होने से खिलाड़ियों और आयोजकों में नाराजगी बढ़ने लगी है।
मिंजर मेले के दौरान जिला मुख्यालय में वॉलीबाल, कबड्डी, बैडमिंटन और मुक्केबाजी सहित विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। इनमें हिमाचल के अलावा पंजाब समेत अन्य राज्यों से भी कई टीमों ने भाग लिया। प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन के लिए विभिन्न खेल संघों ने अपने स्तर पर तकनीकी अधिकारियों, रेफरी और अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी निभाई। प्रतियोगिताएं संपन्न होने के बावजूद खेल संघों को उनके मेहनताने का भुगतान नहीं किया गया है। विजेता और उपविजेता टीमों के लिए घोषित पुरस्कार राशि भी अभी तक जारी नहीं हुई है। इससे खिलाड़ी और टीम प्रबंधन खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। बाहरी राज्यों से आई टीमों ने भी भुगतान में हो रही देरी पर हैरानी जताई है।
विज्ञापन
नाम न बताने की शर्त पर खेल संघों के पदाधिकारियों ने बताया कि हर वर्ष मेले के दौरान प्रतियोगिताओं का आयोजन पूरी जिम्मेदारी के साथ कराया जाता है। इस बार भी प्रतियोगिताएं सफलतापूर्वक करवाई गईं लेकिन भुगतान लंबित रहने से उन्हें असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। यदि समय पर भुगतान नहीं होता है तो भविष्य में खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन को लेकर भी कठिनाइयां पैदा हो सकती हैं।
विज्ञापन
उधर, पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने बताया कि भुगतान की प्रक्रिया जारी है। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होते ही खेल संघों और विजेता-उपविजेता टीमों के खाते में राशि जारी कर दी जाएगी।