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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Dharamshala: Proposal to teach Tankri script in schools; subject experts held a meeting with the Board Chairma

धर्मशाला: स्कूलों में टांकरी लिपि पढ़ाने का सुझाव, विषय विशेषज्ञों ने बोर्ड अध्यक्ष के साथ की बैठक

Fri, 24 Jul 2026 09:26 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला।
अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला। Published by: Krishan Singh Updated Fri, 24 Jul 2026 09:26 PM IST
सार

स्कूलों में टांकरी लिपि की पढ़ाई शुरू हो सकती है। इस लिपि को शुरू करने का सुझाव शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में दिया गया। 

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Dharamshala: Proposal to teach Tankri script in schools; subject experts held a meeting with the Board Chairma
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड। - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में टांकरी लिपि की पढ़ाई शुरू हो सकती है। इस लिपि को शुरू करने का सुझाव शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में दिया गया। बैठक में विषय विशेषज्ञों, शिक्षा सुधारों और विद्यार्थी हित से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। विषय विशेषज्ञ प्रतिनिधियों ने विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विद्यार्थियों के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार एवं सुझाव साझा किए। इस दौरान शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी, छात्र केंद्रित एवं भविष्य उन्मुख बनाने के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की।

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बैठक के दौरान हिमाचल की स्थानीय भाषाओं एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विद्यालयी पाठ्यक्रम में हिमाचली भाषा (टांकरी लिपि/भाषा) से संबंधित एक अध्याय शामिल करने का सुझाव दिया गया। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों में प्रभावी संवाद कौशल, मीडिया साक्षरता एवं अभिव्यक्ति क्षमता के विकास के लिए विद्यालयी पाठ्यक्रम में मास कम्युनिकेशन से संबंधित विषयवस्तु को भी सम्मिलित करने का सुझाव रखा गया। बैठक में विद्यार्थियों के लिए विद्यालय स्तर पर कॅरिअर काउंसलिंग और कॅरिअर गाइडेंस को नियमित रूप से संचालित करने तथा कक्षा 6वीं, 8वीं एवं 10वीं से ही विद्यार्थियों की रुचि, योग्यता एवं भविष्य की संभावनाओं के अनुरूप शिक्षकों द्वारा व्यवस्थित मार्गदर्शन प्रदान करने पर भी विशेष बल दिया गया।
 

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वहीं डॉ. राजेश शर्मा ने प्राप्त सुझावों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा बोर्ड विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा भविष्य उन्मुख शिक्षा व्यवस्था के लिए प्राप्त प्रत्येक रचनात्मक सुझाव का गंभीरता से अध्ययन करेगा। शिक्षा के क्षेत्र में विषय विशेषज्ञों के अनुभव एवं सुझाव शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, नवाचारी एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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