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Himachal: बेनामी भूमि सौदे में अब दंपती समेत चार पर एफआईआर दर्ज, गगल एयरपोर्ट और आसपास के क्षेत्रों का मामला

Tue, 18 Aug 2026 05:30 AM IST
Krishan Singh तनुज सैणी, धर्मशाला।
तनुज सैणी, धर्मशाला। Published by: Krishan Singh Updated Tue, 18 Aug 2026 05:30 AM IST
सार

विजिलेंस ने जमीन खरीदने के लिए इस्तेमाल की गई रकम के स्रोत की भी जांच की। रिपोर्ट के अनुसार, महिला के नाम खरीदी गई जमीन का भुगतान उसके अपने बैंक खाते से नहीं हुआ। 

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FIR registered against four individuals, including a couple, in a benami land deal case
एफआईआर(सांकेतिक)। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में गगल एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों में कथित बेनामी भूमि सौदे के मामले में विजिलेंस ने धर्मशाला थाने में दंपती, एक फर्म के संचालक और पटवार वृत्त खोली के तत्कालीन पटवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। बेनामी भूमि सौदों को लेकर यह दूसरी एफआईआर है। आरोप है कि एक महिला ने मई 2020 में कृषक प्रमाणपत्र हासिल किया था। प्रमाणपत्र में उसने खुद को टांडा के कछियारी निवासी एक व्यक्ति की पत्नी बताते हुए कृषक दर्शाया। राजस्व रिकॉर्ड की जांच में सामने आया कि संबंधित व्यक्ति की वास्तविक पत्नी का नाम अलग है। इससे प्रमाणपत्र में अपनी पहचान और वैवाहिक संबंध के संबंध में दी गई जानकारी प्रथमदृष्टया गलत पाई गई। आरोप है कि इसी प्रमाणपत्र के आधार पर महिला ने महाल कोहाला खास में कृषि भूमि खरीदी। बाद में इस खरीद को आधार बनाकर उसने दूसरा कृषक प्रमाणपत्र भी हासिल किया। इसके आधार पर मई 2023 में महाल पटारकर, पटवार वृत्त मटौर में 0-08-10 हेक्टेयर भूमि खरीदी गई।

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परिवार के सदस्य के नाम संचालित फर्म के खाते से जमीन का भुगतान
विजिलेंस ने जमीन खरीदने के लिए इस्तेमाल की गई रकम के स्रोत की भी जांच की। रिपोर्ट के अनुसार, महिला के नाम खरीदी गई जमीन का भुगतान उसके अपने बैंक खाते से नहीं हुआ। कथित तौर पर परिवार के एक सदस्य के नाम पर संचालित फर्म के बैंक खाते से चेक और नकद के माध्यम से भुगतान किया गया। जांच में पटवार वृत्त खोली के तत्कालीन पटवारी की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि गलत जानकारी सामने होने के बावजूद कृषक प्रमाणपत्र से संबंधित राजस्व दस्तावेज तैयार करने और उनके सत्यापन में मदद की गई। प्रमाणपत्र तैयार करने और जारी करने में अन्य अधिकारियों या व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
 

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धारा 118 के तहत लगे प्रतिबंधों का उल्लंघन
जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि गलत या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कृषक का दर्जा हासिल कर भूमि खरीदने से हिमाचल प्रदेश भू-जोत एवं काश्तकारी भूमि सुधार अधिनियम की धारा 118 का उल्लंघन हुआ है। अब मामले में राजस्व रिकॉर्ड, कृषक प्रमाणपत्रों की फाइलें, बिक्री विलेख, इंतकाल, बैंक खातों और भुगतान के स्रोत की जांच के साथ संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जाएंगे। लोक सेवक के खिलाफ भ्रष्टाचार के साक्ष्य मिलने पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है। इससे पहले कांगड़ा निवासी एक दंपती और परिवार की अन्य सदस्य के खिलाफ पिछले माह एफआईआर दर्ज की गई थी।
 

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